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महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने दिल्ली पुलिस को पत्र भेजकर राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है. आरोप है कि 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में रिपोर्टिंग के दौरान राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह गिर गईं और उनके हाथों में चोट आई. ऋचा ने शिकायत में बताया कि घटना के समय वह करीब 11 सप्ताह की गर्भवती थीं.
ऋचा पराशर का आरोप है कि 12 अक्टूबर को कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया.
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने दिल्ली पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. इस महिला पत्रकार का आरोप है कि 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के बाहर कांग्रेस के प्रोटेस्ट मार्च की रिपोर्टिंग के दौरान राहुल गांधी और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे वह सीढ़ियों पर गिर गईं. उन्होंने अपनी शिकायत में खुद के तीन महीने की गर्भवती होने का भी जिक्र करते हुए राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 115(2), 131, 125 और 3(5) के तहत कार्रवाई की मांग की है.
राहुल गांधी ने धक्का दिया
दरअसल ऋचा पराशर का आरोप है कि 12 अक्टूबर को कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान वह राहुल गांधी से प्रतिक्रिया लेने के लिए अपना माइक्रोफोन आगे कर रही थीं. इसी दौरान राहुल गांधी ने उन्हें गेट की ओर धक्का दे दिया. ऋचा ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि उन्होंने बार-बार धक्का नहीं देने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई.
उनके मुताबिक, धक्का लगने से वह संतुलन खो बैठीं और गिरते समय उन्हें हाथों के सहारे खुद को संभालना पड़ा, जिससे उनके हाथों में चोट आई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद वह मदद के लिए करीब 40 मिनट तक परेशान रहीं और इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे. ऋचा के मुताबिक, भीड़ में उन्हें सांस लेने में भी परेशानी हुई और घटना के बाद वह काफी देर तक सदमे में रहीं.
पेट में दर्द के बाद अस्पताल पहुंचीं पत्रकार
पुलिस शिकायत में ऋचा ने बताया कि गिरने के बाद उनके पेट के निचले हिस्से में दर्द होने लगा. गर्भावस्था को लेकर चिंता के कारण उन्हें उसी दिन रात करीब 9 बजे दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के इमरजेंसी विभाग ले जाया गया. उन्होंने कहा कि गर्भावस्था की जानकारी मिलने के बाद उनकी जांच की प्रक्रिया में बदलाव किया गया और भ्रूण की धड़कन की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड किया गया.
कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज
इस मामले में कांग्रेस की ओर से आरोपों का खंडन किया गया है. कांग्रेस नेताओं ने ऋचा के बयान पर सवाल उठाए और इसे भाजपा की ओर से चलाया जा रहा राजनीतिक प्रचार बताया. कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी कहा कि राहुल गांधी ने किसी को धक्का नहीं दिया.
फिलहाल, ऋचा पराशर की शिकायत के बाद मामला और गंभीर हो गया है. अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि दिल्ली पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है.
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साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.
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