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दिल्ली की 12वीं की छात्राओं ने ‘आयुर केशव’ नाम से हर्बल तेल बनाया है. यह दादी-नानी के घरेलू नुस्खे पर आधारित है. इसमें एलोवेरा, कलौंजी, करी पत्ता और रोजमेरी का इस्तेमाल हुआ है. यह तेल बाल झड़ने से रोकता है और काले करता है. लोग इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं.
नई दिल्लीः दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्र लगातार नई मिसाल पेश कर रहे हैं .इस बार दिलशाद गार्डन के सी-ब्लॉक स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय की छात्राओं ने एक अनोखा स्टार्टअप शुरू किया है. 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली इन छात्राओं ने एक खास हर्बल तेल बाजार में उतारा है. छात्राओं का दावा है कि यह तेल बालों का झड़ना रोकता है और उन्हें काला बनाने में मदद करता है.
दादी-नानी घर पर करती थीं इस्तेमाल
इस स्टार्टअप को शुरू करने वाली छात्राओं में चित्रा बिष्ट, कनिका, खुशी पाठक, भूमिका, रागिनी और शिप्रा शामिल हैं. छात्रा खुशी पाठक के अनुसार उनकी दादी और नानी बरसों से घर पर यह तेल बनाकर इस्तेमाल करती थीं. इस तेल के इस्तेमाल से उनके बाल आज भी काले और मजबूत हैं. इसके बाद उनकी मां ने भी इस तेल का इस्तेमाल किया. खुशी को यहीं से इस नुस्खे को बिजनेस में बदलने का विचार आया. उन्होंने अपनी सहेलियों के साथ यह आइडिया शेयर किया और सबने मिलकर ‘आयुर केशव’ नाम से अपना ब्रांड शुरू किया.
इस तेल में क्या-क्या है?
छात्राओं ने दादी-नानी की इस पारंपरिक रेसिपी को बाजार तक पहुंचाने में सिर्फ आठ महीने का समय लिया. इस तेल को पूरी तरह से प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार किया गया है. छात्रा चित्रा बिष्ट ने बताया कि तेल में एलोवेरा, मेथी दाना, कलौंजी, करी पत्ता और रोजमेरी जैसे हर्बल सामान का इस्तेमाल किया गया है. यह पूरी तरह से केमिकल-फ्री और हर्बल प्रोडक्ट है.
जानें तेल की कीमत
छात्राओं ने इस तेल की पैकेजिंग भी दिल्ली में ही कराई है, ताकि यह दिखने में आकर्षक लगे. इसकी कीमत भी बहुत सस्ती रखी गई है, जिससे हर कोई इसे आसानी से खरीद सके. इसके दो अलग-अलग साइज वाले प्रोडक्ट की कीमत 169 रुपये और 179 रुपये तय की गई है.
छात्राएं इस तेल को ऑनलाइन माध्यमों से भी बेच रही हैं. अब तक वे 4000 रुपये का तेल बेच चुकी हैं. लोगों को यह हर्बल तेल काफी पसंद आ रहा है. इस तरह सरकारी स्कूल की इन बच्चियों ने अपनी मेहनत और समझदारी से दादी-नानी के घरेलू नुस्खे को एक सफल बिजनेस का रूप दे दिया है.
डिस्क्लेमर- न्यूज 18 इस खबर में बताए गए तेल के प्रमाणिक होने का दवा नहीं करता है और ना ही इसके इस्तेमाल से होने वाले प्रभाव या दुष्प्रभाव का कोई दावा करता है.
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प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.
इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…
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