Emergency Fund: मेडिकल इमरजेंसी हो या अचानक 10 लाख की जरूरत, जानें बैंक में कितनी रकम रखना है जरूरी

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मेडिकल इमरजेंसी हो या अचानक 10 लाख की जरूरत, जानें बैंक में कितनी रकम रखें

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Bank Emergency Fund: आर्थिक जानकारों के अनुसार हर व्यक्ति को अपनी कमाई का 33 से 35 प्रतिशत हिस्सा इमरजेंसी फंड के रूप में सुरक्षित रखना चाहिए. यह आपातकालीन स्थिति में आर्थिक सहारा बनता है, जिसे एफडी जैसे विकल्पों में रखा जा सकता है. आइये जानते हैं दिल्ली के फेमस एक्सपर्ट आकाश जिंदल से.

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दिल्ली: हर महीने सैलरी आती है और घर का खर्च चलाने के बाद कुछ पैसे बच भी जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बैंक खाते में हमेशा कितनी रकम ऐसी होनी चाहिए, जिसे सिर्फ इमरजेंसी के लिए रखा जाए. परिवार में किसी की तबीयत बिगड़ने, अचानक दुर्घटना होने या किसी जरूरी काम के लिए बड़ी रकम की जरूरत पड़ने पर यही बचत काम आती है. ऐसे में हर व्यक्ति के लिए इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी है.

कमाई का कितना हिस्सा रखें रिजर्व

इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के मुताबिक, आम आदमी को अपनी कमाई का करीब 33-35% हिस्सा इमरजेंसी फंड के तौर पर सुरक्षित रखने की कोशिश करनी चाहिए. यह पैसा अचानक आने वाली जरूरतों में आर्थिक सहारा देता है. उनके मुताबिक, इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल सिर्फ परेशानी के समय ही नहीं, बल्कि किसी अच्छे मौके पर भी किया जा सकता है. अगर कोई बच्चा दो साल से प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा है और अचानक उसका चयन हो जाता है, लेकिन एडमिशन के लिए 5 लाख या 10 लाख रुपये की जरूरत पड़ती है, तो ऐसे समय में इमरजेंसी फंड मददगार हो सकता है. इसी तरह, किसी कारोबारी या कंसल्टेंट को बड़ा ऑर्डर मिलने पर काम शुरू करने के लिए तुरंत पैसे चाहिए हो, तो यह रकम काम आ सकती है.

जानें बैंक खाते में कैसे रखें रिजर्व पैसा

आकाश जिंदल के मुताबिक, इमरजेंसी फंड का मतलब यह नहीं है कि पूरा पैसा नकद घर में रखा जाए. इसे बैंक एफडी जैसे विकल्पों में रखा जा सकता है. जहां से जरूरत पड़ने पर रकम आसानी से निकाली जा सके हालांकि, पैसा रखने से पहले निकासी की सुविधा, समय और एफडी से जुड़ी शर्तों को समझना जरूरी है.

जरूरत पड़ने पर करें इस्तेमाल

मेडिकल इमरजेंसी, परिवार के किसी सदस्य की बीमारी या दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में इस फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन एक बात का ध्यान रखना जरूरी है. आकाश जिंदल के मुताबिक, जब भी इमरजेंसी फंड से पैसा खर्च हो, तो उसे दोबारा भरने की कोशिश करनी चाहिए. यानी बचत फिर से शुरू करें, ताकि अगली जरूरत के समय भी आपके पास पर्याप्त पैसा मौजूद रहे.

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