रनवे पर थी अफरा-तफरी, घुटनों पर बैठे लोग और CISF कमांडोज की तनी थीं गन, IGI Airport पर क्या हुआ?

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IGIA: रनवे पर मची अफरा तफरी, घुटने पर बैठे थे कुछ लोग, सिर पर तनी थी गन, फिर..

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दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर रनवे पर अफरा-तफरी जैसा माहौल, घुटनों पर बैठे कुछ लोग और सामने सीआईएसएफ कमांडोज की तनी गन. दरअसल, यह सीआईएसएफ की एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज थी. इस दौरान डॉग स्क्वॉड, रिस्पॉन्स टीमों और फॉरवर्ड कमांड पोस्ट की मदद से हाईजैकिंग जैसी संभावित स्थिति से निपटने की तैयारियों को बारीकी से परखा गया.

दिल्‍ली एयरपोर्ट की यह तस्‍वीर आपको सोचने पर मजबूर कर सकती है कि आखिर वहां ऐसा क्‍या हुआ?

Delhi Airport & CISF News: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एयरसाइट पर नजारा कुछ बदला-बदला और बेहद तनाव से भरा नजर आ रहा था. एयरसाइड पर मचा अफरा-तफरी का माहौल कुछ पल पहले ही थमा था. कुछ लोग जमीन पर अपनी घुटनों पर बैठे हुए थे. इस सभी लोगों के पीछे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की क्विक रिएक्‍शन टीम (क्‍यूआरटी) के कमांडोज अपनी पिस्‍टल ताने खड़े हुए थे. इतना ही नहीं, पीछे खड़े एक एयरक्राफ्ट से भी दो शख्‍स बाहर निकल रहे थे.

इन दोनों शख्‍स के हाथ आसमान की तरफ हवा में थे. इन दोनों युवकों के पीछे सीआईएसएफ के कामांडोज गन ताने हुए थे. पूरे माहौल को देखकर यही लग रहा था कि कुछ लोगों ने किसी प्‍लेन को हाईजैक करने की कोशिश की थी. लेकिन, यह किसी वास्तविक हाईजैकिंग की घटना नहीं, बल्कि सीआईएसएफ की एक एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज थी. इस एक्सरसाइज का मकसद एयरपोर्ट पर हाईजैकिंग जैसी किसी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी को परखना था.

दिल्‍ली एयररपोर्ट पर प्‍लेन हाईजैकिंग मॉक एक्‍सरसाइज के दौरान सीआईएसएफ के कमांडोज.

हाईजैकिंग जैसी स्थिति से निपटने की तैयारी
आईजीआई एयरपोर्ट की सुरक्षा संभाल रही सीआईएसएफ यूनिट लेवल पर एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज की थी. इस दौरान सुरक्षा बल ने यह आकलन किया कि अगर एयरपोर्ट पर प्‍लेन को हाईजैक करने जैसी कोई स्थिति पैदा होती है, तो उनकी टीम कितनी तेजी से मौके पर पहुंचती है. साथ ही, किस तरह हालात को संभालती है. एक्सरसाइज के दौरान अलग-अलग रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती की गई थी. साथ ही, ऑपरेशन को कंट्रोल करने के लिए फॉरवर्ड कमांड पोस्ट भी स्थापित किया गया था. इसका मकसद मौके पर मौजूद टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और ऑपरेशन को प्रभावी तरीके से ऑपरेट करना था.

दिल्‍ली एयररपोर्ट पर प्‍लेन हाईजैकिंग मॉक एक्‍सरसाइज के दौरान सीआईएसएफ के कमांडोज.

डॉग स्क्वॉड से लेकर रिस्पॉन्स टीमों बनी एक्‍सरसाइज का हिस्‍सा
एयरपोर्ट सिक्‍योरिटी से जुड़ी सीनियर ऑफिसर के अनुसार, इस मॉक एक्सरसाइज में सीआईएसएफ के डॉग स्क्वॉड ने भी हिस्सा लिया. इसके साथ ही रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती और उनके कोऑर्डिनेटेड इंटरवेंशन के जरिए संभावित हाईजैकिंग जैसी स्थिति में कार्रवाई की तैयारी को परखा गया. उन्‍होंने बताया कि ऐसी एक्सरसाइज में सिर्फ हथियारों के साथ मौके पर पहुंचना ही अहम नहीं होता, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेना, टीमों के बीच कम्युनिकेशन बनाए रखना और पूरे ऑपरेशन को तालमेल के साथ आगे बढ़ाना बेहद अहम होता है.

रिस्पॉन्स टाइम और टैक्टिकल तैयारी का पूरा हुआ टेस्‍ट
एयरपोर्ट सिक्‍योरिटी से जुड़ी सीनियर ऑफिसर ने बताया कि सीआईएसएफ की इस एक्सरसाइज का खास फोकस ऑपरेशनल प्रिपेयर्डनेस, रिस्पॉन्स टाइम और टैक्टिकल रेडीनेस का आकलन करना था. यानी किसी इमरजेंसी के दौरान सुरक्षा बल कितनी जल्दी हरकत में आता है, टीमों की तैनाती कितनी प्रभावी रहती है और चुनौतीपूर्ण हालात में ऑपरेशन किस तरह चलाया जाता है. यह एक्‍सरसाइज से रिस्पॉन्स टीमों के बीच तालमेल को मजबूत करने के लिए थी. साथ ही, एयरपोर्ट की सुरक्षा से जुड़े संभावित खतरों से निपटने के लिए सीआईएसएफ की तैयारियों को और मजबूत करना करना था.

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