Daughter Wedding Financial Planning: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनकी बेटी की शादी अच्छे से हो और पैसों की कमी की वजह से किसी तरह की परेशानी न आए. लेकिन आज के समय में शादी का खर्च लगातार बढ़ रहा है. कैटरिंग से लेकर सजावट और दूसरी तैयारियों तक, हर चीज पर अच्छी-खासी रकम खर्च होती है. ऐसे में अगर शादी के लिए पहले से बचत शुरू कर दी जाए, तो आखिरी समय में पैसों का इंतजाम करने का दबाव कम हो सकता है. इसके लिए जरूरी नहीं है कि आपकी कमाई बहुत ज्यादा हो. सही प्लानिंग और हर महीने बचत करने की आदत से भी बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है.
₹50,000 की कमाई है तो हर महीने ऐसे करें बचत
इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के मुताबिक, बेटी की शादी के लिए पैसे जोड़ने का सबसे आसान तरीका है कि हर महीने बचत करने का एक नियम बना लिया जाए. अक्सर लोग पहले घर के खर्च, शॉपिंग, पार्टी और दूसरी जरूरतों पर पैसे खर्च करते हैं. इसके बाद जो रकम बचती है, उसे सेव करने के बारे में सोचते हैं. लेकिन ऐसा करने पर कई बार महीने के आखिर तक पैसे बच ही नहीं पाते. इसलिए बचत को महीने के आखिर के लिए छोड़ने के बजाय शुरुआत में ही अलग कर देना चाहिए. उदाहरण के लिए, अगर आपके घर की महीने की कमाई ₹50,000 है, तो आप हर महीने ₹15,000 की रकम बेटी की शादी के लिए अलग रख सकते हैं. इसके बाद बचे हुए ₹35,000 रुपये में घर का बजट और दूसरे खर्च मैनेज करने की कोशिश करें.इसका फायदा यह होगा कि बचत के लिए रखी गई रकम रोजमर्रा के खर्चों में इस्तेमाल नहीं होगी. अगर आप लंबे समय तक इस नियम को अपनाते हैं, तो बेटी की शादी के लिए अच्छी रकम जमा कर सकते हैं.
10 या 15 साल में कितना पैसा हो सकता है जमा
अगर आप हर महीने ₹15,000 बचाते हैं, तो बिना किसी ब्याज या निवेश से मिलने वाले रिटर्न को जोड़े ही एक अच्छी रकम जमा हो सकती है.
- 5 साल में ₹9 लाख
- 10 साल में ₹18 लाख
- 15 साल में ₹27 लाख
सुकन्या समृद्धि योजना कितनी फायदेमंद
बेटी की शादी के लिए बचत करने के साथ-साथ उसकी पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखना चाहिए. आकाश जिंदल के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है. इस योजना के जरिए माता-पिता बेटी की उच्च शिक्षा और शादी जैसे लंबे समय के लक्ष्यों के लिए पैसा जमा कर सकते हैं.
कमाई का कितना हिस्सा भविष्य के लिए बचाना चाहिए
अगर किसी परिवार की महीने की कमाई ₹1 लाख है, तो उसे अपनी आमदनी और खर्चों का हिसाब लगाकर लंबे समय के लक्ष्यों के लिए एक तय रकम बचाने की कोशिश करनी चाहिए. आकाश जिंदल के मुताबिक, कमाई का करीब एक-तिहाई हिस्सा बचत के लिए रखने का लक्ष्य बनाया जा सकता है. इस हिसाब से ₹1 लाख की मासिक आय में लगभग ₹33,000 से ₹35,000 तक बचाने की योजना बनाई जा सकती है. लेकीन हर परिवार के लिए एक जैसा नियम नहीं है. जिन लोगों पर होम लोन, बच्चों की पढ़ाई या घर चलाने की बड़ी जिम्मेदारियां हैं, उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार बचत तय करनी चाहिए.
अचानक मिले पैसों को खर्च करने के बजाय करें सही इस्तेमाल
कई बार लोगों को प्रॉपर्टी बेचने, विरासत में पैसा मिलने या किसी दूसरे कारण से बड़ी रकम मिल जाती है. ऐसे में तुरंत छुट्टियों, महंगी खरीदारी या दूसरी चीजों पर पैसा खर्च करने के बजाय उसके इस्तेमाल की योजना बनाना जरूरी है. आकाश जिंदल के मुताबिक, ऐसी रकम को बच्चों की उच्च शिक्षा, घर खरीदने या बेटी की शादी जैसे बड़े लक्ष्यों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है. इससे फ्यूचर में इन जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज लेने या अचानक पैसों का इंतजाम करने की मजबूरी कम हो सकती है.
