Delhi Metro News: दिल्ली मेट्रो को एनसीआर के ट्रांसपोर्ट की लाइफ लाइन कहें तो किसी भी तरह से गलत नहीं होगा. रोजाना लाखों मुसाफिर अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए इन पटरियों और स्टेशनों की दौड़भाग का हिस्सा बनते हैं. भीड़-भाड़, टोकन की खड़खड़, और स्मार्ट कार्ड की बीप अब दिल्ली वालों की रोजमर्रा की जिंदगी का एक आम हिस्सा बन चुका है. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि इसी नेटवर्क में एक ऐसा भी स्टेशन है, जहां मेट्रो रुकती है, दरवाजे भी खुलते हैं, लेकिन अगर आप एक आम नागरिक हैं, तो आपका यहां की जमीन पर कदम रखना तक मना है? दरअसल हम बात कर रहे हैं मैजेंटा लाइन पर स्थित शंकर विहार मेट्रो स्टेशन की, जो दिल्ली मेट्रो का इकलौता ऐसा स्टेशन है, जिसे सुरक्षा का किसी किला की तरह मानी जाती है.
क्यों है यह स्टेशन इतना अलग?
दिल्ली कैंटोनमेंट के छावनी क्षेत्र और सैन्य इलाके के बिल्कुल बीचों-बीच स्थित इस स्टेशन की जमीन रक्षा मंत्रालय की तरह से दी गई है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और भारतीय सेना के बीच हुए समझौतों और नियमों के तहत यह स्टेशन पूरी तरह से रक्षा कर्मियों, उनके परिवारों और वैध अनुमति प्राप्त लोगों के लिए ही आरक्षित है. यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का एकमात्र ऐसा स्टेशन है, जहां नागरिकों की आजाद आवाजाही पर पूरी तरह पाबंदी है. स्टेशन पूरी तरह से सेना की यूनिट के दायरे में आता है. इसके गेट से बाहर निकलते ही सेना का सख्त पहरा शुरू हो जाता है. यहां बाहर निकलने के लिए यानी एग्जिट के वक्त अपना डिफेंस आईडी कार्ड, डिफेंस एम्प्लॉई आईडी या विशेष अधिकृत अनुमति पत्र दिखाना अनिवार्य है. इसके बिना इस स्टेशन से न ही कोई बाहर जा सकता है और ना ही कोई अंदर आ सकता है.
अनाउंसमेंट के जरिए पैसेंजर्स को किया जाता है सचेत
अगर आप मैजेंटा लाइन पर सफर कर रहे हैं और अंजाने में शंकर विहार पहुंच गए हैं, तो यहां उतरने की गलती भारी पड़ सकती है. ट्रेन के इस स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही बाकायदा लाउडस्पीकर पर अनाउंसमेंट की जाती है कि आम नागरिक यहां न उतरें. इसके बावजूद जो मुसाफिर गलती से प्लेटफॉर्म पर उतर जाते हैं और जिनके पास कोई डिफेंस आईडी नहीं होती, उन्हें मजबूरी में वापस मेट्रो में बैठकर अगले स्टेशन की तरफ रवाना होना पड़ता है. अगर कोई शख्स बिना आईडी के बाहर निकलने की जिद करे या सुरक्षा घेरे को पार करने की कोशिश करे, तो वहां तैनात मुस्तैद सुरक्षाकर्मी उसे तुरंत रोक लेते हैं.
सिर्फ एग्जिट ही नहीं, एंट्री भी है नामुमकिन
बाहर निकलना तो दूर, इस स्टेशन के भीतर दाखिल होना भी आम जनता के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. इसके प्रवेश द्वार आर्मी पब्लिक स्कूल और सेना के आवासीय परिसरों की तरफ खुलते हैं. आम यात्री यहां से मेट्रो पकड़ने के लिए एंट्री नहीं ले सकते. हां, अगर आप मैजेंटा लाइन पर यात्रा कर रहे हैं और आपको रूट बदलना है, तो आप स्टेशन के अंदर रहकर इंटरचेंज का फायदा जरूर ले सकते हैं, लेकिन स्टेशन परिसर से बाहर सड़क पर कदम रखने के लिए आपके पास अनुमति होनी ही चाहिए.
यात्रियों के लिए खास सलाह
यदि आप आने वाले दिनों में मैजेंटा लाइन पर सफर करने का प्लान बना रहे हैं, तो शंकर विहार स्टेशन का नाम आते ही थोड़ा सतर्क हो जाएं. यदि आपका काम वाकई डिफेंस एरिया के भीतर है, तो अपना वैध पहचान पत्र हमेशा अपने साथ रखें. अन्यथा, समझदारी इसी में है कि आप वसंत विहार या टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट जैसे अगले स्टेशनों पर ही उतरें.
