सत्य निकेतन हादसा: 7 मौतों के जिम्मेदार शुभम त्यागी ने किया सरेंडर, कोर्ट ने 2 दिन पुलिस कस्टडी में भेजा

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सत्य निकेतन केस में बड़ा अपडेट: शुभम त्यागी का सरेंडर, 2 दिन की पुलिस कस्टडी

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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में फरार चल रहे पीजी ऑपरेटर शुभम त्यागी ने पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. पुलिस ने कोर्ट से शुभम की रिमांड मांगी थी. इसके बाद कोर्ट ने शुभम और सुधांशु को दो दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट से ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया है.

सत्य निकेतन पतन: आरोपी शुभम ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण. (File Photo : PTI)

नई दिल्ली: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद फरार चल रहे पीजी ऑपरेटर शुभम त्यागी ने पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. हादसे के बाद से ही पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश कर रही थीं. मकान मालिक हरिराम गुप्ता ने शुभम को एक फ्लोर लीज पर दिया हुआ था. सरेंडर के बाद पुलिस ने शुभम की दो दिन की कस्टडी मांगी थी. कोर्ट ने शुभम और एक अन्य आरोपी सुधांशु को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. इससे पहले मामले में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. इनमें बिल्डिंग मालिक का बेटा महेश गुप्ता, ठेकेदार सनोज और पीजी ऑपरेटर सुधांशु शामिल हैं. इन तीनों की दो दिन की पुलिस कस्टडी पूरी हो गई थी. इस दर्दनाक हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी और करीब 12 लोग घायल हुए थे.

कस्टडी के दौरान शुभम और सुधांशु से क्या राज खुलेंगे?

पुलिस अब शुभम त्यागी और सुधांशु से कस्टडी में कड़ी पूछताछ करेगी. जांच अधिकारी सुधांशु के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज चुके हैं. पुलिस उसके कॉल रिकॉर्ड और चैट की बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि हादसे के तुरंत बाद उसने किससे संपर्क किया था. डिजिटल सबूतों से घटना के पीछे की लापरवाही समझने में मदद मिलेगी. जांच में सामने आया है कि शुभम और सुधांशु मिलकर ‘हॉस्टल डेज’ नाम से पीजी चलाते थे. दोनों ने अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपए महीने के किराए पर चार मंजिलें लीज पर ली थीं. अब कस्टडी में दोनों से लीज और निर्माण से जुड़े अहम सवाल पूछे जाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अपने पास ट्रांसफर करने से क्यों किया इनकार?

दुकान बनाने के लालच ने कैसे ली सात बेगुनाह लोगों की जान?

पुलिस की जांच में हादसे की वजह सामने आ चुकी है. हादसे वाले दिन ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था. दुकान के लिए जगह बनाने के चक्कर में ग्राउंड फ्लोर की एक दीवार हटा दी गई थी. इस काम ने इमारत की नींव को पूरी तरह कमजोर कर दिया था. इसके अलावा बेसमेंट में बारिश का पानी भर गया था. बेसमेंट के लेवल को बराबर करने के लिए वहां तीन ट्रक मलबा डाला गया. इस मलबे ने कमजोर इमारत पर बहुत ज्यादा दबाव डाल दिया और वह भरभरा कर गिर गई. पुलिस इस मामले में मालिक हरिराम और उनकी पत्नी को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है.

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दीपक वर्माDeputy News Editor

दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…

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