नई दिल्ली. केप टाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेले जा रहे रोमांचक टेस्ट मैच का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक मुकाबला पूरी तरह खुल चुका है और अब इस सीरीज का फैसला ऐतिहासिक रूप से मैच के आखिरी यानी पांचवें दिन होगा. साउथ अफ्रीका के लिए रयान रिकल्टन और वियान मुल्डर की साहसिक पारियों ने मैच का रुख पलट दिया है. चौथे दिन के अंत तक साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा कर दिया है और अब मुकाबला किसी भी करवट बैठ सकता है.
दिन की शुरुआत साउथ अफ्रीका के लिए आसान नहीं थी. पारी की शुरुआत में मेजबान टीम ने चार विकेट खो दिए थे और वे महज 40 रन से आगे थे. पिच पूरी तरह सूख चुकी थी, जिस पर स्पिनरों के लिए भरपूर मदद नजर आने लगी थी. ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नाथन लियोन ने दिन का पहला ओवर फेंका और पिच की स्थिति भांपते हुए अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को परेशान करना शुरू कर दिया. बाएं हाथ के बल्लेबाज रयान रिकल्टन (Ryan Rickelton) ने क्रीज का शानदार इस्तेमाल किया और अपने बेहतरीन फुटवर्क से लियोन के टर्न को पूरी तरह बेअसर कर दिया.
स्पिन के जाल में कसी हुई गेंदबाजी
दूसरी ओर, तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने मैथ्यू ब्रीट्जके को अपनी शॉर्ट गेंदों से परीक्षा में डाला. पिच पर स्पिन और असमान उछाल साफ दिख रहा था, जिसे भांपते हुए कप्तान पैट कमिंस ने नाथन लियोन का साथ देने के लिए कूपर कॉनॉली, ट्रेविस हेड, मैट रेनशॉ और मार्नस लाबुशेन जैसे पार्ट-टाइम गेंदबाजों का भी बखूबी इस्तेमाल किया. लंच से पहले के सत्र में इस पिच पर इस टेस्ट मैच का सबसे ज्यादा टर्न दर्ज किया गया. इस दबाव के बीच ऑस्ट्रेलिया की कसी हुई गेंदबाजी के आगे साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज रक्षात्मक मुद्रा में चले गए. नतीजतन, पहले सत्र में 28 ओवरों में मात्र 62 रन ही बन सके.
ब्रीट्जके का विकेट और साझेदारी की शुरुआत
ब्रीट्जके और रिकल्टन के बीच की शुरुआती चुनौती के बाद, कमिंस की एक शानदार योजना काम आई. स्टार्क की गेंद पर हिप्स की तरफ आई शॉर्ट गेंद को पुल करने के प्रयास में ब्रीट्जके डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर कैच आउट हो गए. वह 372 गेंदों के लंबे संघर्ष के बाद गिरा पहला विकेट था, जिससे ऑस्ट्रेलिया को थोड़ी राहत मिली. हालांकि, इसके बाद मैदान पर रिकलटन और वियान मुल्डर की वह जोड़ी उतरी जिसने मैच की चाल ही बदल दी. ऑस्ट्रेलिया ने नई गेंद से चमत्कार की उम्मीद में स्टार्क को आक्रमण पर लगाया, लेकिन पहले दिन के विपरीत इस बार आसमान साफ था और धूप खिली हुई थी, जिससे गेंदबाजों को स्विंग का खास फायदा नहीं मिला. दूसरे सत्र में 28 ओवरों में 92 रन बने और धीरे-धीरे मैच का मोमेंटम साउथ अफ्रीका की झोली में जाने लगा.
शतकों की बारिश और मैराथन साझेदारी
धीमी शुरुआत के बाद मुल्डर ने अपने टेस्ट करियर का एक और बेहतरीन अर्धशतक पूरा किया. जल्द ही रिकल्टन ने भी अपने डिफेंसिव खेल के बाद शानदार अंदाज में अपना शतक पूरा कर लिया. दोनों के बीच 154 रनों की यह मैराथन और मैच-डिफाइनिंग साझेदारी 318 गेंदों तक चली. अंततः एक दुर्भाग्यपूर्ण रन-आउट के जरिए इस साझेदारी का अंत हुआ और रिकल्टन 101 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर पवेलियन लौटे.
विकेटों का पतन और ऑस्ट्रेलिया की वापसी
रिकल्टन के आउट होते ही ऑस्ट्रेलिया को मैच में वापसी का मौका मिल गया. अक्सर देखा गया है कि साउथ अफ्रीकी पारी ताश के पत्तों की तरह ढह जाती है, और एक बार फिर विकेटों के पतन का सिलसिला शुरू हुआ. मार्को यानसन, जो काफी देर से पैड पहने अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, एक ढीला शॉट खेलकर डीप स्क्वायर लेग पर कैच आउट हो गए. इसके बाद अनुभवी स्पिनर साइमन हार्मर को नाथन लियोन ने बोल्ड कर दिया. मुल्डर ने लियोन पर चौका जड़कर टीम की बढ़त को 250 के पार पहुंचाया, लेकिन कुछ ही पलों बाद एक और आपसी तालमेल की कमी के कारण गेराल्ड कोएत्ज़ी भी रन-आउट हो गए.
मुल्डर का आक्रामक रुख और सीरीज का रोमांचक अंत
लगातार विकेट गिरने के बावजूद वियान मुल्डर एक छोर पर डटे रहे. कगिसो रबाडा को साथ लेकर उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया और अपने करियर की एक यादगार शतकीय पारी खेली. दिन के ढलते सायों के बीच मुल्डर ने पैट कमिंस की गेंद पर छक्का जड़ा और अगले ही ओवर में लियोन की गेंद पर शानदार स्लॉग-स्वीप लगाते हुए स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया. 115 के निजी स्कोर पर अंततः वह बाउंड्री के पास कैच आउट हुए, लेकिन तब तक वह साउथ अफ्रीका को 287 रनों की मजबूत बढ़त तक पहुंचा चुके थे.
