AAP की चंदे वाली डायरी खुली तो निकले कई बड़े नाम, CJP के आशुतोष रांका ने भी दिया केजरीवाल की पार्टी को पैसा

अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी यानी AAP की 2025-26 की चंदे की रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले नाम और आंकड़े सामने आए हैं. चुनाव आयोग को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, आप को वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 12.10 करोड़ रुपये का चंदा मिला. खास बात यह है कि इस डोनर लिस्ट में अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक अशुतोष रांका का नाम भी शामिल है. रांका ने सीजेपी के साथ जुड़ने से पहले AAP को 21,100 रुपये का चंदा दिया था.

हालांकि इस पूरी रिपोर्ट की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ रांका के नाम की नहीं है. आंकड़े बताते हैं कि एक साल में AAP को मिलने वाले चंदे में करीब 68 फीसदी की गिरावट आई है. 2024-25 में पार्टी ने 38.10 करोड़ रुपये का चंदा घोषित किया था, जबकि 2025-26 में यह रकम घटकर 12.10 करोड़ रुपये रह गई.

AAP को किसने कितना चंदा दिया?

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, आप को चंदा देने वालों में कुल 1,202 नाम दर्ज हैं. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा दो बड़े चंदे की है. प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेड ने पार्टी को 5-5 करोड़ रुपये दिए. यानी इन दोनों से अकेले AAP को 10 करोड़ रुपये मिले, जो पार्टी की तरफ घोषित कुल चंदे का करीब 83 फीसदी है.

ट्राइडेंट लिमिटेड की स्थापना आप से राज्यसभा सांसद बने राजिंदर गुप्ता ने की थी. कंपनी की ओर से 5 करोड़ रुपये का चेक 9 जनवरी 2026 को दिया गया था. उस समय गुप्ता AAP से जुड़े हुए थे. बाद में अप्रैल 2026 में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया.

केजरीवाल ने खुद कितना चंदा दिया?

AAP की डोनर लिस्ट में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी है. रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने वित्त वर्ष के दौरान 10-10 हजार रुपये की तीन अलग-अलग किस्तों में कुल 30 हजार रुपये का योगदान दिया. दूसरी तरफ दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने 3,500 रुपये की 12 किस्तों में कुल 42 हजार रुपये दिए. वहीं पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने 10-10 हजार रुपये की 12 किस्तों के जरिये पार्टी को कुल 1.20 लाख रुपये का योगदान दिया.

AAP के चंदे में इतनी बड़ी गिरावट क्यों?

आम आदमी पार्टी के आंकड़ों में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 2023-24 में पार्टी ने 11.06 करोड़ रुपये के योगदान की जानकारी दी थी. इसके बाद 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 38.10 करोड़ रुपये हो गया. अब 2025-26 में यह फिर घटकर 12.10 करोड़ रुपये रह गया. यानी एक साल में योगदान में करीब 68 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई.

AAP ही नहीं, दूसरे क्षेत्रीय दलों के चंदे में भी गिरावट

2025-26 की रिपोर्ट में दूसरे क्षेत्रीय दलों के आंकड़े भी सामने आए हैं. तेलुगु देशम पार्टी यानी TDP ने इस वित्त वर्ष में 58.25 करोड़ रुपये के योगदान की जानकारी दी, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 83.03 करोड़ रुपये था. वहीं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी यानी YSRCP को 2025-26 में 24.31 करोड़ रुपये का योगदान मिला, जबकि 2024-25 में उसने करीब 140.04 करोड़ रुपये की जानकारी दी थी.

ओडिशा की BJD ने अपनी ताजा रिपोर्ट में 20 हजार रुपये से ज्यादा का कोई योगदान घोषित नहीं किया है. पिछले वित्त वर्ष में पार्टी ने ऐसे योगदान के रूप में 60 करोड़ रुपये की जानकारी दी थी.

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