गलत एक्शन का दाग और NCA विवाद… भज्जी ने याद किए करियर के वो बुरे दिन, बताई अपने संघर्ष की कहानी

होमखेलक्रिकेट

गलत एक्शन का दाग और NCA विवाद… भज्जी ने याद किए करियर के वो बुरे दिन

Last Updated:

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह अपने करियर के उन बुरे दिनों को याद किया जब उन्हें लगा कि उनका करियर खत्म हो गया है. CNN न्यूज18 के राइजिंग भारत कार्यक्रम में हरभजन ने बताया कि उन्होंने कपिल देव को देखकर क्रिकेट खेलना शुरू किया, शुरुआत में ही गलत बॉलिंग एक्शन के दाग ने उन्हें हताश कर दिया था.

पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभनज सिंह

नई दिल्ली: पूर्व दिग्गज क्रिकेटर हरभजन सिंह भारत के महान स्पिनरों में से एक हैं. हरभजन भारत के लिए 367 इंटरनेशनल मैचों में मैदान पर उतरे. हालांकि, उनके लिए क्रिकेट का इतना लंबा सफर तय करना आसान नहीं रहा, खास तौर पर शुरुआती दौर में, जब वे नए-नए टीम में आए ही थे. अपने क्रिकेटिंग करियर से जुड़े इन्हीं संघर्षों के बारे में हरभजन सिंह ने ‘CNN न्यूज18’ के ‘राइजिग भारत’ कार्यक्रम में चर्चा की.

हरभजन सिंह ने बताया, “मैंने कपिल देव को देखकर क्रिकेट खेलना शुरू किया था. मैं 17 साल की उम्र में टीम में आ गया था, लेकिन एक्शन को लेकर विवाद होने के कारण मुझे जल्दी ही ड्रॉप कर दिया गया. इससे मुझे काफी निराशा हुई थी. हालांकि, इस मुश्किल समय में मेरे परिवार ने मेरा पूरा सपोर्ट किया, जिसके कारण मैं फिर से वापसी करने में सफल रहा.”

NCA से निकाले जाने पर भी बोले भज्जी

कार्यक्रम में भज्जी ने उस दौर को भी याद किया जब उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी से निकाला गया था. हरभजन ने बताया कि साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज से पहले उनके पिता का निधन हो गया था. यह समय उनके लिए काफी मुश्किल था, लेकिन अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने कभी हार नहीं मानी. इसके अलावा उन्होंने बताया कि जब उन्हें NCA से निकाला गया, तो यह उन्हें बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा था, क्योंकि उन्होंने अपने और अन्य खिलाड़ियों के हक में आवाज उठाई थी.

मैदान पर आक्रामकता पर भी बोले हरभजन

बता दें कि हरभजन सिंह मैदान पर अपनी आक्रामकता के लिए भी जाने जाते थे. इसे लेकर उन्होंने कहा, “अगर आप ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मुकाबला करने उतरते हैं, तो आपको उनके जैसा ही बनना पड़ता है. ‘लोहा लोहे को काटता है’ वाली नीति अपनानी पड़ती है. मैदान पर आक्रामक अंदाज और विपक्षी खिलाड़ियों से पंगा लेना मेरी प्लानिंग का हिस्सा था, लेकिन ड्रेसिंग रूम में मैं बेहद मजाकिया और शांत स्वभाव का रहता था.”

About the Author

Jitendra Kumar

जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. वर्तमान में वह नेटवर्क 18 समूह के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हैं और हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में अपनी…

और पढ़ें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *