UP Police Alert Today : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी आज यानी 10 अक्टूबर को एक बार फिर दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंच रही है. दिल्ली पुलिस फोर्स के साथ-साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के 26,000 से ज़्यादा जवानों को तैनात किया गया है. वहीं यूपी में भी पुलिस सतर्क हो गई है. दिल्ली-नोएडा सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है. इसके अलावा गाजियाबाद पुलिस अलर्ट पर है. जिले की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. खासतौर पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के जरिए राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों पर निगरानी रखी जा रही है. गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. यही से दिल्ली जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है. पुलिस का प्रयास है कि प्रस्तावित प्रदर्शन के चलते किसी भी तरह की अव्यवस्था सीमा पर ना हो.
जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर प्रोटेस्ट
सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके ने एसआईआर को रद्द करने और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के लिए जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर आज नई दिल्ली के जंतर-मंतर तक मार्च का ऐलान किया है. सीजेपी का ये प्रोटेस्ट ऐसे समय में हो रहा है जब विपक्षी दल भी लामबंद होने लगे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतियां और बढ़ गई हैं. प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था पर भी खास ध्यान दिया गया है.
यूपी अलर्ट पर है
राष्ट्रीय राजधानी में आज होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली और नोएडा पुलिस सतर्क हो गई है. नोएडा-दिल्ली के सभी सीमावर्ती रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. चिल्ला बॉर्डर पर दोनों शहरों की पुलिस के साथ बीएसएफ के जवान तैनात हैं, जबकि संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है. चिल्ला बॉर्डर पर पुलिस और सुरक्षाबल बसों, टैक्सियों व कारों की सघन जांच कर रहे हैं. वाहनों को रोककर तलाशी ली जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. सुरक्षा मजबूत करने के लिए बॉर्डर पर आरसीसी बैरियर लगाए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस रात 9 बजे के आसपास बॉर्डर सील कर सकती है. प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सीमा पर निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
ट्रेनें तक कैंसिल
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली की ओर जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों को निरस्त कर दिया है. लखनऊ मेल, तेजस समेत एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल कर दी गई. इसका सीधा असर चारबाग, लखनऊ जंक्शन, गोमतीनगर सहित लखनऊ के अन्य रेलवे स्टेशन पर पड़ा. शुक्रवार को लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल और एसी एक्सप्रेस के अचानक निरस्त हो जाने से यात्रियों में हड़कंप मच गया.
अचानक ट्रेनें रद्द किए जाने पर यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रेलवे प्रशासन के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई. यात्रियों का कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक ट्रेनें रद्द कर देना रेलवे का गैर-जिम्मेदाराना रवैया है. कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि महीनों पहले यात्रा का प्लान बनाने के बावजूद उन्हें अब सड़क मार्ग से कई गुना अधिक किराया देकर सफर करना पड़ रहा है. यात्रियों ने मांग की कि आंदोलन के नाम पर आम जनता की जेब और सहूलियत पर डाका नहीं डाला जाना चाहिए.
नोएडा में 10 दिन तक धारा 163 लागू
इधर, नोएडा पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि जंतर-मंतर पर सीजेपी धरना-प्रदर्शनों, आगामी त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्कता बरती जा रही है. जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं. यह प्रतिबंध जिले में 10 दिनों की अवधि के लिए प्रभावी किए गए हैं. प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
