Last Updated:
Noida Parthala Chowk Underpass News : नोएडा के सेक्टर-63 स्थित छिजारसी, औद्योगिक सेक्टर फेज दो, एमपी तीन और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर आने-जाने वाले लोगों को प्रतिदिन पर्थला गोलचक्कर पर जाम मिलता है. मगर अब अच्छी खबर आई है. पर्थला चौक पर अंडरपास बनाने की योजना तैयार की गई है. अंडरपास के बनने से ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिल जाएगा.
पर्थला चौक पर बनेगा सिक्स लेन अंडरपास.
नोएडा : उत्तर प्रदेश के नोएडा में लगातार जाम के झाम को दूर करने के लिए काम हो रहे हैं. अब फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (FNG) कॉरिडोर पर स्थित पर्थला चौक पर छह लेन का अंडरपास बनाया जाएगा. इससे बढ़ता यातायात दबाव कम हो जाएगा. करीब 80 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से FNG कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है.
इन रास्तों पर आवाजाही होगी आसान
पर्थला गोलचक्कर नोएडा के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जगहों में आता है. यह सेक्टर 52 और 71 को गौर चौक से जोड़ता है. एक ओर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दूसरी ओर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ा है. इसके अलावा एफएनजी (फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद) कॉरिडोर की वजह से यहां वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. हाल यह है कि सुबह और शाम तो पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक संभालने के लिए वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ती है, ताकि किसी तरह ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सके. ऐसे में अगर अंडरपास बन जाएगा तो ट्रैफिक से छुट्टी मिल जाएगी.
18 महीने में पूरा होगा काम
नोएडा अथॉरिटी ने मंगलवार को बताया कि वह फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (FNG) कॉरिडोर पर स्थित पर्थला चौक पर ट्रैफिक जाम कम करने के लिए छह-लेन का अंडरपास बनाएगी. इस पूरे प्रोजेक्ट पर 80 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और इसे 18 महीनों यानी डेढ़ साल में पूरा कर लिया जाएगा. इससे कई जगहों के लोगों को लाभ मिलने वाला है.
नोएडा प्राधिकरण के जनरल मैनेजर एके अरोड़ा का कहना है कि अंडरपास बनने के बाद FNG कॉरिडोर पर गाड़ियों की आवाजाही बिना रुकावट के हो सकेगी और पर्थला चौक पर ट्रैफिक जाम और गाड़ियों के रुकने की समस्या कम होगी. इस अंडरपास को डायफ्राम-वॉल टेक्नोलॉजी और RCC कंस्ट्रक्शन का इस्तेमाल करके बनाने का प्रस्ताव है. खुदाई के दौरान यह टेक्नोलॉजी आसपास की जमीन और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थिर रखने में मदद करेगी.
इन सेक्टरों को होगी फायदा
अधिकारियों ने बताया कि अंडरपास लगभग 710 मीटर लंबा होगा और इसमें दोनों तरफ तीन-तीन लेन होंगी. इसमें दोनों तरफ 110 मीटर लंबा RCC बॉक्स, 20 मीटर का खुला हिस्सा और दोनों तरफ 280 मीटर लंबी अप्रोच रोड शामिल होंगी. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय कम होगा, ट्रैफिक क्षमता बढ़ेगी, जाम से राहत मिलेगी और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी. बेहतर कनेक्टिविटी से पास के सेक्टर 119, 120, 121, 122, छजारसी और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा.
सोरखा गांव के रहने वाले मोहित यादव ने कहा, पीक आवर्स में एफएनजी रोड पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा होता है. खासकर पर्थला जंक्शन के पास गाड़ियां घंटों तक मुश्किल से ही आगे बढ़ पाती हैं. सरकार को इसे समय पर पूरा करना चाहिए.
About the Author
Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
और पढ़ें
