नई दिल्ली. हॉकी के मैदान पर एक बार फिर भारत और मलेशिया की रोमांचक भिड़ंत देखने के लिए तैयार हो जाइए. एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीन जीत दर्ज कर पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को जालंधर के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर अपने चौथे राउंड-रॉबिन मुकाबले में एक मुश्किल और अप्रत्याशित चुनौती के रूप में सामने खड़ी मलेशिया से भिड़ेगी. यह मुकाबला टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए पहला ‘असली टेस्ट’ माना जा रहा है. हालांकि, भारतीय टीम ने कुछ समय पहले ही जापान के आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों के फाइनल में मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त दी थी, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि मलेशियाई टीम ने हमेशा से हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली भारतीय टीम को कड़ी टक्कर दी है.
टूर्नामेंट की शुरुआत से ही भारतीय टीम का आक्रामक अंदाज देखने को मिला है. भारत ने अपने अभियान का आगाज करते हुए बांग्लादेश को एकतरफा मुकाबले में 13-0 से रौंद डाला था. इसके बाद अपने दूसरे और तीसरे मैच में भी धमाकेदार खेल दिखाते हुए चीन को 5-2 और जापान को 4-1 से शिकस्त दी. इन तीन लगातार और शानदार जीत के दम पर भारत ने 4 नवंबर को मोहाली में खेले जाने वाले सेमीफाइनल के लिए समय से पहले ही अपना टिकट पक्का कर लिया.
दूसरी ओर, मलेशियाई टीम भी इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है और शानदार गोल अंतर के आधार पर वह अंक तालिका में भारत के ठीक पीछे दूसरे स्थान पर काबिज है. एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता मलेशियाई टीम के पास इस मुकाबले में अपनी पिछली हार का बदला लेने और घरेलू दर्शकों के सामने भारत को चौंकाने का सुनहरा मौका होगा. यही वजह है कि भारतीय खेमा इस मैच को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है.
हेड कोच क्रेग फुल्टन की चिंताएं और सुधार की गुंजाइश
भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन मलेशिया से मिलने वाली इस कड़ी चुनौती से अच्छी तरह वाकिफ हैं. पिछले मैच में जापान के खिलाफ मिली 4-1 की जीत के बावजूद टीम के प्रदर्शन में कुछ ऐसी कमियां रहीं जिन पर कोच फुल्टन का ध्यान जरूर गया होगा. जापान के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम शुरुआती तीन क्वार्टर तक एक भी पेनल्टी कॉर्नर हासिल करने में नाकाम रही थी, जो कि कोच के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है.
मैच के 47वें मिनट में भारत को मुकाबले का एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल दागकर आखिरकार विपक्षी टीम की रक्षा पंक्ति को तोड़ा और भारत के लिए गोलों का खाता खोला. शुरुआती तीन क्वार्टर में सुस्त रहने के बाद चौथे और अंतिम क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने पूरी ताकत झोंक दी और ताबड़तोड़ तीन गोल दागकर अपनी तीसरी जीत सुनिश्चित की. मलेशिया के खिलाफ मैच में भारतीय टीम शुरुआती सीटी से ही धीमी शुरुआत करने की भूल नहीं दोहराना चाहेगी.
खिलाड़ियों का प्रदर्शन और रणनीतिक बदलाव
फॉरवर्ड लाइन में अभिषेक नैन ने शुक्रवार को अपने करियर का 150वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया और दो शानदार मैदानी गोल दागकर स्टार ऑफ द मैच बने. हालांकि, मलेशिया के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए अभिषेक को अपने अन्य साथी स्ट्राइकरों से अधिक समर्थन की आवश्यकता होगी. मिडफील्ड की जिम्मेदारी उप-कप्तान हरदीप सिंह ने बखूबी संभाली है, लेकिन उन्हें विवेक सागर प्रसाद और नीलाकांत शर्मा से बेहतर तालमेल और सहयोग की उम्मीद होगी. डिफेंस की बात करें तो संजय को अपने खेल में सुधार करना होगा, क्योंकि उन्होंने जापान के खिलाफ मैच के दौरान एक पेनल्टी स्ट्रोक और कुछ पेनल्टी कॉर्नर विरोधियों को दे दिए थे.
अच्छी खबर यह है कि बांग्लादेश के खिलाफ हैट्रिक लगाने वाले इन-फॉर्म स्ट्राइकर मनदीप सिंह को जापान के खिलाफ मुकाबले में आराम दिया गया था, और रविवार को मलेशिया के खिलाफ वह पूरी तरह तरोताजा होकर वापस प्लेइंग इलेवन में लौटेंगे.
भारतीय स्क्वाड
गोलकीपर: सूरज करकेर, कृष्ण बहादुर पाठक. डिफेंडर: संजय, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमनदीप लाकड़ा. मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालागे, नीलाकांत शर्मा, हरदीप सिंह, विवेक सागर प्रसाद. फॉरवर्ड: शिलानंद लाकड़ा, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह.
