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Noida International Airport: 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रस्तावित उद्घाटन से सरिया और स्टील इंडस्ट्री में भारी उछाल की उम्मीद है. जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे के पास रनवे विस्तार, होटल, लॉजिस्टिक्स हब और रिहायशी प्रोजेक्ट्स के कारण हाई-ग्रेड सरिया की मांग तेजी से बढ़ेगी. गाजियाबाद की प्रसिद्ध लोहा मंडी के व्यापारियों के अनुसार, औद्योगिक निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और स्थानीय व्यापार को स्थायी मजबूती मिलेगी.
जेवर में उड़ेंगे विमान और सरपट दौड़ेगी स्टील इंडस्ट्री
गाजियाबाद: एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ अब अपनी उड़ान के बेहद करीब है. 28 मार्च को प्रस्तावित इसके भव्य उद्घाटन के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक गलियारे में एक नई हलचल शुरू हो गई है. विशेषज्ञों और व्यापारियों का मानना है कि इस एयरपोर्ट के शुरू होते ही जेवर, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास निर्माण कार्यों की बाढ़ आ जाएगी. इसका सीधा और सबसे बड़ा सकारात्मक असर ‘सरिया और स्टील इंडस्ट्री’ पर देखने को मिलेगा.
एयरपोर्ट विस्तार और निर्माण की नई लहर
जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही केवल रनवे का ही विस्तार नहीं होगा, बल्कि इसके चारों ओर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब, लग्जरी होटल और बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के चलते हाई-ग्रेड सरिया की मांग तेजी से बढ़ेगी. इतना ही नहीं, एयरपोर्ट के आसपास रिहायशी परियोजनाएं, होटल और लॉजिस्टिक पार्क विकसित होंगे, जिससे सरिया की खपत में भारी इजाफा होगा. सरकार इस पूरे क्षेत्र को डेवलपमेंट का बड़ा हब बनाने की योजना पर काम कर रही है. औद्योगिक निवेश बढ़ने से फैक्ट्रियां, वेयरहाउस और इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से तैयार होंगे, जिसका सीधा फायदा स्टील और सरिया इंडस्ट्री को मिलेगा.
गाजियाबाद लोहा मंडी में बढ़ेगी हलचल
वहीं, देश की सबसे बड़ी लोहा मंडियों में से एक, गाजियाबाद की लोहा मंडी इस विकास का केंद्र बनने जा रही है. गाजियाबाद लोहा व्यापार मंडल के अध्यक्ष अतुल जैन के अनुसार, एयरपोर्ट का उद्घाटन विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है. इससे न केवल सरिया इंडस्ट्री को उछाल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे. गाजियाबाद के व्यापारियों को उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट के चलते आने वाले समय में डिमांड और सप्लाई का ग्राफ तेजी से ऊपर जाएगा.
उद्योगपतियों को बड़े ‘बूम’ का इंतजार
थोक आयरन और स्टील व्यापार से जुड़े उद्योगपति शुभम जैन का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में पहले ही भारी मात्रा में लोहा और सरिया इस्तेमाल हो चुका है. उद्घाटन के बाद आसपास के क्षेत्रों में होने वाले इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट से इस सेक्टर में एक बड़ा ‘बूम’ आना तय है. बड़े प्रोजेक्ट्स और आवासीय कॉलोनियों के आने से सरिया की मांग निरंतर बनी रहेगी, जिससे स्थानीय कारोबारियों को स्थायी और बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है.
विकास का नया केंद्र बनेगा यमुना एक्सप्रेसवे
आने वाले समय में जेवर और उसके आसपास का इलाका लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल एक्टिविटी का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा. रियल एस्टेट सेक्टर में आने वाली तेजी सीधे तौर पर सरिया उद्योग को मजबूती देगी. कुल मिलाकर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ उड़ानों का जरिया नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के उद्योगों की नई उड़ान का भी प्रतीक बनने जा रहा है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें
