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दिल्ली में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर नगर निगम ने बड़ा एक्शन लिया है. एमसीडी ने 12 जोन में बुलडोजर चलाकर 40 अवैध निर्माण गिरा दिए हैं. इसके साथ ही 8 संपत्तियां सील की गई हैं और 14 डिमोलिशन आर्डर जारी हुए हैं. वहीं दिल्लीभर में 2453 पीजी भवनों का सर्वे भी पूरा हुआ है. नियमों की अनदेखी पर निगम आगे और सख्त कार्रवाई करेगा.
दिल्ली में अवैध निर्माण पर गरजा एमसीडी का बुलडोजर. (File Photo: PTI)
राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों पर नगर निगम का डंडा तेजी से चला है. एमसीडी ने मास्टर प्लान दिल्ली और बिल्डिंग बायलॉज के नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है. शहर के सभी 12 जोन में एक साथ की गई इस बड़ी कार्रवाई में 40 अवैध निर्माण को बुलडोजर से ढहा दिया गया है. इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाली 8 संपत्तियों को तुरंत मौके पर सील कर दिया गया है. नगर निगम की इस ताबड़तोड़ स्ट्राइक से बिल्डरों और प्रॉपर्टी मालिकों में भारी खलबली मच गई है. निगम प्रशासन ने नियमों की अनदेखी पर 14 नए डिमोलिशन आर्डर भी जारी किए हैं. यह कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी पूरे दम से जारी रही. इससे पहले रविवार को भी 11 प्रॉपर्टी को निगम ने ध्वस्त किया था. निगम ने साफ कर दिया है कि नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा.
किन-किन इलाकों में चला नगर निगम का पीला पंजा?
सोमवार को नगर निगम की टीमों ने दिल्ली के कई इलाकों में डिमोलिशन ड्राइव चलाई. इस दौरान टीसी कैंप और पांडव नगर के ब्लॉक टी में अवैध निर्माण तोड़े गए. इसके साथ ही ईस्ट पटेल नगर और करोल बाग के रेघड़पुरा में भारी निर्माण ढहाया गया. नेहरू नगर के माता रमेश्वरी और नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया में भी बुलडोजर एक्शन हुआ. निगम के ईस्ट जोन में भी अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया. यहां ईस्ट विनोद नगर और मयूर विहार फेज-2 में अवैध हिस्से गिराए गए. इसके अलावा गांधी नगर के धरमपुरा और रघुबरपुरा में भी निर्माण तोड़े गए. वहीं नॉर्थ जोन के मलका गंज में अवैध ढांचों पर बुलडोजर चला.
छात्रों के पीजी पर एमसीडी की नजर क्यों टेढ़ी हुई?
अवैध इमारतों के साथ ही नगर निगम ने पेइंग गेस्ट यानी पीजी भवनों पर शिकंजा कस दिया है. दिल्लीभर में चल रहे पीजी आवासों का बड़े पैमाने पर सर्वे किया जा रहा है. इस अभियान का मुख्य मकसद नियमों के पालन की सही स्थिति जानना है. सर्वे के दौरान बिल्डिंग बायलॉज और सुरक्षा मानकों की गहराई से जांच हो रही है. अब तक के सर्वे में करीब 2,453 ऐसी इमारतों की पहचान हो चुकी है. इन सभी भवनों में बड़े पैमाने पर पीजी सुविधाएं संचालित की जा रही हैं. निगम का सर्वे अभी जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे सख्त एक्शन लिया जाएगा.
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
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