ACP विवेक भगत को मिला प्रमोशन, महिला पत्रकार के आरोपों के बीच अब संभालेंगे एडिशनल DCP पद की जिम्‍मेदारी

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ACP विवेक भगत को मिला प्रमोशन, महिला पत्रकार के आरोपों के बीच बने एडिशनल DCP

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ACP Vivek Bhagat Promotion News: जंतर-मंतर पर 3 अक्टूबर को एक प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार से छेड़खानी के गंभीर आरोपों से घिरे एसीपी विवेक भगत को दिल्ली सरकार ने एडिशनल डीसीपी के पद पर प्रमोट कर दिया है. उनके साथ 11 अन्य अधिकारियों को भी यह प्रमोशन मिला है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह पहले से तय एक प्रशासनिक प्रक्रिया थी, लेकिन इस टाइमिंग और आरोपों के बीच मिले प्रमोशन ने सोशल मीडिया पर भारी विवाद खड़ा कर दिया है.

एसीपी विवेक भगत का प्रमोशन हो गया है.

दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत पर 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार के साथ गंदी हरकत करने और छेड़खानी करने के गंभीर आरोप लगे थे. आज उन्‍हीं साहब की किस्मत का तो पूरा पासा ही पलट गया है. सोशल मीडिया पर जहां इस पूरे मामले को लेकर जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है और लोग लगातार वीडियो शेयर करके न्याय मांग रहे हैं, वहीं सरकार की तरफ से आए एक नए आर्डर ने सबको पूरी तरह शॉक कर दिया है. विवेक भगत को एसीसी से एडिशनल DCP के पद पर प्रमोट कर दिया गया है

क्या कहता है नया ऑफिशियल आर्डर?
दिल्ली सरकार के होम डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गए ताजा आर्डर (F.No.5/35/2016/HP-I/Estt./5529-5538) के मुताबिक, दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल ने DANIPS अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड में प्रमोट करने का फैसला लिया है. इस लिस्ट में विवेक भगत का नाम भी शामिल है. वो अभी तक कनॉट प्‍लेस/नई दिल्‍ली डिस्टिक में SDPO यानी सब डिविजन पुलिस अफसर के रूप में तैनात थे. हालांकि अंदर की खबर यह भी है कि यह पहले से तय एक रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया और पहले से डिसाइडेड प्रोसीजर का हिस्सा था, जिसके तहत विवेक भगत समेत कुल 12 अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. पर टाइमिंग ऐसी है कि लोग इसे लेकर सवाल तो खड़े कर ही रहे हैं.

सोशल मीडिया पर मचा बवाल
जैसे ही यह खबर और सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट सामने आई, इंटरनेट पर बहस छिड़ गई. एक तरफ जहां जंतर-मंतर पर महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी और छेड़खानी का मामला तूल पकड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी अधिकारी को प्रमोशन मिलना जनता के गले नहीं उतर रहा है. ट्विटर से लेकर हर जगह इस बात की चर्चा है कि गंभीर आरोपों के बावजूद अधिकारियों को कैसे मलाईदार पोस्टिंग और प्रमोशन मिल जाते हैं. हालांकि प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यह एक रेगुलर प्रमोशनल प्रोसीजर था, जो कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के तहत होना ही था, लेकिन जनता के गुस्से और इस कंट्रोवर्सी ने इस पूरे मामले को एकदम हाई-वोल्टेज ड्रामा बना दिया है.

दिल्‍ली पुलिस का जवाब
दिल्ली पुलिस के डीसीपी न्यू दिल्ली के ऑफिशियल हैंडल से इस पूरे बवाल पर एकदम सख्ताई के साथ सफाई पेश की गई है. पुलिस का साफ कहना है कि सोशल मीडिया पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट या शारीरिक उत्पीड़न के जितने भी दावे किए जा रहे हैं, वे सब पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक हैं. डीसीपी ऑफिस के मुताबिक, महिला प्रदर्शनकारियों को सिर्फ महिला पुलिस स्टाफ द्वारा ही हैंडल किया जाता है और उनके साथ पूरी गरिमा व सम्मान के साथ बर्ताव किया जाता है. साथ ही, हिरासत में लिए गए लोगों को कानून के दायरे में ही छोड़ा गया है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

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