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दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के एक अनोखे और हाई-टेक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी पहचान छिपाने के लिए चलती हुई ब्रेजा कार के अंदर से कथित फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे. मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति से इंश्योरेंस के नाम पर हुई ठगी की जांच करते हुए ईस्ट दिल्ली पुलिस ने कार रोककर आरोपियों को दबोचा और मोबाइल, चेकबुक व कार्ड्स बरामद किए.
पुलिस मामले की जांच कर रही है.
साइबर ठगों के कारनामे सुनकर आपका दिमाग पूरी तरह भन्ना जाएगा. आपने वर्क फ्रॉम होम या ऑफिस से साइबर क्राइम के किस्से तो बहुत सुने होंगे, लेकिन दिल्ली में ठगी का एक ऐसा ‘वर्क ऑन द गो’ मॉडल सामने आया है जिसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं. ईस्ट दिल्ली में साइबर क्रिमिनल्स ने अपनी पहचान छिपाने के लिए किसी बिल्डिंग में नहीं बल्कि चलती हुई ब्रेजा कार को ही अपना फर्जी कॉल सेंटर बना डाला था.
एमपी के शिकार से खुला दिल्ली का केस
इस पूरे सस्पेंस का खुलासा मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के एक शख्स की शिकायत से हुआ. पीड़ित ने अपनी पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी में फंसे 45 लाख रुपये वापस पाने की उम्मीद में ठगों पर भरोसा कर लिया. शातिर ठगों ने ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर झांसा देकर उससे 65 हजार रुपये ऐंठ लिए. जब ठगी का अहसास हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंचा और साइबर यूनिट ने फर्जी ट्रांजेक्शन के आधार पर बैंक खातों और डिजिटल सुरागों को खंगालना शुरू कर दिया.
ओल्ड कोंडली में’मूविंग कॉल सेंटर पर रेड
तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन ट्रेस करते-करते दिल्ली पुलिस की टीम ईस्ट दिल्ली के ओल्ड कोंडली इलाके में पहुंची. वहां सड़क पर दौड़ रही एक मारुति सुजुकी ब्रेजा कार को जब पुलिस ने घेराबंदी करके रोका, तो अंदर का नजारा देखकर सब हैरान रह गए. कार के अंदर ही लैपटॉप, मोबाइल और बैंक डिटेल्स के साथ पूरा का पूरा नेटवर्क एक्टिव था. पुलिस ने मौके से तीन मुख्य आरोपी लोकेश तोमर, हिमांशु राठौर और तुषार को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस रेड में बरामद हुआ सामान का जखीरा
यह गिरोह पुलिस की पकड़ और रेड से बचने के लिए लगातार चलती गाड़ी से ही शिकार ढूंढता था और म्यूल बैंक अकाउंट्स (दूसरे लोगों के खातों) में पैसे ट्रांसफर करता था. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से:
• 1 मारुति सुजुकी ब्रेजा कार
• 7 स्मार्टफोन्स
• 15 बैंक, डेबिट और मेट्रो कार्ड्स
• 6 चेकबुक और 3 पासबुक
• आधार-पैन कार्ड व अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं.
अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच जारी
फिलहाल दिल्ली पुलिस इस नेटवर्क के दूसरे राज्यों से जुड़े कड़ियों की गहराई से जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन ठगों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इनके फर्जी बैंक खातों के पीछे कौन-कौन से बड़े मास्टरमाइंड शामिल हैं.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
