अगरबत्ती और मच्छर भगाने वाली कॉइल का धुआं क्या बढ़ाता है कैंसर का खतरा? जानें Oncologist की राय

Cancer Risks: घर में अगरबत्ती जलाना या मच्छर भगाने वाली कॉइल का इस्तेमाल करना आम बात है. हालांकि, सेहत से जुड़े खतरों जैसे कि इनमें इस्तेमाल होने वाली चीज़ें और धुएं निकलने वाले कणों को लेकर अक्सर चिंताएं जताई जाती हैं. एक खास चिंता यह है कि क्या लंबे समय तक इस धुएं में सांस लेने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. इसका जवाब धुएं के स्रोत, इसके संपर्क में आने की मात्रा और कमरे में हवा के आने-जाने की सुविधा (वेंटिलेशन) जैसी बातों पर निर्भर करता है…

इस धुएं में क्या होता है?
जब अगरबत्ती और मच्छर भगाने वाली कॉइल जलती हैं, तो उनसे न सिर्फ़ खुशबू या धुआं निकलता है, बल्कि हवा में बहुत छोटे कण और कई तरह के केमिकल भी घुल जाते हैं. बंद कमरे में इनका इस्तेमाल करने से हवा की क्वालिटी खराब हो सकती है. धुएं के बारीक कण सांस के ज़रिए शरीर में जा सकते हैं और आंखों, नाक और गले में जलन या सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकते हैं.

क्या इससे कैंसर होता है?
यह कहना गलत होगा कि अगरबत्ती या मच्छर भगाने वाली कॉइल के धुएं से सीधे कैंसर होता है. हालांकि, लंबे समय तक और लगातार इस धुएं के संपर्क में रहने से चिंता हो सकती है. कुछ स्टडीज में अगरबत्ती के धुएं से निकलने वाले बारीक कणों और नुकसानदायक केमिकल से जुड़ी सेहत संबंधी दिक्कतों के बारे में बताया गया है. फिर भी किसी व्यक्ति में कैंसर की एकमात्र वजह अगरबत्ती या कॉइल का धुआं ही है.

कैंसर रोग विशेषज्ञ की सलाह क्यों जरूरी है?
कैंसर रोग विशेषज्ञ आम तौर पर ऐसे मामलों में गैर-जरूरी धुएं के संपर्क में आने से बचने पर ज़ोर देते हैं. जिन लोगों को पहले से ही अस्थमा, एलर्जी या सांस से जुड़ी दिक्कतें हैं, उन्हें इस धुएं से ज़्यादा परेशानी हो सकती है. बच्चों, बुज़ुर्गों और संवेदनशील लोगों के आस-पास धुएं के संपर्क को कम रखने की सलाह दी जाती है.

इस्तेमाल के दौरान ध्यान रखने वाली बातें
अगर आप अगरबत्ती या कॉइल का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो खिड़कियां और दरवाज़े खुले रखकर हवा के आने-जाने का अच्छा इंतज़ाम करें. छोटी और बंद जगहों पर इन्हें लंबे समय तक न जलाएं. कॉइल को सोते समय अपने पास न रखें, जब भी मुमकिन हो, मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी या खिड़की पर जाली जैसे धुएं-रहित विकल्पों का इस्तेमाल करें.

अगर धुएं के संपर्क में आने के बाद आपको लगातार खांसी, सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन या सीने में बेचैनी महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लें.

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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.

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