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महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को एक और बड़ा झटका लगा है. कभी थाली का स्वाद बढ़ाने वाला प्याज अब आम उपभोक्ता की जेब पर भारी पड़ रहा है. चंद दिनों के भीतर 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज दोगुने भाव पर पहुंच गया है, जिससे रसोई के बजट का संतुलन पूरी तरह डगमगा गया है.
गाजियाबाद: बढ़ती महंगाई के बीच अब प्याज ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. कभी 25 से 30 रुपये किलो बिकने वाली प्याज इन दिनों 50 से 60 रुपये किलो तक पहुंच गई है. दाम बढ़ने का असर सिर्फ बाजार में ही नहीं, बल्कि घरों की रसोई और व्यापारियों की बिक्री पर भी साफ दिखाई दे रहा है. ग्राहक अब ज्यादा मात्रा में प्याज खरीदने के बजाय आधा या एक किलो से ही काम चला रहे हैं. गृहिणियों का कहना है कि प्याज और टमाटर रोज की रसोई का जरूरी हिस्सा हैं, इसलिए कीमत बढ़ने से हर महीने का खर्च बढ़ रहा है. वहीं व्यापारी बारिश और कम आवक को दाम बढ़ने की वजह बता रहे हैं.
बारिश और कमजोर आवक से बिगड़े हालात: व्यापारी
व्यापारी श्रीपाल यादव ने बताया कि इन दिनों अच्छी प्याज 60 रुपये और हल्की प्याज 50 रुपये किलो तक बिक रही है. पहले प्याज 25-30 रुपये किलो मिलती थी. उन्होंने बताया कि पिछले तीन-चार साल से प्याज के दामों में मंदी थी, जिससे व्यापारियों ने स्टॉक कम कर दिया. इस बीच अधिक बारिश से प्याज की फसल खराब होने के कारण बाजार में उपलब्धता कम हुई और दाम बढ़ गए. नई फसल आनी शुरू हो गई है, लेकिन अभी इसकी पूरी आवक नहीं हो रही. करीब एक से डेढ़ महीने बाद नई फसल की आवक बढ़ने पर दाम धीरे-धीरे कम हो सकते हैं. बढ़ी कीमतों का असर बिक्री पर भी पड़ा है. ग्राहक अब 2-3 किलो की जगह आधा या एक किलो प्याज खरीदकर काम चला रहे हैं.
पहले काटने पर आंसू आते थे, अब कीमतें रुला रहीं: चंचल
गृहिणी चंचल ने बताया कि प्याज के दाम बढ़ने का सीधा असर अब घर की रसोई पर पड़ रहा है. पहले प्याज के दाम कम होने पर वह एक बार में पांच किलो तक प्याज खरीद लेती थीं. कीमत कम होने के कारण ज्यादा मात्रा में खरीदने में कोई परेशानी नहीं होती थी, लेकिन अब दाम बढ़ने के बाद उन्होंने प्याज की खरीदारी कम कर दी है. अब करीब एक किलो प्याज ही खरीदती हैं और खाना बनाते समय भी इसका इस्तेमाल पहले के मुकाबले कम करती हैं.
प्याज और टमाटर ऐसी चीजें हैं जिनका इस्तेमाल लगभग हर सब्जी में होता है. ऐसे में इनके दाम बढ़ने का असर सीधे घर के मासिक बजट पर पड़ता है. उन्होंने बताया कि एक-दो सब्जियों में ही नहीं, बल्कि रोज की रसोई में प्याज की जरूरत होने के कारण खर्च बढ़ गया है. प्याज के दामों को लेकर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि पहले प्याज काटने पर आंखों में आंसू आते थे, लेकिन अब बढ़ी कीमतें भी रुला रही हैं. उनका कहना है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों और जरूरी सामान के दाम ऐसे होने चाहिए जिन्हें आम परिवार आसानी से खरीद सके और रसोई का बजट भी न बिगड़े.
5 किलो की जगह आधा किलो से काम चला रहे उपभोक्ता
ग्राहक कृष्ण पाल चौधरी ने बताया कि इन दिनों प्याज 60 रुपये किलो तक पहुंच गई है, जबकि आम दिनों में इसका भाव 25 से 30 रुपये किलो के आसपास रहता था. उन्होंने कहा कि बढ़ी कीमतों को लेकर व्यापारियों से जानकारी लेने पर भी प्याज के दाम जल्द कम होने की उम्मीद नहीं बताई जा रही है. बढ़ती कीमत का सीधा असर उनकी खरीदारी पर पड़ा है.
पहले वह एक बार में करीब पांच किलो प्याज खरीदते थे, लेकिन अब महंगाई के कारण 500 ग्राम में ही काम चलाना पड़ रहा है. प्याज के बढ़े दामों से घर का बजट भी बिगड़ रहा है. बाजार का रुख देखते हुए फिलहाल कीमत कम होने की उम्मीद नहीं है. उन्होंने सरकार से प्याज समेत रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दामों पर नियंत्रण के लिए ध्यान देने की अपील की.
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Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…
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