न तबादला रद्द, न अरेस्‍ट का वादा… PHQ के बाहर प्रदर्शन कर रहे पुलिसवालों को 3 मांगों पर मिला भरोसा, 2 पर सस्‍पेंस

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ACP-SHO ट्रांसफर: प्रदर्शन कर रहे पुलिसवालों को इन 3 मुद्दों पर मिला भरोसा

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दिल्ली पुलिस मुख्यालय में ACP और SHO के तबादले पर पुलिसकर्मियों ने संपर्क सभा के जरिए अपनी 5 प्रमुख मांगें रखीं. ACP मनस्वी वशिष्ठ के मुताबिक, ट्रांसफर रिवर्स करने और फर्जी वकीलों की गिरफ्तारी पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, लेकिन SOP बनाने और जवानों पर कार्रवाई न करने का आश्वासन मिला है. मांगों पर ठोस जवाब न मिलने तक पुलिसकर्मी वर्दी पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे.

आला अफसरों ने आश्‍वासन दिया है.

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के अंदर खाकी का गुस्सा इस कदर भड़क उठा कि महकमे की नींव हिल गई. ACP और SHO के अचानक हुए तबादलों के खिलाफ उतरी पुलिस ने इसे कोई साधारण प्रोटेस्ट नहीं, बल्कि सिस्टम के खिलाफ आर-पार की संपर्क सभा बना दिया. ACP मनस्वी वशिष्ठ ने जब मोर्चा संभाला, तो बंद कमरों के राज खुलकर बाहर आ गए और साफ कर दिया गया कि पुलिसवालों का सब्र अब जवाब दे चुका है. वकीलों पर एक्‍शन, ट्रांसफर ऑर्डर्स को रिवर्स करने और पारदर्शी SOP बनाने जैसी पांच बड़ी मांगों पर जब ऊपर से ठोस जवाब नहीं मिला तो जवानों ने नया दांव चल दिया. अब जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, दिल्ली पुलिस के जांबाज अपनी वर्दी पर काली पट्टी बांधकर अपना रोष जताएंगे. खाकी के भीतर सुलग रही इस बगावत ने दिल्ली के गलियारों में हलचल मचा दी है.

5 बड़ी मांगें

ACP मनस्वी वशिष्ठ ने पुलिसकर्मियों की ओर से उच्च अधिकारियों के सामने 5 प्रमुख मांगें रखीं. सबसे पहली मांग तबादलों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर एक पारदर्शी SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) बनाने की थी, जिस पर अधिकारियों ने जल्द सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया. दूसरी मांग बगावत के बाद जारी किए गए ट्रांसफर ऑर्डर्स को तुरंत रिवर्स करने की थी, जिसे अधिकारियों ने ‘रणनीतिक फैसला’ बताकर टाल दिया. इसके अलावा, दर्ज FIR को बंद करने की मांग खारिज कर दी गई और साफ कहा गया कि जांच न्याय के सिद्धांतों के मुताबिक ही आगे बढ़ेगी.

वकीलों पर एक्शन की मांग पर क्‍या हुआ
मीटिंग का सबसे गरमाया हुआ मुद्दा वकीलों के लिबास में घूम रहे उपद्रवियों पर कार्रवाई का था. ACP ने सीधे तौर पर ऐसे तत्वों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग उठाई ताकि एक सख्त संदेश जाए. हालांकि, अधिकारियों ने सबूतों और कानूनी पहलुओं की जांच के बाद ही कार्रवाई की बात कही और कोई ठोस समयसीमा देने से परहेज किया. वहीं, सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि प्रदर्शन में शामिल किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई बड़ा दंडात्मक या प्रतिकूल एक्शन न लेने का भरोसा दिया गया है. साथ ही, बार काउंसिल से बात करके फर्जी डिग्री वाले फर्जी वकीलों पर भी शिकंजा कसने का वादा किया गया.

जब तक न्याय नहीं, तब तक बांह पर काली पट्टी
बैठक खत्म होने के बाद ACP मनस्वी वशिष्ठ ने ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगों, खासकर उपद्रवियों की गिरफ्तारी और SOP पर कोई कंक्रीट (ठोस) जवाब नहीं मिल जाता, तब तक दिल्ली पुलिस के जवान अपनी वर्दी पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं. उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद काम ठप करना नहीं, बल्कि महकमे में पारदर्शी सिस्टम लागू करवाना है.

About the Author

आनंद तिवारीसंवाददाता

डेढ़ दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय, आनंद तिवारी ने इंदौर, मध्यप्रदेश के देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की. वहीं से फ्रीलांसर के तौर पर दैनिक भास्कर से जुड़ गए. दिल्ली की पत्र…

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