नोएडा में प्रदूषण की वजह से थम गए निर्माण कार्य, आज से 20 नवंबर तक नहीं होगा कोई काम, 7 बड़ी परियोजनाओं पर असर

Last Updated:

Noida News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में बढ़ते प्रदूषण के चलते विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है. प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के तहत 5 से 20 नवंबर तक सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है,

नोएडा में विकास काम रुके. (एआई तस्वीर)

नोएडा: दिवाली का दिन अभी है दूर, पर उससे पहले ही प्रदूषण बढ़ गया है. दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो गई है. नोएडा में बढ़ते प्रदूषण के चलते विकास कार्यों को ही थामना पड़ रहा है. प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के तहत 5 से 20 नवंबर तक सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है. यानी कि जो भी निर्माण काम चल रहे वो सब फिलहाल रुक जाएंगे. इस आदेश का असर शहर में चल रही करीब छह से सात बड़ी परियोजनाओं पर असर डाल सकती है. वैसे भी कई परियोजनाएं पहले ही निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं. ऐसे में निर्माण कार्यों पर रोक लगने से इनके पूरा होने में और देरी हो सकती है.

इनका रुकेगा काम

निर्माण गतिविधियों पर 15 दिनों की रोक का असर नोएडा की कई अहम परियोजनाओं पर पड़ने वाला है. इनमें चिल्ला एलिवेटेड रोड, यमुना तटबंध की मरम्मत, सेक्टर-62 में बन रहा स्काईवॉक और सलारपुर में नाले के ऊपर निर्माणाधीन पुल शामिल हैं. इसके अलावा सेक्टर-94 में विकसित हो रहा जापानी पार्क, सेक्टर-62 के डी-पार्क का सौंदर्यीकरण और शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम भी अस्थायी रूप से रुक जाएगा.

क्या बोले अधिकारी?

नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने कहा, ‘शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं. इनमें ज्यादातर स्थानों पर खुदाई का काम किया जा रहा है. प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए धूल और धुआं पैदा करने वाली गतिविधियों पर सख्ती बरती जाएगी. निर्माण स्थलों पर जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियां न हों.’

यहां चल रहा ये काम

चिल्ला एलिवेटेड रोड का निर्माण फिल्म सिटी मार्ग पर होने वाली भीड़भाड़ और जाम से राहत दिलाने के मकसद से किया जा रहा है. वहीं, नोएडा सेक्टर-62 गोलचक्कर पर स्काईवॉक का निर्माण भी जारी है. वहीं, सलारपुर में नाले के ऊपर दो पुल बनाए जा रहे हैं. इसके साथ ही यमुना तटबंध की मरम्मत का काम चल रहा है. सेक्टर-94 में जापानी पार्क विकसित किया जा रहा है, जबकि सेक्टर-62 के डी-पार्क का सौंदर्यीकरण और शहर की खराब सड़कों की मरम्मत भी जारी है. निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध के कारण इन सभी परियोजनाओं का काम अस्थायी रूप से प्रभावित होगा.

फिर लगेगा बैन?

बता दें, निर्माण कार्यों पर लगी रोक 20 नवंबर को समाप्त हो जाएगी, लेकिन इसके बाद भी परियोजनाओं को पूरी राहत मिलने की संभावना कम है. वायु गुणवत्ता में गिरावट आने पर निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध दोबारा लागू किए जा सकते हैं.

About the Author

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *