दिल्ली के बुराड़ी में करीब नौ साल पहले हुई एक हत्या की कहानी सुनकर किसी को भी यकीन करना मुश्किल होगा. जिस बहन ने भाई के बच्चों को अपने बच्चों की तरह पाला, उसी बहन की जान लेने का आरोप उसके भाई पर लगा. वजह थी 50 लाख रुपए. कहानी में एक और चौंकाने वाला मोड़ था. हत्या के बाद भाई ने ऐसा जाल बिछाया कि शक सीधे बहन के पति पर जाए. रात में घर के अंदर बहन की गला रेतकर हत्या कर दी गई. सुबह उसका पति नीचे पहुंचा तो उसकी आंखों के सामने खौफनाक मंजर था. पुलिस को फोन गया और पति को ही हिरासत में ले लिया गया. लेकिन जांच ज्यादा देर तक एक ही जगह नहीं रुकी. कुछ घंटों में कहानी पलट गई और पुलिस की नजर उस भाई पर जा टिकी, जो रात में बहन के घर आया था.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मामला 21 अगस्त 2017 की रात का है. बुराड़ी की एक झुग्गी बस्ती में 45 साल की अनीता अपने घर में थीं. उनकी देवरानी अंजनी उनके पैर दबा रही थी. अनीता के पति गिरधारी लाल भी घर में थे. कुछ देर बाद वह ऊपर कमरे में सोने चले गए. नीचे अनीता अपने भाई कमल कुमार और उसकी पत्नी के साथ थीं. रात बीती, सुबह करीब 5 बजे गिरधारी पानी की मोटर चलाने के लिए नीचे आए. मेन गेट खुला मिला. वह अनीता को जगाने गए, लेकिन कमरे में जो देखा उससे उनके होश उड़ गए. अनीता की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद पुलिस पहुंची और जांच शुरू हुई. शुरुआत में शक गिरधारी पर गया, लेकिन जल्द ही पुलिस को कुछ ऐसा मिला जिसने पूरी कहानी बदल दी.
बहन ने भाई के बच्चों को अपने बच्चों की तरह पाला
अनीता घरेलू काम करती थीं. उनके और गिरधारी के कोई बच्चे नहीं थे. लेकिन उनका लगाव अपने भाई कमल के दो बेटों से बेहद गहरा था. कमल की पहली पत्नी की 2015 में मौत हो गई थी. पुलिस के मुताबिक, पत्नी के बीमार रहने के दौरान अनीता ने बच्चों की देखभाल की थी. बच्चे भी उन्हें अपनी मां जैसा मानते थे. यहां तक कि पुलिस के अनुसार अनीता ने अपनी बचत और संपत्ति का हिस्सा कमल और उसके बड़े बेटे सूर्यकांत के नाम करने की इच्छा जताई थी.
50 लाख की इंश्योरेंस पॉलिसी बनी लालच की वजह
पुलिस के मुताबिक अनीता और उनके पति ने सितंबर 2016 के आसपास 50-50 लाख रुपए की इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी. कमल इन पॉलिसियों में नॉमिनी था. इसी दौरान कमल की आर्थिक हालत खराब हो गई. वह आजादपुर मंडी के पास एक कथित क्लीनिक चलाता था. पुलिस ने उसे झोलाछाप डॉक्टर बताया. 2017 तक उसका काम ठीक नहीं चल रहा था और उस पर करीब 12 लाख रुपए का कर्ज हो गया था.
बहन से विवाद और फिर हत्या की साजिश
कमल की दूसरी शादी अंजनी से हुई थी. अंजनी के पहले पति से तीन बच्चे थे. अनीता और अंजनी के बीच अक्सर विवाद होता था. पुलिस के मुताबिक, अनीता कमल से अंजनी को छोड़ने के लिए कहती थीं. बाद में कमल अपनी पत्नी और उसके बच्चों के साथ अलग रहने लगा. इसी बीच आर्थिक परेशानी बढ़ती गई. पुलिस का आरोप है कि कमल ने बहन की इंश्योरेंस पॉलिसी को देखकर हत्या की साजिश रची. उसने अपने दो रिश्तेदारों चंदन और कुंदन को भी योजना में शामिल किया. दोनों को 2-2 लाख रुपए देने का वादा किया गया था.
रात में घर पहुंचा और कर दिया कत्ल
पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त की रात कमल अपनी पत्नी अंजनी के साथ अनीता के घर पहुंचा. कुछ देर बाद उसने अंजनी को वहां से जाने के लिए कहा. इसके बाद चंदन और कुंदन भी वहां पहुंचे. आरोप है कि तीनों ने मिलकर अनीता को दबोचा और चाकू से उनका गला रेत दिया. कमल ने हत्या के बाद ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की कि शक अनीता के पति गिरधारी पर जाए.
पुलिस ने कुछ घंटों में पलट दी पूरी कहानी
सुबह गिरधारी के घर से बाहर निकलकर मदद मांगने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया. उनके खिलाफ फोन भी किया गया था कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है. लेकिन पुलिस को गिरधारी के पास या घर के आसपास हत्या का हथियार नहीं मिला. पूछताछ में उन्होंने बताया कि अनीता के साथ आखिरी बार उन्होंने उसके भाई कमल को देखा था. इसके बाद पुलिस ने कमल से पूछताछ की और जांच की दिशा बदल गई. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में कमल ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार की. उसे गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन चंदन और कुंदन फरार हो गए.
नौ साल बाद बिहार से पकड़ा गया चंदन
करीब नौ साल बाद अगस्त 2026 में क्राइम ब्रांच को चंदन के बारे में सूचना मिली. पुलिस ने उसे बिहार के लखीसराय से गिरफ्तार किया. बताया गया कि वह लंबे समय से अलग-अलग जगहों पर मजदूर बनकर रह रहा था. इससे पहले भी उसके बिहार में पकड़े जाने की कोशिश हुई थी, लेकिन वह हथकड़ी लगे होने के बावजूद भाग निकला था. पुलिस के मुताबिक, चंदन अपने घर में छिपा था. घर की करीब 20 फीट ऊंची चारदीवारी थी. पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर दीवार पार की और उसे गिरफ्तार किया.
कुंदन की मौत का दावा, पुलिस को शक
पूछताछ में चंदन ने दावा किया कि कुंदन की 2018 में गांव के रेलवे स्टेशन के पास मौत हो गई थी. हालांकि पुलिस इस दावे को अभी पूरी तरह सही नहीं मान रही है. अधिकारियों के मुताबिक, चंदन ही कुंदन की मौत का इकलौता कथित गवाह है और वह यह भी नहीं बता पाया कि अंतिम संस्कार कहां हुआ था. पुलिस के मुताबिक, कमल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और उसे सजा भी हो चुकी है. वहीं अनीता की भाभी अंजनी अब भी बुराड़ी के उसी पुराने घर में रह रही हैं.
