'लड़कियों को आगे कर दिया…' संसद मार्च के बाद CJP में दरार! Ex कॉकरोच ने अभिजीत दीपके के धागे खोल दिए

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संसद मार्च के बाद CJP में दरार! Ex कॉकरोच ने अभिजीत दीपके के धागे खोल दिए

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CJP Jantar Mantar Protest: संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के भीतर मतभेद सामने आने लगे हैं. करीब एक महीने तक आंदोलन का हिस्सा रहे पूर्व प्रदर्शनकारी वीरू भाई ने संगठन के नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि सीजेपी अब AAP की ‘बी-टीम’ बन चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं ने खुद आगे आने के बजाय छात्रों और महिला प्रदर्शनकारियों को आगे कर दिया. साथ ही सवाल उठाया कि पुलिस की अनुमति न होने के बावजूद संसद मार्च क्यों कराया गया. इस बीच सीजेपी ने जेपी नड्डा से हुई बैठक को आंदोलन की बड़ी सफलता बताया है.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं. (फाइल फोटो)

संसद मार्च के दौरान हुए बवाल के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं. करीब एक महीने तक आंदोलन का हिस्सा रहे एक पूर्व प्रदर्शनकारी ने संगठन के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि यह आंदोलन अब निष्पक्ष नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक प्रभाव में आ गया है. CNN-News18 से बातचीत में वीरू भाई नाम के पूर्व सीजेपी आंदोलनकारी ने कहा कि वह आंदोलन से खुद को अलग कर चुके हैं, क्योंकि जिस उद्देश्य से छात्र जुड़े थे, वह धीरे-धीरे राजनीति की भेंट चढ़ गया.

वीरू भाई ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ यह मंच खुद को गैर-राजनीतिक बताता रहा, लेकिन अब इसकी दिशा बदल चुकी है. उनका दावा है कि सीजेपी अब आम आदमी पार्टी (AAP) की ‘बी-टीम’ की तरह काम कर रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन में ऐसे लोग भी शामिल हो गए, जिनका छात्र हितों से कोई लेना-देना नहीं था. उनके मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कई उपद्रवी तत्व भी भीड़ का हिस्सा बन गए.

इस पूर्व प्रदर्शनकारी ने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों को उम्मीद थी कि आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता खुलकर उनके समर्थन में सामने आएंगे. उन्होंने कहा, ‘हमें लगा था कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया या संजय सिंह हमारे साथ आएंगे. अगर उनके पास इतने सांसदों का समर्थन था तो संसद मार्च के दिन कोई भी नेता सामने क्यों नहीं आया?’

वीरू भाई ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत अन्य नेताओं पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि पुलिस के साथ टकराव की आशंका के बावजूद नेतृत्व खुद आगे नहीं आया. उनके मुताबिक, महिला प्रदर्शनकारियों को सबसे आगे रखा गया, जबकि संगठन के प्रमुख लोग पीछे रहे ताकि गिरफ्तारी से बच सकें. उन्होंने कहा कि पहली बार प्रदर्शन में शामिल हुए कई छात्र नेतृत्व के अभाव में सीधे पुलिस कार्रवाई का सामना करने को मजबूर हुए.

इस पूर्व प्रदर्शनकारी ने यह भी सवाल उठाया कि जब दिल्ली पुलिस पहले ही संसद मार्च की अनुमति देने से इनकार कर चुकी थी और कई दिनों से बैरिकेडिंग लगी हुई थी, तब भी प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने के लिए क्यों कहा गया. उन्होंने कहा कि अगर नेतृत्व को हालात की जानकारी थी तो उसे सबसे आगे रहकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी.

सोमवार को CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया था. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच खूब झड़प भी देखने को मिली. पुलिस ने पथराव, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने का आरोप लगाया, जबकि CJP का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया.

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस झड़प में 178 लोग घायल हुए, जिनमें 118 पुलिसकर्मी और करीब 60 प्रदर्शनकारी शामिल हैं. वहीं CJP का दावा है कि बड़ी संख्या में छात्रों और प्रदर्शनकारियों को चोटें आई हैं.

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Saad Omar

साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.

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