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दीवाली से पहले एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो गया है. ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 336 पार पहुंच गया है, जो दिल्ली-मुंबई से भी काफी ज्यादा है. हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है, इससे लोगों को सांस लेने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं. लोग पूछ रहे हैं कि एनसीआर के सबसे ज्यादा हरे-भरे शहर के सबसे ज्यादा प्रदूषित होने के पीछे क्या वजह है?
दिल्ली-मुंबई नहीं इस शहर में हुआ पॉल्यूशन विस्फोट, AQI पहुंचा 336 पार, लोग हुए परेशान, अब कहां जाएं?
Greater Noida Pollution: सर्दियों से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का विस्फोट हो गया है. दशहरा के ठीक बाद हवा में घुला जहर अब सांसों में उतर रहा है. जिंदगी के लिए जरूरी सांस लेने में लोगों का दम फूल रहा है. आज 23 अक्टूबर की बात करें तो आंकड़े काफी डराने वाले हैं. जो बता रहे हैं कि यूपी के शहर ग्रेटर नोएडा ने प्रदूषण स्तर में दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है. इस शहर की हवा इतनी जहरीली हो गई है कि लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि वे आखिर कहां जाएं?
सबसे अजीब है कि प्रदूषण का स्तर दिल्ली के बजाय उस ग्रेटर नोएडा में सबसे ज्यादा है जिसे हरियाली के लिए जाना जाता है. 23 अक्टूबर के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 336 पहुंच गया है. जो बताता है कि शहर की हवा बहुत खराब स्तर पर पहुंच चुकी है.
ग्रेटर नोएडा बना दिल्ली एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर. सीपीसीबी के आंकड़ों ने चौंकाया.
दिवाली से पहले इस शहर की जो हालत हुई है वह काफी परेशान करने वाली है.सीपीसीबी के सुबह 10 बजे तक के ताजा आंकड़ों में देखें तो सबसे खराब हाल यूपी के शहरों का है. जिनमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा,गाजियाबाद और मेरठ सभी शामिल हैं. इन सभी शहरों में हवा या तो खराब श्रेणी में है या बहुत खराब श्रेणी में.
इन शहरों में ये है आज का एक्यूआई
- दिल्ली – 214 खराब
- गुरुग्राम- 195 मॉडरेट
- मानेसर- 250 पूअर
- ग्रेटर नोएडा- 336 बहुत खराब
- नोएडा- 203 खराब
- गाजियाबाद- 228 खराब
- मेरठ-256 खराब
- सोनीपत- 205 खराब
- मुंबई – 99 संतोषजनक
- हैदराबाद – 74 संतोषजनक
- अहमदाबाद – 130 मॉडरेट
- बेंगलुरू – 52 संतोषजनक
- कोलकाता – 85 संतोषजनक
गोविंदपुर में सबसे ज्यादा एक्यूआई
वहीं गाजियाबाद में देखें तो गोविंदपुरम की हालत काफी ज्यादा खराब है.इस इलाके में प्रदूषण स्तर ने ग्रेटर नोएडा शहर के स्तर को भी पीछे धकेल दिया है. यहां एक्यूआई 345 पहुंच चुका है ऐसे में यहां रहने वाले लोगों की हालत खराब है. इस इलाके में कंस्ट्रक्शन काम का ज्यादा होना भी यहां प्रदूषण स्तर के इतना बढ़ने की एक वजह हो सकती है.
लोग बोले-दिल्ली छोड़ दी अब कहां जाएं?
दिल्ली छोड़कर ग्रेटर नोएडा में बसे गौरव और रुचि शर्मा कहते हैं कि प्रदूषण के चलते तो उन्होंने कई साल पहले दिल्ली छोड़ी थी, जहां वे यमुना विहार इलाके में रहते थे. उन्होंने ग्रेटर नोएडा में एक अच्छी ग्रीन और सुरक्षित सोसायटी में घर लिया, लेकिन सीपीसीबी के आंकड़े बता रहे हैं कि पूरे एनसीआर में सबसे ज्यादा खराब हवा इस समय ग्रेटर नोएडा की ही है. जबकि अभी तो दीवाली भी नहीं आई है. दीवाली के बाद आखिर क्या होगा? सवाल है कि ग्रेटर नोएडा को छोड़कर अब कहां जाकर बसें?
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …
