एक फर्जी पॉप-अप और बैंक अकांउट खाली… कैसे US-यूरोप के एप्‍पल यूजर्स को दिल्‍ली में बैठकर लगाया जा रहा चूना?

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एरर का पॉप-अप और… कैसे दिल्ली से US-यूरोप के एप्‍पल यूजर्स बन रहे ठगी का शिकार

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Delhi Call Centre Scam: दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने पश्चिम दिल्ली के मीनाक्षी गार्डन, अजय एन्क्लेव और कीर्ति नगर में एक साथ छापेमारी कर 3 अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया. पुलिस ने फर्जी टेक सपोर्ट और बैंकर बनकर अमेरिकी, कनाडाई व यूरोपीय नागरिकों से लाखों डॉलर ठगने वाले 23 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर मौके से 27 लैपटॉप, 28 मोबाइल और लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं.

पुलिस मामले की जांच कर रही है.

रात के अंधेरे में साइबर अपराधियों के साम्राज्य पर दिल्ली पुलिस की ऐसी रेड पड़ी कि पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया. क्या आप सोच सकते हैं कि आपके लैपटॉप पर आने वाला एक छोटा सा सिक्योरिटी एरर का पॉप-अप किसी इंटरनेशनल ठगी का बहुत बड़ा जाल हो सकता है? मीनाक्षी गार्डन से लेकर कीर्ति नगर तक, दिल्ली पुलिस ने एक साथ तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर 23 शातिर ठगों को धर दबोचा है. ये आरोपी खुद को Apple और Microsoft के बड़े अफसर बताकर अमेरिका, कनाडा और यूरोप के लोगों से लाखों डॉलर ऐंठ रहे थे. VIP गाड़ियों से लेकर 27 लैपटॉप पुलिस ने बरामद किए.

टेक सपोर्ट के नाम पर पॉप-अप का खेल
पश्चिम दिल्ली के डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी के मुताबिक, यह गिरोह विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर और मोबाइल पर अनधिकृत खरीदारी, सब्सक्रिप्शन या सिक्योरिटी थ्रेट से जुड़े फर्जी पॉप-अप और मैसेज भेजता था. इसमें एक टोल-फ्री नंबर दिया जाता था. जैसे ही पीड़ित उस नंबर पर कॉल करते थे, भारत में बैठे फर्जी टेलीकॉलर उनसे बात करते थे. भरोसा जीतने के बाद कॉल को गिरोह के सीनियर अधिकारियों या बैंकरों के पास ट्रांसफर कर दिया जाता था.

डॉलर में वसूली और गिफ्ट कार्ड से ट्रांसफर
समस्या ठीक करने के नाम पर पीड़ितों से 149, 249 या 499 अमेरिकी डॉलर तक की मांग की जाती थी. भुगतान के लिए पीड़ितों को Apple Gift Cards या Zelle ऐप का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया जाता था. इसके बाद पेमेंट डिटेल्स गिरोह के अन्य सदस्यों को भेजकर पैसे भुना लिए जाते थे. आरोपी अपनी लोकेशन छिपाने के लिए VoIP, Google Voice, X-Lite, EyeBeam और MicroSIP जैसे इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स और रिमोट एक्सेस के लिए UltraViewer का इस्तेमाल करते थे.

डिजिटल सबूत और लग्जरी गाड़ियां जब्त
पुलिस ने मौके से 2 लग्जरी कारें, 27 लैपटॉप, 28 मोबाइल, 11 राउटर, 36 हेडफोन और ₹79,200 कैश बरामद किया है. गिरफ्तार लोगों में कॉल सेंटर के मालिक, मैनेजर, टेलीकॉलर और बैंकर्स शामिल हैं. उपकरणों की जांच में विदेशी नंबरों की लिस्ट, कॉल हिस्ट्री, पीड़ितों का डेटा और व्हाट्सएप बिजनेस ग्रुप्स मिले हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के पैसों के प्रबंधन के लिए होता था. पुलिस अब इनके अंतर्राष्ट्रीय लिंक्स को खंगाल रही है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

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