नई दिल्ली. देश में पिछले कुछ समय से स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) की बिक्री में जोरदार इजाफा हुआ है. इस बदलाव के चलते ऑटो जगत में यह धारणा बनने लगी है कि देश में अब हैचबैक और छोटी कारों का दौर जाने वाला है. लेकिन, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर सी भार्गव ऐसा नहीं मानते. कंपनी के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के नतीजों की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ SUV का बाजार नहीं है. वस्तु एवं सेवा कर (GST) में सुधार के बाद इस सेगमेंट की मांग में आई तेजी से साबित होता है कि भारत में छोटी कारों के लिए अब भी बड़ा बाजार मौजूद है.
आर सी भार्गव ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ही मारुति ने करीब 3.98 लाख छोटी कारें बेची हैं. उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से कई विश्लेषक यह दावा कर रहे थे कि हर ग्राहक केवल आधुनिक फीचर्स वाली महंगी SUV ही खरीदेगा, लेकिन निम्न मध्यम वर्ग के ग्राहकों की मांग ने इन दावों को गलत साबित कर दिया है.
छोटी कारों की बिक्री में 36% की जोरदार उछाल
जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में मारुति की छोटी कारों की बिक्री में सालाना आधार पर 35.9% की भारी वृद्धि दर्ज की गई. हालांकि, इसी दौरान SUV सेगमेंट 68.2% की दर से बढ़ा, लेकिन छोटी कारों की वॉल्यूम ग्रोथ यह साबित करती है कि यह बाजार कमजोर नहीं पड़ा है. भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार और लोगों की बदलती महत्वाकांक्षाओं के बावजूद भार्गव ने छोटी कारों के टिकाऊ भविष्य पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि 2047 तक भी, जब भारत एक विकसित देश बनेगा, तब भी यहां छोटी कारों का एक बड़ा और मजबूत बाजार कायम रहेगा.”
GST सुधार बना टर्निंग प्वाइंट
भार्गव के अनुसार, सितंबर 2025 में लागू हुए जीएसटी (GST) सुधारों ने ऑटोमोबाइल सेक्टर को नई ऊर्जा दी है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड 6.97 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो सालाना आधार पर 26.5% ज्यादा है. वहीं, पहली छमाही की कुल बिक्री 27.9% बढ़कर 13.79 लाख यूनिट तक पहुंच गई. मांग का आलम यह है कि उत्पादन क्षमता बढ़ाने के बावजूद डीलरशिप्स पर सप्लाई कम पड़ रही है. सितंबर के अंत तक करीब 2 लाख कारों की बुकिंग पेंडिंग थी और डीलरों के पास केवल 17 दिनों का स्टॉक बचा था.
भार्गव ने बताया कि कारों की मांग केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार शहरों से भी थोड़ी तेज बनी हुई है. देश के कोने-कोने तक पहुंच मजबूत करने के लिए मारुति सुजुकी अपने अरेना और नेक्सा रिटेल नेटवर्क का विस्तार कर रही है. कंपनी के सर्विस टचपॉइंट्स का आंकड़ा 5,000 के पार पहुंच चुका है.
घट गया मारुति का मुनाफा
Q2 FY27 में मारुति की शुद्ध बिक्री 26.1% बढ़कर ₹50,615.5 करोड़ रही, लेकिन स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 26.9% घटकर ₹2,414.9 करोड़ रह गया. मुनाफा घटने की मुख्य वजह पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे माल की बढ़ी लागत, विदेशी मुद्रा विनिमय में नुकसान और मार्क-टू-मार्केट घाटा रही. पश्चिम एशिया के संकट के बाद भी वित्त वर्ष 2026-27 में कंपनी को पिछले साल के 4.44 लाख वाहनों के कुल निर्यात आंकड़े को पार करने का पूरा भरोसा है. मारुति भारत से करीब 120 देशों को कारें निर्यात करती हैं.
