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दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके के निवासियों को हर मानसून में होने वाले जलभराव से जल्द ही हमेशा के लिए राहत मिलने वाली है. दिल्ली सरकार ने मंडी रोड और बांध रोड पर आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क, दो पंप हाउस और 4 किमी लंबी मजबूत बिटुमिनस सड़क के निर्माण के लिए 25.60 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है. जुलाई में भारी बारिश के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने यह मांग उठाई थी. ‘वन गवर्नमेंट, वन गवर्नेंस’ के तहत पीडब्ल्यूडी इस प्रोजेक्ट को अगले मानसून से पहले पूरा करेगी.
कैप्शन: दिल्ली के छतरपुर क्षेत्र में मंडी रोड और बांध रोड पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रीकास्ट ड्रेन और पंप हाउस बनाने का फैसला लिया गया है. (Image: AI)
Delhi News: दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर इलाके में जलभराव की समस्या से परेशान होने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है. सुल्तानपुर, गदाईपुर, जौनापुर गांव और आसपास के इलाकों में बारिश के दौरान सड़कों पर भरने वाले पानी की समस्या दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने ₹25.60 करोड़ की मंजूरी दी है. इस रकम से मंडी रोड और बांध रोड पर आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क बनाया जाएगा. साथ ही बारिश के पानी की तेजी से निकासी के लिए दो पंप हाउस भी बनाए जाएंगे. इस परियोजना का मकसद इलाके में सालों से चली आ रही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है. इसके अलावा, करीब 4 किलोमीटर लंबी मंडी रोड को भी मजबूत बिटुमिनस सड़क के रूप में दोबारा बनाया जाएगा. सरकार का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर खास नजर रखी जाएगी, ताकि अगले मानसून से पहले लोगों को राहत मिल सके.
मंत्री के निरीक्षण के बाद मिली मंजूरी
मंडी रोड और आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या को लेकर जुलाई में लोक निर्माण विभाग और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मौके का निरीक्षण किया था. उस समय भारी बारिश के कारण सड़क पर काफी पानी भर गया था. स्थानीय लोगों ने मंत्री को बताया था कि हर साल मानसून में उन्हें इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है. सड़क पर पानी भरने से लोगों की रोजाना आवाजाही प्रभावित होती है. भारी ट्रैफिक जाम लगता है और आसपास के कारोबार पर भी असर पड़ता है. लोगों ने इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की थी. मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का भरोसा दिया था. अब सरकार ने इसके लिए ₹25.60 करोड़ की प्रशासनिक और खर्च संबंधी मंजूरी दे दी है.
मंडी रोड और बांध रोड पर बनेगा ड्रेनेज नेटवर्क
- इस परियोजना के तहत दोनों सड़कों पर पानी की निकासी के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे. मंडी रोड के दोनों ओर 710-710 मीटर लंबी प्रीकास्ट ड्रेन बनाई जाएगी. यानी यहां कुल 1,420 मीटर लंबा ड्रेनेज नेटवर्क तैयार होगा.
- वहीं, बांध रोड के एक ओर 1,920 मीटर लंबी प्रीकास्ट ड्रेन बनाई जाएगी. इसके अलावा दो पंप हाउस बनाए जाएंगे, जो बारिश के दौरान जमा पानी को तेजी से बाहर निकालने में मदद करेंगे.
- प्रीकास्ट ड्रेन तकनीक में पहले से तैयार किए गए हिस्सों को मौके पर लगाया जाता है. इससे निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने में मदद मिलती है और सड़क पर लंबे समय तक काम चलने से होने वाली परेशानी को कम किया जा सकता है.
क्यों हर साल भर जाता है पानी?
मंडी रोड सीडीआर चौक से जौनापुर गांव होते हुए दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक जाती है. इस इलाके की जमीन काफी नीची है. पहले बारिश का पानी एक नाले से होकर हरियाणा की तरफ निकल जाता था. लेकिन शहरीकरण के कारण पानी की निकासी का यह रास्ता बंद हो गया है. इसके बाद से हर मानसून में यहां जलभराव की समस्या गंभीर होती गई. कई बार सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है. इससे वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी होती है. पानी जमा रहने से सड़कें भी खराब होती हैं. अब नए ड्रेनेज नेटवर्क और पंप हाउस के जरिए बारिश के पानी की निकासी के लिए व्यवस्थित रास्ता तैयार किया जाएगा.
4 किलोमीटर लंबी मंडी रोड भी बनेगी मजबूत
ड्रेनेज नेटवर्क के साथ मंडी रोड की हालत सुधारने की भी योजना है. करीब 4 किलोमीटर लंबी इस सड़क को मजबूत बिटुमिनस सड़क के तौर पर दोबारा बनाया जाएगा. इसके लिए साउथ जोन के संयुक्त टेंडर के तहत वित्तीय बोलियां खोली जा चुकी हैं. जल्द ही निर्माण कार्य आवंटित किए जाने की उम्मीद है. पहले यह सड़क दिल्ली नगर निगम के अधीन थी. अब ‘वन गवर्नमेंट, वन गवर्नेंस’ के तहत इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंप दी गई है. सरकार के अनुसार, इससे सड़क और ड्रेनेज से जुड़े कामों की योजना बनाने, फैसले लेने और जवाबदेही तय करने में आसानी होगी. मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए और प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए.
