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Ground Report Noida New Skywalk: नोएडा सेक्टर 51-52 मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए बना आधुनिक स्काईवॉक लोगों को काफी सुविधा दे रही है. लोकल 18 ने स्काईवॉक से गुजरने वाले यात्रियों से बात की और जाना कि पहले उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ता था और अब इस नई सुविधा से उनका सफर कितना आसान हुआ है.
Noida: नोएडा में मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए तैयार किया गया पहला आधुनिक स्काईवॉक अब लोगों के सफर को आसान बना रहा है. 460 मीटर लंबे इस स्काईवॉक में एसी, एस्केलेटर और 10 ट्रेवलेटर जैसी सुविधाएं दी गई हैं. प्राधिकरण की माने तो रोजाना करीब 75 से 80 हजार मेट्रो यात्री इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. लोकल 18 ने स्काईवॉक से गुजरने वाले यात्रियों से बात की और जाना कि पहले उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ता था और अब इस नई सुविधा से उनका सफर कितना आसान हुआ है. यात्रियों ने स्काईवॉक की सुविधाओं को लेकर क्या कहा, देखिए हमारी ग्राउंड रिपोर्ट.
हर रोज 75-80 हजार यात्री उठा रहे हैं लाभ
नोएडा सेक्टर 51-52 मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए बना आधुनिक स्काईवॉक करीब 36 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ है. इस स्काईवॉक की लंबाई 460 मीटर और चौड़ाई 6.50 मीटर है. पूरी तरह वातानुकूलित इस स्काईवॉक में यात्रियों की सुविधा के लिए 10 ट्रेवलेटर लगाए गए हैं. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. स्काईवॉक में अग्निशमन यंत्रों के साथ 5 अग्निशमन दरवाजे भी लगाए गए हैं. बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 500 केवीए का डीजी सेट भी स्थापित किया गया है.
दो स्टेशन के बीच जाने की बेहतरीन सुविधा
प्राधिकरण के आलाधिकारियों की माने तो इस स्काईवॉक से रोजाना करीब 75 हजार से 80 हजार मेट्रो यात्री गुजरते हैं. वहां से गुजर रहे उन यात्रियों से लोकल 18 ने खास बातचीत की तो उन्होंने कहा कि पहले मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलने या दूसरी ओर जाने के लिए उन्हें नीचे की सड़क और भीड़भाड़ वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था. कई बार ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की वजह से भी परेशानी होती थी. अब स्काईवॉक के जरिए उन्हें कम समय में सुविधाजनक रास्ता मिल रहा है. यात्रियों के मुताबिक, वातानुकूलित सुविधा के कारण धूप और गर्मी से भी राहत मिल रही है.
गर्भवती पत्नी के साथ पति ने की सराहना
मेट्रो यात्री मिलन कुमार ने स्काईवॉक की सुविधाओं को बेहतर बताते हुए कहा कि उनकी गर्भवती पत्नी साथ में है और ये रास्ता उनकी पत्नी के लिए काफी सुविधाजनक है. उन्होंने बताया कि उन्होंने इस तरह की सुविधा पहले कहीं नहीं देखी थी. वहीं विवेक और नेहा ने भी स्काईवॉक के इंफ्रास्ट्रक्चर को अच्छा बताया. विवेक के मुताबिक, पहले उन्हें ई-रिक्शा से रास्ता तय करना पड़ता था और भीड़भाड़ के कारण समय भी अधिक लगता था. अब स्काईवॉक के जरिए रास्ता आसान और सुविधाजनक हो गया है. एस्केलेटर की सुविधा को भी यात्रियों ने उपयोगी बताया.
बाहर से आए किसान बोले- ऐसा नहीं देखा
सेक्टर-143 से अशोक नगर की ओर रोजाना यात्रा करने वाले एक यात्री ने बताया कि पहले उन्हें काफी घूमकर रास्ता तय करना पड़ता था. अब स्काईवॉक के जरिए समय की बचत हो रही है और सफर भी सुगम हो गया है. यात्रियों के मुताबिक, एस्केलेटर और वातानुकूलित सुविधा के साथ धूप से बचाव भी बड़ी राहत है. अमेठी से नोएडा पहुंचे कुछ किसानों ने भी स्काईवॉक को पहली नजर में अच्छी सुविधा बताया और जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि इसे देखने के बाद उन्हें नोएडा के विकास और आधुनिक सुविधाओं का अनुभव हुआ.
अपना अनुभव बताते हुए प्रोजेक्ट की तारीफ की
आपको बता दें कि स्काईवॉक ने मेट्रो से आने-जाने वाले लोगों के लिए पैदल सफर को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनाया है. खासकर बुजुर्गों, महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियों के लिए एस्केलेटर और एसी की सुविधा उपयोगी साबित हो रही है. स्काईवॉक में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन व्यवस्था भी की गई है. रोजाना 75 हजार से 80 हजार यात्रियों को लाभ मिल रहा है. यह परियोजना नोएडा में सार्वजनिक परिवहन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण के रूप में यात्री देख रहे हैं.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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