लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के खिलाफ हो गए 12 गांव, बैठी महापंचायत, कहा- इनका बर्ताव ठीक नहीं

गाजियाबाद: यूपी में गाजियाबाद के लोनी में बीजेपी के अंदर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. विधायक नंदकिशोर गुर्जर और बीजेपी नेता अनिल कसाना के बीच शुरू हुआ विवाद बीते रविवार को दो अलग-अलग पंचायतों तक पहुंच गया है. रविवार को एक तरफ विधायक नंदकिशोर गुर्जर के समर्थन में सिरौली गांव में हिंदू महापंचायत हुई, तो दूसरी तरफ अनिल कसाना के समर्थन में रिस्तल गांव में पंचायत बुलाई गई. दोनों जगह बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और मंच से एक-दूसरे पक्ष पर सवाल उठाए गए.

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
पूरा विवाद 5 सितंबर को लोनी के दो नंबर इलाके में एक रेस्टोरेंट में हुई प्रेसवार्ता के बाद शुरू हुआ. बीजेपी नेता अनिल कसाना ने हाजी सलमान पर हिंदू युवक से मारपीट का आरोप लगने के बाद इलाके के माहौल को लेकर प्रेसवार्ता बुलाई थी. इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक और सपा नेता जाकिर अली समेत कुछ दूसरे लोग भी मौजूद थे.

प्रेसवार्ता के बाद लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर वहां पहुंच गए. इसी दौरान अनिल कसाना और विधायक के बीच तीखी बहस हो गई. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया. मामला इतना बढ़ा कि अब दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी पंचायत कर ताकत दिखा रहे हैं.

विधायक के समर्थन में 24 गांवों की महापंचायत
रविवार को सिरौली गांव के एक स्कूल में विधायक नंदकिशोर गुर्जर के समर्थन में हिंदू महापंचायत बुलाई गई. इसमें आसपास के करीब 24 गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. मंच पर हिंदू रक्षा दल समेत कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और संत-महंत मौजूद रहे.

आयोजकों ने इसे 36 बिरादरियों की महापंचायत बताया. यहां लोनी से जुड़े कई मुद्दों पर बात हुई. हाल की घटनाओं, सामाजिक विवाद और कानून-व्यवस्था को लेकर वक्ताओं ने अपनी बात रखी. इस दौरान लोनी में रहने वाले हाजी सलमान का भी जिक्र हुआ. उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और बताए जा रहे आपराधिक मामलों को लेकर वक्ताओं ने सवाल उठाए.

महापंचायत में तीन अहम प्रस्ताव भी रखे गए. पहले प्रस्ताव में कहा गया कि 36 बिरादरियां विधायक नंदकिशोर गुर्जर के साथ हैं. दूसरे प्रस्ताव में पार्टी के अंदर विधायक का विरोध करने वाले बीजेपी नेताओं की भूमिका की जांच की मांग की गई. तीसरे प्रस्ताव में सामाजिक विवादों को आपस में बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए 51 सदस्यों की समिति बनाने का फैसला लिया गया.

विधायक बोले- हिंदुत्व और गौरक्षा की लड़ाई जारी रहेगी
महापंचायत को संबोधित करते हुए विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि वह हिंदुत्व और गौरक्षा के मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि लोनी की शांति खराब करने वालों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा. विधायक ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की. महापंचायत में कुछ वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हाजी सलमान से जुड़े मामले को लेकर कुछ नेताओं ने लखनऊ में विपक्ष के नेता से बातचीत कर विधायक नंदकिशोर गुर्जर के खिलाफ साजिश रची. हालांकि, यह आरोप मंच से लगाए गए और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

अनिल कसाना के समर्थन में 12 गांवों की पंचायत
दूसरी तरफ बीजेपी नेता अनिल कसाना के समर्थन में रिस्तल गांव में पंचायत हुई. इसमें कोतवालपुर, राजपुर, भूपखेड़ी, धारीपुर, सिरोरा, रेवड़ी, गढ़ी कलजरी, जावली, रिस्तल, महमूदपुर, शकलपुर और सीती समेत 12 गांवों के लोग शामिल हुए. यहां वक्ताओं ने विधायक नंदकिशोर गुर्जर के कथित व्यवहार पर सवाल उठाए. आरोप लगाया गया कि विधायक ने समाज के लोगों के साथ ठीक व्यवहार नहीं किया. पंचायत में कहा गया कि लोनी की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता के लिए रही है और किसी भी तरह का विवाद इस माहौल को नुकसान पहुंचा सकता है.

पंचायत में विधायक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी रखा गया. साथ ही बीजेपी के बड़े नेताओं से मामले में कार्रवाई की मांग की गई। लोगों ने इलाके में शांति और भाईचारा बनाए रखने की बात भी कही. बीजेपी नेता अनिल कसाना ने कहा कि यह मामला चुनाव या राजनीति का नहीं, बल्कि समाज के सम्मान का है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी.

पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
दोनों पंचायतों के बाद पुलिस भी अलर्ट है. डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी के मुताबिक, इलाके में शांति बनाए रखने के लिए करीब 1000 लोगों को पाबंद किया गया है. इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनसे माहौल खराब होने की आशंका है. पुलिस पंचायतों और दूसरे कार्यक्रमों में शामिल लोगों पर भी नजर रख रही है. हालांकि, दोनों पंचायतों के लिए अलग से कोई बड़ी पुलिस फोर्स नहीं लगाई गई थी. स्थानीय पुलिस ही पूरे मामले पर नजर रख रही थी.

बीजेपी ने कहा- पार्टी का विवाद नहीं
बीजेपी के जिला अध्यक्ष चैनपाल सिंह ने कहा कि यह दोनों पक्षों का आपसी मामला है. उन्होंने कहा कि पार्टी के स्तर पर कोई विवाद नहीं है. पूरे मामले की जानकारी हाईकमान को दे दी गई है. फिलहाल लोनी में एक ही पार्टी से जुड़े दो नेताओं के बीच शुरू हुआ विवाद अब खुलकर सामने आ चुका है. एक तरफ विधायक के समर्थन में 24 गांवों की महापंचायत हुई, तो दूसरी तरफ उनके विरोध में 12 गांवों के लोगों ने पंचायत की.

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