Ghaziabad News: गाजियाबाद में 250 लोग सरकारी रडार पर, इन्होंने क्या कर दिया? कहीं इस लिस्ट में आपका नाम तो नहीं

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Ghaziabad News: गाजियाबाद में संपत्ति छिपाने को लेकर 250 से अधिक लोगों पर आयकर विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गया है. इन लोगों में बिजनेसमैन, बिल्डर्स और टैक्सपेयर्स शामिल हैं. दरअसल, विभाग ने इस तरह की कार्रवाई की तैयारी फाइनेंशियल एसेट्स इंटेलिजेंस यूनिट की नई रिपोर्ट के आने के बाद की है.

गाजियाबाद में टैक्स की गड़बड़ी करने के मामले में 250 लोगों पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है.

गाजियाबादः हाल ही में आई फाइनेंशियल एसेट्स इंटेलिजेंस यूनिट की नई रिपोर्ट से गाजियाबाद के 250 से अधिक करदाताओं, बिल्डरों और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. क्योंकि उन्होंने विदेश में मौजूद परिसंपत्तियों का खुलासा इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं किया है. अब डिपार्टमेंट इस डेटा का मिलान कर रहा है. विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जानबूझकर जानकारी छिपाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी.

विदेशी संपत्तियों का ब्योरा देना जरूरी
आशंका है कि विदेशों में हुए निवेश, विदेशी, बैंक खातों या कंपनियों में हिस्सेदारी को टैक्स छिपाने के मकसद से घोषित नहीं किया गया. टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संपत्तियों का ब्योरा देना जरूरी है. विभाग पहले मैसेज और ई-मेल भेजकर आईटीआर रिवाइज करने का मौका देता है. इसके बाद भी गलती न सुधरने पर जुर्माना लगाया जा सकता है.

किन मामलों में मिल सकती है छूट
विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्र, युवा प्रोफेशनल, आईटी कर्मचारी और एनआरआई, जो अनजाने में विदेशी संपत्ति या आय की जानकारी रिटर्न में देना भूल गए हैं, तो उन्हें कुछ मामलों में छूट मिल सकती है. ऐसी संपत्ति जिसकी जानकारी पहले कभी नहीं दी गई, उसपर 31 मार्च 2026 की फेयर मार्केट वैल्यू का 30 फीसदी टैक्स और 30 फीसदी अतिरिक्त पेनल्टी देकर मामला निपटाया जा सकता है. वहीं एनआरआई रहते हासिल संपत्ति को न दर्शाने पर 5 करोड़ रुपये तक की परिसंपत्ति पर केवल 1 लाख रुपये फीस देकर नियमित कराया जा सकता है.

31 दिसंबर तक गलती सुधारने का मौका
बता दें कि अगर छोटे निवेशकों ने अनजाने में गलती की है तो राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर डिस्क्लोजर स्कीम को नोटिफाई कर दिया है. 16 अगस्त से शुरू हुई यह वन-टाइम डिस्क्लोजर स्कीम 31 दिसंबर तक लागू रहेगी. इसके ब्लैक मनी एक्ट के तहत बिना किसी छूट के कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…

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