नई दिल्ली. भारतीय टीम ने क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे टी20 में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है. एक समय भारतीय टीम बेहद नाजुक स्थिति में थी, लेकिन युवा बल्लेबाजों के साहस और सूझबूझ भरे खेल ने टीम को शानदार जीत दिला दी. इस मुकाबले में भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा भले ही एक लंबी पारी खेलने से चूक गए, लेकिन उन्होंने अपने नाम एक ऐसा ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कर लिया, जो आने वाले समय में एक मिसाल बन गया है.
बैटिंग के लिए बेहद मुश्किल मानी जा रही पिच पर अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने आक्रामक शुरुआत की. उन्होंने कीवी गेंदबाजों का डटकर सामना करते हुए 21 गेंदों पर 27 रनों की उपयोगी पारी खेली. अपनी इस छोटी सी लेकिन धमाकेदार पारी के दौरान अभिषेक ने 3 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का लगाया. हालांकि, पारी को और आगे बढ़ाने के प्रयास में वह मिचेल सैंटनर की गेंद पर नाथन स्मिथ को कैच थमा बैठे.
भले ही अभिषेक का विकेट जल्दी गिर गया, लेकिन इस पारी के दौरान लगाया गया उनका एकमात्र छक्का ऐतिहासिक साबित हुआ. इस एक छक्के के साथ ही वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पावरप्ले में 100 छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले और एकमात्र बल्लेबाज बन गए हैं. अभिषेक ने अब तक टी20 पावरप्ले में महज 785 गेंदों का सामना करते हुए कुल 100 छक्के जड़ दिए हैं, जो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली और पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाने की उनकी काबिलियत को बखूबी बयां करता है.
टी20 इंटारनेशनल पावरप्ले में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की इस खास लिस्ट में उनके बाद दुनिया के कई दिग्गज बल्लेबाज शामिल हैं. इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर भारत के ही पूर्व कप्तान रोहित शर्मा हैं, जिन्होंने 1672 गेंदों का सामना करते हुए कुल 98 छक्के लगाए थे. वहीं, तीसरे पायदान पर न्यूजीलैंड के विस्फोटक ओपनर मार्टिन गप्टिल हैं, जिन्होंने 1609 गेंदों पर कुल 97 छक्के जड़े थे. चौथे स्थान पर मुहम्मद वसीम का नाम आता है, जिन्होंने पावरप्ले के दौरान 1201 गेंदों में 95 छक्के लगाए हैं, जबकि पांचवें स्थान पर आयरलैंड के अनुभवी खिलाड़ी पॉल स्टरलिंग हैं, जिन्होंने 1921 गेंदों पर कुल 94 छक्के अपने नाम किए हैं. अगर ओवरऑल करियर की बात करें तो अभिषेक शर्मा ने अब तक खेले गए 69 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 147 छक्के लगाकर अपनी एक अलग पहचान बनाई है.
बात अगर मैच के रोमांचक मोड़ की करें तो, न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए मात्र 4 ओवर में सिर्फ 21 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और भारत की कमर तोड़ दी. आलम यह था कि 15वें ओवर तक भारतीय टीम 112 रन के स्कोर पर अपने 6 विकेट गंवा चुकी थी और ऐसा लग रहा था कि मैच पूरी तरह से कीवी टीम की गिरफ्त में जा चुका है.
ऐसे संकट के समय तिलक वर्मा और नीतिश कुमार रेड्डी ने क्रिज पर कदम रखा और अद्भुत संयम व परिपक्वता का परिचय दिया. दोनों बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए सिर्फ 30 गेंदों पर 69 रनों की नाबाद और मैच जिताऊ अटूट साझेदारी निभाई. तिलक वर्मा ने एक छोर संभालते हुए शानदार बल्लेबाजी की और मात्र 26 गेंदों पर 6 चौकों और 1 छक्के की मदद से नाबाद 51 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली. उनका बखूबी साथ निभाते हुए नीतिश कुमार रेड्डी ने भी दबाव की स्थिति में हाथ खोले और 13 गेंदों पर 1 चौके और 1 छक्के की मदद से नाबाद 26 रनों की तेज तर्रार पारी खेली.
मैच के अंतिम क्षणों में रोमांच अपने चरम पर था, लेकिन तिलक और नीतिश की इस सूझबूझ भरी साझेदारी ने हारी हुई बाजी को पलट दिया. इन दोनों की बेहतरीन फिनिशिंग के दम पर भारतीय टीम ने 19.5 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 181 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया और एक गेंद शेष रहते चार विकेट से रोमांचक जीत दर्ज कर ली. इस शानदार जीत के साथ ही भारत ने सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है और अब टीम का हौसला सातवें आसमान पर है.
