शेनजेन. सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी मलेशिया के नूर मोहम्मद अजरीन अयूब और टैन वी कियोंग को तीन गेम में हराकर तीसरी बार चीन मास्टर्स के फाइनल में जगह बना ली है. इसके साथ ही भारतीय जोड़ी इस सत्र के अपने दूसरे खिताब से अब सिर्फ एक जीत दूर है. सात्विक-चिराग की दुनिया की पांचवें नंबर की जोड़ी ने दूसरे गेम में लड़खड़ाने के बाद जोरदार वापसी की और 29वीं रैंकिंग वाली मलेशियाई जोड़ी को एक घंटे पांच मिनट में 21-15, 18-21, 21-11 से हराया. भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 के चरण में उपविजेता रही थी.
एशियाई खेलों की चैंपियन भारतीय जोड़ी अब फाइनल में मलेशिया के टी काई वुन और याप रॉय किंग तथा चीन के हे जी तिंग और रेन शियांग यू के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता जोड़ी से भिड़ेगी. मैच से पहले सात्विक और चिराग का नूर और टैन के खिलाफ जीत का रिकॉर्ड 2-0 था. भारतीय जोड़ी ने मलेशियाई खिलाड़ियों को 2024 थाईलैंड ओपन और 2025 मलेशियन ओपन में हराया था.
चिराग और सात्विक की जोड़ी फाइनल में पहुंच गई है.
सैंतीस वर्षीय टैन अनुभवी युगल खिलाड़ी हैं। उन्होंने रियो ओलंपिक में गो वी शेम के साथ रजत पदक जीता था. लगातार चौथे सेमीफाइनल में खेल रही चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने शुरुआती गेम में 0-5 से पिछड़ने के बाद लगातार सात अंक हासिल किए. इसमें 34 शॉट की लंबी रैली भी शामिल थी जिससे उन्होंने 7-5 की बढ़त बना ली.
नूर की तीन गलतियों की मदद से भारत ने बढ़त 10-6 कर ली. सात्विक और चिराग ने भी कुछ गलतियां कीं, लेकिन ब्रेक तक वे 11-9 से आगे रहे. ब्रेक के बाद सात्विक के स्मैश मलेशियाई खिलाड़ियों के लिए परेशानी का सबब बने और भारतीय जोड़ी 15-12 से आगे हो गई। फिर टैन की एक और गलती के बाद भारत ने 17-12 से बढ़त बना ली. जब स्कोर 18-15 था तब दोनों जोड़ियों के बीच 54 शॉट की रैली हुई. इस दौरान मलेशियाई खिलाड़ी ने जमीन पर गिरने के बावजूद रैली जारी रखी, लेकिन अंत में उसका शॉट कोर्ट से बाहर चला गया.
इसके बाद नूर ने एक और शॉट गलत खेला जिससे भारत को पांच गेम प्वाइंट मिले. सात्विक और चिराग ने दूसरे गेम प्वाइंट पर पहला गेम अपने नाम कर लिया. मलेशियाई जोड़ी ने फिर तेज शुरुआत करते हुए दूसरे गेम में 4-0 की बढ़त बनाई, लेकिन सात्विक और चिराग ने शानदार फ्लिक सर्व का इस्तेमाल करते हुए वापसी की और स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया. इसके बाद दोनों जोड़ियों के बीच क्रॉस-कोर्ट रिटर्न, तेज स्मैश से शानदार मुकाबला देखने को मिला. टैन अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे, जबकि नूर लगातार गलतियां कर रहे थे.
भारतीय जोड़ी 10-8 से आगे थी, लेकिन सात्विक की फ्रंट-कोर्ट पर दो गलतियों ने मलेशिया को बराबरी पर ला दिया. नेट पर सात्विक की एक और गलती के बाद मलेशियाई जोड़ी ने ब्रेक तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली. पर भारतीयों ने ब्रेक के बाद नूर को निशाना बनाकर लगाए गए एक स्मैश की मदद से स्कोर 13-13 से बराबर कर लिया. हालांकि टैन ने इसके बाद एक शानदार ड्रॉप और स्मैश का संयोजन करते हुए मलेशिया को 14-13 से आगे कर दिया.
दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष जारी रहा और अंक 18-18 तक बराबर रहे. इसके बाद मलेशियाई जोड़ी ने मामूली बढ़त हासिल की और दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया. दूसरे गेम के अंतिम हिस्से में हुई चूक को भारतीय खिलाड़ियों ने पीछे छोड़ते हुए निर्णायक गेम में 5-2 की बढ़त बना ली. चिराग ने खाली जगहों को तलाशने में शानदार चतुराई दिखाई और मलेशियाई खिलाड़ियों को कोर्ट पर सीमित जगह में खेलने के लिए मजबूर किया.
इसके बाद खेल भावना का शानदार उदाहरण देखने को मिला. चिराग के रैकेट के फ्रेम से लगकर एक शॉट भारत के पक्ष में जाने के बाद उन्होंने टैन से माफी मांगी और उनसे हाथ मिलाया. इस अंक के बाद भारत 7-3 से आगे था. सात्विक और चिराग ने रैलियों पर अपना दबदबा बनाए रखा और ब्रेक तक 11-4 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली.
इसके बाद सात्विक ने नूर के खिलाफ एक और जोरदार स्मैश लगाकर स्कोर 13-6 कर दिया. मलेशियाई जोड़ी धीरे-धीरे थकने लगी और उसका आत्मविश्वास भी कम होता गया. इसके बाद मुकाबला पूरी तरह भारतीय खिलाड़ियों के नियंत्रण में रहा. चिराग का शॉट बैकलाइन पर सटीक गिरने से भारत को 11 मैच प्वाइंट मिल गए. टैन ने इनमें से दो मैच प्वाइंट बचा लिए, लेकिन चिराग ने तीसरे मौके पर फ्लिक सर्व के जरिए अंक हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर दिया.
