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रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन यानी यूएसी ने दिल्ली में आयोजित इनोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी में अपने तीन नए पैसेंजर प्लेन को पेश किए हैं. इन प्लेन्स में IL-114-300, SJ-100 और MC-21 शामिल हैं. कंपनी भारत में सिर्फ प्लेन बेचने के बजाय लोकल प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप की भी तैयारी कर रही है. SJ-100 के भारत में उत्पादन के लिए एचएएल के साथ बातचीत आगे बढ़ चुकी है. आने वाले समय में रूसी पैसेंजर प्लेन भारतीय एयरलाइंस और डोमेस्टिक एविएशन सेक्टर में नई तस्वीर पेश कर सकते हैं.
दिल्ली में इनोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी के दौरान रूस के IL-114-300, SJ-100 और MC-21 पैसेंजर प्लेन के मॉडल उतारे गए हैं.
भारत के एविएशन सेक्टर में आने वाले दिनों में रूसी प्लेन्स की एंट्री देखने को मिल सकती है. रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) ने दिल्ली में चल रही इनोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी में अपने नए पैसेंजर एयरक्राफ्ट पेश किए हैं. खास बात यह है कि इन प्लेन्स को रूस में तैयार किया गया है और इन्हें भारतीय एयरलाइंस की जरूरतों को ध्यान में रखकर पेश किया जा रहा है.
- प्रदर्शनी में यूएसी और यूनाइटेड इंजन कॉर्पोरेशन ने तीन एयरक्राफ्ट मॉडल पेश किए हैं. इनमें IL-114-300, SJ-100 और MC-21 शामिल हैं. तीनों प्लेन्स की अपनी अलग खासियत है और इन्हें अलग-अलग तरह के रूट्स पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
- सबसे पहले बात IL-114-300 की. यह एक टर्बोप्रॉप प्लेन है, जिसे खास तौर पर रीजनल फ्लाइट्स के लिए तैयार किया गया है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह छोटे एयरपोर्ट और छोटी रनवे से भी ऑपरेट कर सकता है. ऐसे में भारत की उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों को जोड़ने में यह प्लेन काफी काम आ सकता है.
- वहीं SJ-100 छोटी दूरी की उड़ानों के लिए बनाया गया है. इसमें 103 यात्रियों तक के बैठने की क्षमता है. इसमें रूसी PD-8 इंजन समेत कई अहम सिस्टम लगाए गए हैं. यह प्लेन बड़े शहरों को छोटे शहरों और कस्बों से जोड़ने वाले रूट्स के लिए उपयोगी हो सकता है.
- तीसरा प्लेन MC-21 है, जो मीडियम रेंज का नया जनरेशन एयरक्राफ्ट है. इसमें PD-14 इंजन और आधुनिक एविएशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. इसे ज्यादा व्यस्त और लंबी दूरी वाले घरेलू रूट्स पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
भारत के साथ प्लेन को लेकर बातचीत लगातार आगे बढ़ रही है. IL-114-300 को लेकर पिछले छह महीनों में अच्छी बातचीत हुई है. कंपनी सिर्फ प्लेन बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि भारत में लोकल प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर भी काम कर रही है.
वादिम बदेखा, सीईओ, यूएसी
एचएल के साथ यूएसी का एग्रीमेंट
खास तौर पर SJ-100 के लोकल प्रोडक्शन को लेकर एचएएल के साथ लाइसेंस एग्रीमेंट पर 80 फीसदी से ज्यादा काम पूरा होने की बात कही गई है. जल्द ही इस समझौते पर दस्तखत होने की उम्मीद है. यूएसी को उम्मीद है कि पहले भारतीय ऑपरेटर के साथ SJ-100 का कॉन्ट्रैक्ट एयरो इंडिया 2027 में हो सकता है.
यूएसी रूस की रोस्टेक स्टेट कॉरपोरेशन का हिस्सा है और सुखोई, मिग, इल्युशिन और टुपोलेव जैसी एविएशन कंपनियों के साथ काम करता है. ऐसे में अगर भारत में इन रूसी प्लेन्स की एंट्री होती है, तो यह देश के रीजनल एविएशन सेक्टर और लोकल एयरक्राफ्ट प्रोडक्शन के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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