गाजियाबाद: हर महिला के लिए थाने तक पहुंचकर अपनी आवाज उठाना आसान नहीं होता. सामाजिक संकोच, परिवार का दबाव या पुलिस के सामने शिकायत रखने की झिझक कई बार उसकी परेशानी को चारदीवारी के भीतर ही दबा देती है. अब ऐसी महिलाओं की आवाज पुलिस तक पहुंचाने के लिए गाजियाबाद में महिलाओं की अपनी सुरक्षा कड़ी तैयार की गई है.
कम्युनिटी पुलिसिंग की इस नई पहल के तहत पुलिस ने महिला वॉलंटियर फोर्स का गठन किया है, जिसमें जिले के सभी 24 थाना क्षेत्रों से 591 महिलाओं को जोड़ा गया है. ये महिलाएं पुलिस और समाज के बीच सेतु बनकर उन महिलाओं तक पहुंचेंगी, जो किसी कारण से सीधे थाने नहीं आ पातीं. उनकी समस्याएं पुलिस तक पहुंचाने के साथ महिला अधिकार, साइबर सुरक्षा और सरकारी सहायता योजनाओं को लेकर जागरूकता फैलाना भी MVF की जिम्मेदारी होगी.
इन महिलाओ को किया गया शामिल
MVF में डॉक्टर, अधिवक्ता, शिक्षिकाएं, आईटी और साइबर प्रोफेशनल्स, समाजसेवी, काउंसलर, उद्यमी और गृहिणियों समेत विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को शामिल किया गया है. पुलिस के मुताबिक, इन महिलाओं का चयन केवल उनके पेशे के आधार पर नहीं, बल्कि समाज में उनकी छवि, व्यवहार और महिला सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखकर किया गया है. चयन से पहले लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के माध्यम से बैकग्राउंड वेरिफिकेशन भी कराया गया है, ताकि फोर्स में जिम्मेदार और विश्वसनीय महिलाओं को ही शामिल किया जा सके.
महिलाओं के लिए बनेगी जागरूकता अभियान
महिला वॉलंटियर फोर्स की भूमिका केवल समस्याएं पुलिस तक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगी. ये वालंटियर महिला सुरक्षा, उनके अधिकारों, साइबर अपराध से बचाव और महिला कल्याण से जुड़ी जानकारी को लेकर जागरूकता अभियान में भी सहयोग करेंगी. जरूरतमंद महिलाओं को सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सहायता की जानकारी दिलाने के साथ-साथ काउंसलिंग और अन्य जरूरी मदद तक पहुंच बनाने में भी इनकी भूमिका अहम होगी. स्कूल-कॉलेजों में होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों में भी MVF की सदस्याएं भाग लेंगी.
एसीपी महिला अपराध सुचिता सिंह ने बताया कि कई बार कम पढ़ी-लिखी या सामाजिक रूप से संकोची महिलाएं अपनी परेशानी लेकर थाने तक नहीं पहुंच पातीं. ऐसे मामलों में MVF की सदस्याएं उनके संपर्क में जाकर समस्या समझेंगी और उसे पुलिस तक पहुंचाने में मदद करेंगी. मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी भी इन वालंटियर के संपर्क में रहेंगी जिससे जरूरतमंद महिलाओं तक पुलिस की सहायता पहुंचाई जा सके.
महिलाओं से आगे आने की अपील
गाजियाबाद पुलिस ने उन महिलाओं से भी आगे आने की अपील की है, जो महिला सुरक्षा और महिला कल्याण के लिए पुलिस के साथ मिलकर काम करना चाहती हैं. इच्छुक महिलाएं एसीपी महिला अपराध सुचिता सिंह से संपर्क कर सकती हैं या महिला थाने में अपना आवेदन दे सकती हैं. हालांकि MVF में शामिल होने के लिए आवेदन करना ही पर्याप्त नहीं होगा. आवेदक महिला की सामाजिक छवि, व्यवहार और पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाने के साथ पुलिस की ओर से वेरिफिकेशन कराया जाएगा. जांच में उपयुक्त पाए जाने के बाद ही महिला को महिला वॉलंटियर फोर्स में शामिल किया जाएगा.
महिलाओं से संवाद में सहायक
गाजियाबाद पुलिस की यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि महिला अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ शिकायत दर्ज कराने में झिझकने वाली महिलाओं तक पहुंचना भी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है. अगर MVF जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से काम करती है तो पुलिस और समाज के बीच संवाद मजबूत होने के साथ महिलाओं की समस्याओं की समय पर पहचान और समाधान की राह भी आसान हो सकती है.
