उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में 7 अक्टूबर की दोपहर ढही चार मंजिला रिहायशी इमारत के मलबे से अब तक 5 शव निकाले जा चुके हैं. ईदगाह मछली मंडी के पास हुए इस खौफनाक हादसे के बाद से ही राहत और बचाव एजेंसियां मलबे का सीना चीरकर जिंदगी की तलाश में जुटी हैं. मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए मौके पर युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी अजय कुमार के मुताबिक, यह हादसा बुधवार दोपहर करीब सवा तीन बजे पेश आया. महज 22 से 25 वर्ग गज के सीमित दायरे में बनी यह चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर पड़ी.
घटना के तुरंत बाद राहत दलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मलबे से 8 घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. फिलहाल कई सरकारी एजेंसियों के जवान आधुनिक उपकरणों के साथ मलबा हटाने और दबे हुए लोगों को ढूंढने में जुटे हुए हैं. हादसे के शुरुआती घंटों में ही मलबे से दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों के शव बरामद कर लिए गए थे. इसके बाद मलबे से एक और शव निकाला गया, जिससे मरने वालों की संख्या चार हो गई, जबकि अब मरने वालों की कुल संख्या पांच हो गई है.
घायल आठ लोगों को आगे के इलाज के लिए ताहिरपुर के राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया. उनकी पहचान मोमिन मिर्जा (56), एक तीन साल का बच्चा, अब्दुल रहमान (28), देवरुद्दीन (28), सलमा (50), छोटे (34), सकीना (35) और समद (30) के तौर पर हुई. पहले बताई गई मौतों में लगभग 12 साल की एक लड़की भी शामिल थी, जिसकी पहचान अभी नहीं हो पाई थी. एक और मृतक की पहचान 21 साल की गुलाफशा के तौर पर हुई, जो लगभग चार महीने की गर्भवती थी. एक और मृत बच्चे की पहचान और जानकारी का भी अभी पता नहीं चल पाया था.
बचाव कार्य जारी
घटनास्थल पर बचाव कार्य के लिए मशीनरी तैनात की गई है. इस ऑपरेशन में एम्बुलेंस, दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारी, MCD (नगर निगम) के अधिकारी और दूसरी एजेंसियों के लोग शामिल हैं. शाहदरा के DCP राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि गिरी हुई इमारत चार मंजिला थी और उन्होंने पुष्टि की कि बचाव कार्य चल रहा है. मीणा ने कहा, “हमें दोपहर 3:40 बजे सूचना मिली. यह चार मंजिला इमारत है, जो 25 वर्ग गज में बनी है. अब तक 7 लोगों को बचाया जा चुका है. वे खतरे से बाहर हैं. बचाव कार्य जारी है. सभी एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं. एम्बुलेंस और दिल्ली फायर सर्विस का स्टाफ तैनात है. MCD अधिकारी, DM और बाकी सभी लोग मौके पर मौजूद हैं.” सीनियर फायर ऑफिसर मनीष कुमार ने बताया कि मलबे के नीचे कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है. उन्होंने कहा, “हमारे कंट्रोल रूम को बुधवार दोपहर 3:30 बजे सूचना मिली. कहा जा रहा है कि कुछ लोग नीचे फंसे हुए हैं. बचाव कार्य जारी है.”
DM अजय कुमार ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पास की एक इमारत में तोड़ने-फोड़ने (demolition) का काम चल रहा था. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि तोड़ने-फोड़ने के काम में ऐसी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया हो जिससे कंपन हुआ हो, और इसका असर गिरी हुई इमारत पर पड़ा हो. अजय कुमार ने कहा, “दोपहर करीब 3:15 बजे, कोने पर बनी चार मंजिला इमारत गिर गई. यह लगभग 22 से 25 वर्ग गज के इलाके में बनी थी. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पास की इमारत में तोड़ने-फोड़ने का काम चल रहा था, जिसमें शायद ऐसी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया जिससे कंपन हुआ; इस कंपन का असर इस इमारत पर पड़ा और यह गिर गई.”
उन्होंने आगे बताया कि उस समय इमारत के अंदर सात या आठ लोग थे और मलबे के नीचे अभी भी दो-तीन लोगों के फंसे होने की आशंका है. बचाव कार्य में दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA), MCD, CATS और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमें शामिल हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि बचाव और राहत कार्य चल रहे हैं और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को तुरंत मेडिकल मदद देने की हर संभव कोशिश की जा रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को आपस में बेहतर तालमेल बनाए रखने, बचाव कार्यों में तेज़ी लाने और प्रभावित लोगों को हर जरूरी मदद और देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. CMO ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
