रिद्धि-सिद्धि के साथ पधारेंगे गजानन, मूर्ति को आकार देने में जुटे कारीगर, VIDEO

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ganesh chaturthi 2023: जीटी रोड पर मूर्तियां बनाने वाले इस बार 3 फीट से लेकर 15 फीट तक मूर्ति बना रहे हैं. माना जा रहा है कि इस बार शहर में लगभग 3 हजार छोटी बड़ी गणेश प्रतिमाएं सार्वजनिक पंडालों में स्थापित की जाएगी.

आयुष तिवारी/कानपुर. गणेश चतुर्थी का पर्व इस साल 19 सितंबर को मनाया जाएगा. गणेश चतुर्थी के नजदीक आते ही शहर में गणेश प्रतिमाओं को रंग रूप देकर निखारने का काम शुरू हो गया है. मूर्तिकार भगवान गणेश की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं. गणपति बप्पा की मूर्तियों की सजावट का काम अंतिम चरण में है. मूर्तिकार अलग अलग डिजाइन और पैटर्न में गणेश प्रतिमा का निर्माण कर रहे हैं.

जीटी रोड पर मूर्तियां बनाने वाले इस बार 3 फीट से लेकर 15 फीट तक मूर्ति बना रहे हैं. माना जा रहा है कि इस बार शहर में लगभग 3 हजार छोटी बड़ी गणेश प्रतिमाएं सार्वजनिक पंडालों में स्थापित की जाएगी. रिद्धि और सिद्धि के साथ विराजमान गणपति इस बार आकर्षण का केंद्र होंगे. यह मूर्तियां काफी महंगी है. जीटी रोड पर मूर्ति बना रहे कल्लू ने बताया कि इस बार 5 फ़ीट की गणपति मूर्तियों की मांग अधिक है. इसकी वजह छोटी प्रतिमाओं का पूजन और उनका विसर्जन करने में आने वाली सहूलियत है.

कई पैटर्न और डिजाइन में तैयार की गई गणेश प्रतिमा
बाजार में 101 रुपए से लेकर 11 हजार तक कि मूर्तियां आई हुई है. उन्होंने बताया कि 10 से 15 फीट वाली मूर्तियों की डिमांड इस बार दोगुनी है. यह मूर्तियां सार्वजनिक पंडालो के लिए बनाई जा रही हैं. इसके अलावा ऑर्डर पर इससे बड़ी भी मूर्तियां बनाई जा रही हैं.

10 हजार प्रतिमाएं घरों में
अनुमान है कि इस बार कानपुर में करीब 3 हजार प्रतिमा सार्वजनिक पंडालों में स्थापित होंगी. इसके अलावा घरो,अपार्टमेंट और सोसाइटी में अबकी बार करीब 10 हजार प्रतिमाएं होंगी. शहर में जो आयोजन होते हैं उसमें नवाबगंज के राजा,ब्रह्म नगर के राजा, ओम पुरवा के राजा और अशोकनगर के राजा प्रमुख है.इसी तरह पारम्परिक पूजन में महाराष्ट्र मंडल और घंटाघर गणेश मंदिर के आयोजन मुख्य है.

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