चश्मदीद नहीं और एक धुंधले नंबर वाला टेंपो… नाबालिग की रेप के बाद हत्‍या में कैसे पकड़े गए दिल्‍ली के 4 दरिंदे

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चश्मदीद नहीं, धुंधले नंबर वाला टेंपो… फिर कैसे पकड़े गए दिल्‍ली के 4 दरिंदे

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Swaroop Nagar Minor Murder Rape case: बिना किसी चश्मदीद के दिल्ली पुलिस की टीम ने क्राइम सीन से कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों को पकड़ा. 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. धुंधली फुटेज से एक संदिग्ध टेंपो का रूट ट्रैक कर पुलिस रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद स्वरूप नगर की खड्डा कॉलोनी पहुंची. वहां खड़े टेंपो को कब्जे में लेकर पुलिस ने 72 घंटे में 1 बालिग और 3 नाबालिग आरोपियों को दबोच लिया.

पुलिस मामले की जांच कर रही है.

रात का गहरा सन्नाटा, 50 से ज्यादा CCTV कैमरों की धुंधली फुटेज और एक बिना नंबर वाला रहस्यमयी टेंपो… दिल्ली के स्वरूप नगर में हुई इस खौफनाक वारदात ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था. मामला जितना संवेदनशील था, पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचना उतना ही नामुमकिन सा लग रहा था. न कोई चश्मदीद, न कोई सुराग, लेकिन फिर शुरू हुआ दिल्ली पुलिस का एक हाई-वोल्टेज और रियल-लाइफ क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन. रातभर चले ऑपरेशन में पुलिस की टीम ने एक-एक कैमरे का ढांचा जोड़ा, रूट मैपिंग की और आखिरकार खड्डा कॉलोनी में खड़े उस संदिग्ध टेंपो तक पहुंच गई. सिर्फ 72 घंटों के भीतर धागे से धागा जोड़कर पुलिस ने एक बालिग और तीन नाबालिग आरोपियों को शिकंजे में ले लिया. फॉरेंसिक सबूतों और चाकू की बरामदगी ने इस खौफनाक मिस्ट्री का पूरा पर्दाफाश अब हो चुका है.

अंधेरे में सुराग: 50 कैमरों की फुटेज खंगाली
जांच के लिए उतरी पुलिस टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुराग ढूंढने की थी. क्राइम और फॉरेंसिक (FSL) टीमों ने घटनास्थल से सभी भौतिक साक्ष्य जुटाए. इसके बाद आसपास के इलाके और उससे जुड़े सभी रास्तों पर लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की जांच शुरू की गई. रात का अंधेरा होने के कारण फुटेज काफी धुंधली थी, लेकिन इसी बीच जांच अधिकारियों को एक संदिग्ध टेंपो बार-बार आता-जाता दिखाई दिया.

रूट मैपिंग और खड्डा कॉलोनी में रेड
अंधेरे की वजह से टेंपो की नंबर प्लेट साफ नहीं दिख रही थी. पुलिस टीम ने हार मानने के बजाय अलग-अलग कैमरों की फुटेज को आपस में जोड़कर (रूट मैपिंग) टेंपो के आने-जाने का पूरा ढांचा तैयार किया. इसके बाद 15 और 16 सितंबर की दरम्यानी रात एक स्पेशल सर्च ऑपरेशन चलाया गया. फुटेज के आधार पर पुलिस की टीम स्वरूप नगर की खड्डा कॉलोनी पहुंची, जहां वह संदिग्ध टेंपो (नंबर DL-1LAG-0257) खड़ा मिल गया.

4 आरोपी गिरफ्तार, 3 नाबालिग निकले
टेंपो ड्राइवर से पूछताछ के बाद पुलिस ने इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए कुल चार आरोपियों को दबोच लिया. पकड़े गए आरोपियों में शिवम (उर्फ सुदामा उर्फ चुचु) के अलावा तीन नाबालिग (CCL) शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो चाकू, घटना के समय पहने गए कपड़े और वही टेंपो बरामद कर लिया है. मामले में BNS और POCSO एक्ट की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है और फॉरेंसिक सबूतों की जांच जारी है.

राहुल गांधी का तीखा हमला और जवाबदेही की मांग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में हुई 17 वर्षीय युवती के साथ दरिंदगी और हत्या के मामले को लेकर सरकार और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजधानी में ऐसी खौफनाक घटनाएं आम हो चुकी हैं और पुलिस को कई दिनों तक इसकी भनक तक नहीं लगती. राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि जब दिल्ली पुलिस सीधे केंद्र के अधीन है, तो महिलाओं की सुरक्षा की वास्तविक जिम्मेदारी आखिर किसकी है? उन्होंने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या खाकी का काम सिर्फ आम जनता को डराना-धमकाना रह गया है, जबकि अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं. इस सनसनीखेज मामले में उन्होंने सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी सजा और इस पूरी प्रशासनिक व आपराधिक गैर-जिम्मेदारी के लिए सख्त जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग उठाई है.

राष्ट्रीय महिला आयोग का कड़ा रुख और एक्शन
इस जघन्य और सनसनीखेज वारदात पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए बेहद सख्त रुख अपनाया है. आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को औपचारिक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की समयबद्ध, निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. NCW ने पुलिस को सभी फॉरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है. इसके अलावा, किशोर न्याय अधिनियम की धारा 15 के तहत 16 से 18 वर्ष की आयु के आरोपियों के लिए प्रारंभिक आकलन की प्रक्रिया पर भी जोर दिया गया है. महिला आयोग ने शोक संतप्त पीड़ित परिवार को सुरक्षा, कानूनी सहायता, उचित परामर्श और सरकारी मुआवजा प्रदान करने के साथ ही सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल करने की सख्त मांग की है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

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