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Bittu Tabahi New Mission: मध्य प्रदेश और कर्नाटक में सफाई अभियान चलाने वाले ‘बिट्टू तबाही’ अब दिल्ली में यमुना सफाई मिशन पर हैं. पहले दिन उन्होंने 585 किलो कचरा हटाया है. बिट्टू तबाही का अगला पड़ाव गुरुग्राम है.
बिट्टू तबाही ने 4 घंटे में यमुना नदी से 585 किलो का कचरा साफ किया (फोटो: AI)
नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की नदी से लेकर कर्नाटक के जंगल तक सफाई अभियान चलाने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है अब दिल्ली पहुंच गए हैं. उनका नया मिशन राजधानी की यमुना नदी की सफाई है. दिल्ली में तीन दिन चलने वाले इस अभियान के पहले दिन बिट्टू और उनकी टीम ने करीब साढ़े चार घंटे में 585 किलो कचरा नदी किनारे से हटाया.
यमुना किनारे दिखा कचरे का ढेर
बिट्टू तबाही ने 20 सितंबर को यमुना सफाई अभियान की शुरुआत की. इस दौरान उनके साथ कई वॉलंटियर्स भी मौजूद रहे. टीम ने यमुना के किनारे जमा प्लास्टिक, फूल, मालाएं, पूजा का सामान और दूसरे कचरे को इकट्ठा किया. बिट्टू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि टीम ने करीब साढ़े चार घंटे तक सफाई की और इस दौरान कुल 585 किलो कचरा हटाया. उन्होंने बताया कि जिस जगह सफाई अभियान चलाया गया, वहां घाट पर पूजा के बाद फूल-मालाएं और दूसरा सामान बड़ी मात्रा में पड़ा था.
स्थानीय लोग भी सफाई में जुटे
सफाई अभियान के दौरान आसपास रहने वाले कुछ लोग भी वहां पहुंच गए और वॉलंटियर्स के साथ मिलकर सफाई में मदद की. बिट्टू ने अभियान में शामिल होने वाले लोगों का आभार जताया. उनका कहना है कि जब लोग खुद सफाई के लिए आगे आते हैं तो इसका असर सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दूसरे लोगों को भी सफाई के लिए प्रेरणा मिलती है.
अब गुरुग्राम में होगा अगला पड़ाव
यमुना सफाई अभियान के बाद बिट्टू तबाही का अगला पड़ाव गुरुग्राम का खेड़की दौला बताया गया है. यानी उनका सफाई अभियान दिल्ली-एनसीआर के दूसरे इलाकों तक भी पहुंचने वाला है. यमुना की सफाई का यह अभियान अभी दो दिन और चलेगा. ऐसे में आने वाले दिनों में और कचरा हटाए जाने की उम्मीद है.
पहले अजनार नदी की सफाई से मिली पहचान
बिट्टू तबाही इससे पहले मध्य प्रदेश की अजनार नदी की सफाई को लेकर चर्चा में आए थे. उन्होंने करीब 100 लोगों की टीम के साथ नदी की सफाई का अभियान चलाया था. इसके बाद उन्होंने कर्नाटक में बेंगलुरु से करीब 20 किलोमीटर दूर तुराहल्ली जंगल में भी सफाई अभियान चलाया. वहां भी उनकी टीम ने जंगल में जमा कचरा हटाया था. यानी नदी से लेकर जंगल और अब यमुना तक, बिट्टू तबाही अपने सफाई अभियान को अलग-अलग जगहों तक ले जा रहे हैं.
आनंद महिंद्रा ने भी किया काम का जिक्र
बिट्टू तबाही के सफाई अभियानों को सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा मिली है. उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी उनके नदी सफाई अभियान को सोशल मीडिया पर शेयर किया था. इसके बाद उनके काम को और ज्यादा लोगों ने देखा. अजनार नदी की सफाई के बाद उनके काम की चर्चा विदेशों तक भी पहुंची. रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यावरण संस्था द ओशन क्लीनअप के संस्थापक और CEO बोयन स्लैट की ओर से भी उन्हें नौकरी का ऑफर मिला था.
यमुना से जुड़ा अभियान क्यों खास?
दिल्ली की यमुना लंबे समय से प्रदूषण और कचरे की समस्या से जूझ रही है. ऐसे में बिट्टू तबाही का अभियान नदी किनारे पड़े कचरे को हटाने और लोगों को सफाई के लिए जागरूक करने पर केंद्रित है. हालांकि, सिर्फ कुछ घंटे की सफाई से यमुना की प्रदूषण की पूरी समस्या खत्म नहीं हो सकती. लेकिन इस तरह के अभियान लोगों को नदी और उसके आसपास सफाई रखने के लिए जागरूक करने का काम जरूर कर सकते हैं. बिट्टू तबाही अब मध्य प्रदेश, कर्नाटक के बाद दिल्ली में सफाई अभियान चला रहे हैं. यमुना के बाद उनका अगला पड़ाव गुरुग्राम है. यानी उनका संदेश साफ है जहां गंदगी दिखे, वहां सफाई की कोशिश शुरू होनी चाहिए.
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अरुण बिंजोला वर्तमान में News18 हिंदी में एसोसिएट एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वह करीब 19 वर्षों से काम कर रहे हैं, जिसमें 13 वर्षों से अधिक समय डिजिटल मीडिया में बी…
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