Last Updated:
Dr Tanu Jain UPSC Success Story: सिविल सेवा छोड़कर कोचिंग चलाने वाली मशहूर पूर्व सिविल सर्वेंट डॉ. तनु जैन अब वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की शरण में दिखीं. जानिए दिल्ली के सदर बाजार से सिविल सेवा और फिर अध्यात्म तक के उनके इस सफर की पूरी कहानी.
Dr Tanu Jain: डॉ तनु जैन कुछ दिन पहले प्रेमानंद महाराज जी से मिलने पहुंची थीं
नई दिल्ली (Dr Tanu Jain UPSC Success Story). मथुरा-वृंदावन की गलियों में जब देश की जानी-मानी पूर्व सिविल सर्वेंट डॉ. तनु जैन को संत प्रेमानंद महाराज के चरणों में बैठे देखा गया तो सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. यूपीएससी की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के बीच ‘तनु मैम’ के नाम से मशहूर डॉ. जैन अपने तेज दिमाग और सटीक गाइडेंस के लिए जानी जाती हैं. अब वह अध्यात्म की राह पर कदम बढ़ाती नजर आ रही हैं. डॉ. तनु जैन सिविल सेवा में 7 साल के शानदार करियर को अलविदा कहकर शिक्षण और समाज सेवा में उतरी हैं.
डॉ. तनु जैन ने जब वृंदावन के आश्रम में प्रेमानंद महाराज के सामने अपनी जिज्ञासा रखी तो वह सवाल केवल उनका नहीं, बल्कि आज की उस युवा पीढ़ी का था जो करियर की दौड़ में मानसिक द्वंद्व से जूझ रही है. डॉ. तनु जैन का सफर मध्यमवर्गीय लड़की के ‘एवरेज स्टूडेंट’ से लेकर सफल सिविल सेवा अधिकारी और फिर चर्चित शिक्षिका बनने की कहानी है. उनके सफर में अब अध्यात्म का नया अध्याय भी जुड़ गया है. इससे पता चलता है कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी मन की शांति और जीवन के असली उद्देश्य की तलाश सबसे जरूरी है.
पूर्व सरकारी अफसर डॉ. तनु जैन कौन हैं?
डॉ. तनु जैन मूल रूप से दिल्ली-6 के भीड़भाड़ वाले इलाके सदर बाजार की रहने वाली हैं. एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी तनु जैन बचपन में बहुत ज्यादा पढ़ाकू नहीं थीं, बल्कि उनकी दिलचस्पी खेल-कूद में अधिक रहती थी. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के कैंब्रिज स्कूल से की और उसके बाद मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज से बीडीएस (BDS) की डिग्री हासिल की. डॉक्टर बनने के बाद उनके मन में समाज के लिए कुछ बड़ा करने का विचार आया और उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की. वह साल 2015 में सफल हुई थीं.
सरकारी नौकरी छोड़कर शुरू किया ‘तथास्तु’
प्रेमानंद महाराज से मुलाकात: मन और बुद्धि का द्वंद्व
वृंदावन दौरे के दौरान डॉ. तनु जैन ने जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और उनसे पूछा कि जब मन और बुद्धि के बीच द्वंद्व (Conflict) हो तो भक्ति और एकाग्रता कैसे प्राप्त करें? प्रेमानंद महाराज ने उन्हें श्लोक के माध्यम से समझाया कि ‘नाम जप’ ही वह औषधि है जो बुद्धि को प्रवीण और मन को निर्मल बनाती है. प्रेमानंद महाराज ने सलाह दी कि चाहे राम, कृष्ण या राधा, किसी का भी नाम जपें, इससे तन, मन और बुद्धि पवित्र हो जाती है.
आईएएस पति के साथ लिखती हैं किताबें
पूर्व सिविल सर्वेंट डॉ. तनु जैन केवल सफल शिक्षिका ही नहीं, बल्कि एक अच्छी लेखिका भी हैं. उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर आधारित तीन किताबें लिखी हैं. उनके पति आईएएस वात्सल्य पंडित सिविल सेवक होने के साथ ही जाने-माने मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं. दोनों का एक बेटा भी है, जिसका नाम राजवर्धन है. सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव डॉ. तनु जैन का मानना है कि सफलता के लिए जीवन में इमोशनल, सोशल और स्पिरिचुअल बैलेंस होना बहुत जरूरी है.
About the Author
Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें
