UPSC Prelims Strategy: केवल 2% का ही क्यों होता है चयन? टॉपर्स ने बताए प्रीलिम्स पास करने के 3 गोल्डन रूल्स

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UPSC Prelims Exam Tips: हर साल करीबन 5 से 6 लाख उम्मीदवार यूपीएससी का एग्जाम देते हैं, और करीब 2% लोग ही प्रीलिम्स पास करके मेंस एग्जाम के लिए क्वालीफाई कर पाते हैं. प्रीलिम्स को आखिर कौन सी चीज इतनी मुश्किल बनाती है और इसे किस तरह पास करना चाहिए, और इस बार यूपीएससी के टॉपर्स ने इस पर क्या स्ट्रेटजी बताई है. जानने के लिए देखें पूरी रिपोर्ट.

दिल्ली: हर साल करीबन 5 से 6 लाख उम्मीदवार यूपीएससी का एग्जाम देते हैं, और उनमें से केवल 700 से 1100 उम्मीदवार ही पास होकर चुने जाते हैं. हम आपको बता दें कि ज्यादातर उम्मीदवार प्रीलिम्स में ही फेल हो जाते हैं. करीबन 2% लोग ही प्रीलिम्स पास करके मेंस एग्जाम के लिए क्वालीफाई कर पाते हैं. इसलिए यूपीएससी के उम्मीदवार प्रीलिम्स एग्जाम को सबसे कठिन मानते हैं और इसके एक सेक्शन को वे सबसे ज्यादा मुश्किल मानते हैं, जिसमें सबसे ज्यादा उम्मीदवार फेल होते हैं. आइए आगे आपको विस्तार से बताते हैं कि कौन सा है यह सेक्शन और इसे पास करने का क्या है फॉर्मूला.

इन कारणों से प्रीलिम्स बनता है सबसे मुश्किल
यूपीएससी 2025 में 415वीं रैंक हासिल करने वाले शादाब अली खान नें अहम जानकारी दी. उन्होंने प्रीलिम्स को सबसे कठिन बताते हुए सबसे पहले यह कहा कि प्रीलिम्स में नेगेटिव मार्किंग होती है. जो इस पेपर को ज्यादा कठिन बनती है. वहीं इसके बाद इसका CSAT कई सालों से काफी ज्यादा मुश्किल और कठिन आ रहा है. हालांकि इस पेपर को सिर्फ 66 अंक लाकर क्वालीफाई ही करना होता है. मगर यह पेपर ज्यादातर उम्मीदवारों से क्वालीफाई नहीं हो पता है. उनका यह भी कहना था कि प्रीलिम्स के पेपर को किस तरह से अपने अटेम्प्ट करना है इस पर भी खास ध्यान देने की जरूरत होती है. पहले आपको उन सभी प्रश्नों के उत्तर पहले लिखने चाहिए जिनके उत्तर आप आसानी से और जल्दी कर सकते हैं. उसके बाद आपको उन प्रश्नों पर आना चाहिए. जिन पर थोड़ा समय लगेगा, लेकिन आप उनके उत्तर ढूंढ लेंगे. जिन प्रश्नों के बारे में आपको लगता है कि आप उनका उत्तर शायद ही निकाल पाएंगे. उन्हें सबसे आखिर में करें. अगर उन पर डाउट हो तो उन्हें छोड़ दें, क्योंकि अगर वे गलत हुए तो आपकी नेगेटिव मार्किंग हो जाएगी.

प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस पेपर और क्या नहीं पढ़ना है
यूपीएससी 2025 में 575वीं रैंक हासिल करने वाले शाहरुख खान का कहना है कि प्रीलिम्स पेपर को यदि आपको निकालना है, तो उसके लिए आपको करीबन पिछले कई सालों के प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर अच्छे से सॉल्व करने होंगे. उनका कहना था कि अगर यदि आप यह नहीं करते हैं तो आपका प्रीलिम्स निकलना लगभग मुश्किल हो जाता है. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि प्रीलिम्स के लिए स्ट्रेटजी से पढ़ना जरूरी होता है. क्या आपको पढ़ना है और क्या नहीं पढ़ना है? यह जानना आपके लिए काफी ज्यादा जरूरी होता है. उनका कहना था कि ज्यादातर उम्मीदवार वह सब कुछ भी पढ़ना शुरू कर देते हैं जो उन्हें प्रीलिम्स के लिए तो खासकर नहीं पढ़ना चाहिए. इसलिए ज्यादा पढ़ने के कारण भी प्रिलिम्स की स्ट्रैटेजी और पढ़ाई से वह काफी ज्यादा डिस्ट्रेक्ट हो जाते हैं.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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