ओलंप‍िक मेडल‍िस्‍ट नीलकांत का संन्‍यास का ऐलान, बोले- हॉकी को म‍िस करूंगा

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Nilakanta sharma announces retirement: भारतीय हॉकी स्‍टार नीलकांत शर्मा ने इंटरनेशनल हॉकी से संन्‍यास का ऐलान कर द‍िया है. नीलकांत ने कहा क‍ि एश‍ि‍याई चैंप‍ियंस ट्रॉफी उनके कर‍ियर का आख‍िरी इंटरनेशनल टूर्नामेंट है.,

नीलकांत शर्मा ने इंटरनेशनल हॉकी को कहा अलव‍िदा.

जालंधर. भारत के अनुभवी मिडफील्डर नीलकांत शर्मा युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए मौजूदा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के बाद इंटरनेशनल हॉकी से संन्यास ले लेंगे. इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया के सूत्रों ने बताया था कि ओलंपिक और आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली भारतीय टीमों का हिस्सा रहे नीलकांत के अलावा जरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह और अमित रोहिदास मौजूदा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में अपना अंतिम टूर्नामेंट खेल रहे हैं.

समझा जाता है कि यह कदम 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए हॉकी इंडिया की बदलाव की रणनीति का हिस्सा है. भारत ने हाल ही में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था.

31 वर्षीय नीलकांत ने कहा कि उन्होंने आइची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद खुद संन्यास लेने का फैसला किया. नीलकांत ने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में भारत की बांग्लादेश पर 13-0 की बड़ी जीत के बाद पीटीआई से कहा, ‘यह फैसला मैंने एशियाई खेलों के बाद खुद लिया. किसी ने मुझ पर दबाव नहीं डाला. जाहिर है, मुझे खेल की कमी खलेगी लेकिन मैंने यह फैसला अगली पीढ़ी के लिए लिया है. कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौके का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें अवसर मिलना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘एशियाई खेलों के तुरंत बाद और इस टूर्नामेंट से पहले मैंने कोच (क्रेग फुल्टन) को अपने फैसले के बारे में बता दिया था.’ मणिपुर के रहने वाले नीलकांत ने कहा कि उन्होंने संन्यास के बाद की अपनी योजनाएं भी तैयार कर ली हैं.  उन्होंने कहा, ‘मैं इसके लिए तैयार हूं. जब भी मैं घर जाता हूं, तो अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को कोचिंग देता हूं. तोक्यो ओलंपिक के बाद जब मेरे राज्य ने मुझे नौकरी की पेशकश की, तो मैंने खेल विभाग को चुना, ताकि अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर सकूं. मैंने यहां से बहुत कुछ सीखा है.’

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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