दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए मेट्रो चलाएगी 20 अतिरिक्त फेरे, एंटीस्मॉग गन और निर्माण स्थलों पर सख्त पहरा

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प्रदूषण के खिलाफ एक्शन मोड में दिल्ली सरकार, हर रोज मेट्रो के 20 अतिरिक्त फेरे

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Delhi Metro News: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए GRAP-1 लागू कर दिया गया है. प्रदूषण पर लगाम लगाने और लोगों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन की ओर प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने 22 अक्टूबर से रोजाना 20 अतिरिक्त फेरे चलाने का ऐलान किया है. इसके साथ ही निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन और धूल नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.

18 अक्टूबर को सुबह 3:30 बजे से ही मिलने लगेगी मेट्रो टेन की सर्विस. (पीटीआई)

नई दिल्ली. सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है. प्रदूषण के खतरे से निपटने के लिए लागू किए गए GRAP-1 के तहत अब दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने मोर्चा संभाल लिया है. दिल्लीवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित सफर देने के साथ-साथ सड़कों पर निजी गाड़ियो की संख्या कम करने के उद्देश्य से मेट्रो प्रशासन ने कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है.

दिल्ली में GRAP-1 लागू होने के बाद प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली मेट्रो ने तैयारी तेज कर दी है. 22 अक्टूबर से सोमवार से शुक्रवार तक मेट्रो नेटवर्क पर रोजाना 20 अतिरिक्त फेरे चलाए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें.

संजय प्रताप और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. (फाइल फोटो)

22 अक्टूबर से मेट्रो के 20 अतिरिक्त फेरे

निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए DMRC 22 अक्टूबर 2026 से पूरे मेट्रो नेटवर्क पर रोजाना 20 अतिरिक्त फेरे चलाएगी. यह व्यवस्था सोमवार से शुक्रवार तक लागू रहेगी. अतिरिक्त फेरों की वजह से पीक और नॉन-पीक आवर्स में यात्रियों को मेट्रो का इंतजार कम करना पड़ेगा, जिससे स्टेशनों पर भीड़भाड़ कम होगी और लोग अपनी गाड़ियों को घर पर छोड़कर मेट्रो का अधिक से अधिक उपयोग करेंगे.

सर्दियों में आ गया डीएमआरसी का एक्शन प्लान

इसके अलावा, मेट्रो के निर्माण स्थलों और आसपास की सड़कों पर धूल कम करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. सड़कों से धूल हटाने, फुटपाथों और सड़क के डिवाइडर के पास जमा कचरे की सफाई करने पर जोर दिया जाएगा. DMRC के इंजीनियर निर्माण स्थलों और आसपास की सड़कों का निरीक्षण करेंगे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्माण सामग्री ढकी हो और निर्माण स्थलों से बाहर निकलने वाले वाहनों के पहिए धोने की व्यवस्था ठीक से काम कर रही हो.

डीएमआरसी का प्लान 

DMRC के मुताबिक, फिलहाल करीब 31 किलोमीटर सड़कें मेट्रो निर्माण के लिए उसके अस्थायी अधिकार क्षेत्र में हैं. इनमें से ज्यादातर सड़कों की मरम्मत की जा चुकी है. धूल कम करने के लिए निर्माण स्थलों, मेट्रो स्टेशनों और कार्यालयों में 250 से ज्यादा एंटी-स्मॉग और मिस्ट गन लगाई गई हैं. पर्यावरण विभाग की टीमें रोजाना निरीक्षण कर रही हैं, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके.

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