मिलिए एक्सीडेंटल एंटरप्रेन्योर चंद्रशेखरन से! बनाया कमाल का वॉटर प्यूरीफायर, मिनटों में साफ करेगा गंदा पानी

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Chandrasekharan J Water Purifier Story: प्लास्टिक इंजीनियर चंद्रशेखरन जे. ने बिना बिजली चलने वाला नेचुरल वॉटर प्यूरीफायर बनाया है. यह टेराफिल नैनो-तकनीक से गंदे पानी को पीने लायक बनाता है. खनिज बरकरार रखता है और पानी बर्बाद नहीं करता. 5 लाख यूनिट कई राज्यों में पहुंचाए गए हैं.

नई दिल्ली: गंदे से गंदे पानी को भी पीने लायक बनाने वाला वॉटर प्यूरीफायर का भारत में आविष्कार हो चुका है. यह ऐसा नेचुरल वॉटर प्यूरीफायर है जो गंदे से गंदे पानी को भी एकदम साफ कर देगा. यहां तक की बारिश के पानी को भी साफ करके पीने लायक बना देगा. यही नहीं इसमें किसी भी प्रकार की बिजली का इस्तेमाल नहीं करना होगा. इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी बहुत आसान है. इसे बनाया है प्लास्टिक इंजीनियर चंद्रशेखरन जे. ने जो खुद को एक्सीडेंटल एंटरप्रेन्योर कहते हैं. 58 वर्षीय चंद्रशेखरन जे. अब तक लगभग 5 लाख यही नेचुरल वॉटर प्यूरीफायर राजस्थान, नॉर्थ ईस्ट, झारखंड, बिहार, वेस्ट बंगाल समेत ऐसे कई राज्यों और इलाकों में पहुंचा है. जहां पर गंदा पानी पीने के लिए लोग मजबूर थे. जहां पर पानी की व्यवस्था न होने की वजह से लोग अपने बच्चों का स्कूल छुड़वा रहे थे.

ऐसे आया नेचुरल वॉटर प्यूरीफायर बनाने का आईडिया
भारत मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय ग्लोबल एक्वा एक्सपो जोकि पानी के ऊपर आधारित है उसमें चेन्नई के रहने वाले चंद्रशेखरन जे. ने अपने इस नेचुरल वॉटर प्यूरीफायर को लोगों के सामने प्रदर्शित किया तो देखने वाले देखते ही रह गए. खास बातचीत में चंद्रशेखरन जे. ने बताया कि उनकी कंपनी का नाम वत्सन वाटर फिल्टर (Watsan Water Filter) है.

उन्होंने बताया कि उन्होंने लगभग 35 साल एक बड़ी कंपनी में नौकरी की. करीब 45 साल की उम्र में प्लास्टिक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ चंद्रशेखरन तमिलनाडु के गांवों में मंदिर जीर्णोद्धार के लिए गए तो उन्होंने पानी से जूझ रहे लोगों को देखा था. यही नहीं वहां पर स्कूल में पानी की कमी के चलते बच्चों का बुरा हाल देखा था. लोगों से बातचीत में उन्हें पता चला था कि पानी की व्यवस्था स्कूल और वहां के शौचालय में न होने की वजह से लोग अपने बच्चों का स्कूल बंद करवा रहे थे. यहीं से उनकी एक नई राह मिली और उन्होंने ऐसा नेचुरल वॉटर प्यूरीफायर बना दिया. जो बिना बिजली के काम करता है. यह सीएसआईआर-आईएमएमटी की ‘टेराफिल’ नैनो-तकनीक का उपयोग करता है, जो पानी से हानिकारक बैक्टीरिया, गंदगी और आयरन को हटाता है जबकि जरूरी खनिज बनाए रखता है.

इस वजह से खास है यह वॉटर फिल्टर
चंद्रशेखरन जे. ने बताया कि जिस वाटर फिल्टर और नेचुरल वॉटर प्यूरीफायर को उन्होंने बनाया है उसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना बिजली के चलता है. इसे चलाने के लिए बिजली या बैटरी की आवश्यकता नहीं होती है. यह टेराफिल नैनो-कैंडल पर काम करता है यानी इसकी फिल्टर कैंडल नैनो-क्ले कणों से बनी होती है जो रोगाणुओं और अशुद्धियों को ऊपर ही रोक लेती है. खनिज संरक्षण की बात करें तो यह पानी से जरूरी खनिजों को नष्ट नहीं होने देता और पीएच स्तर को संतुलित रखता है. इसमें कोई वार्षिक रखरखाव अनुबंध नहीं लगता है. पानी की बचत भी इसमें होती है क्योंकि यह पारंपरिक आरओ (RO) फिल्टर की तरह पानी बर्बाद नहीं करता है.

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Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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