पूर्णिया. बिहार के तेज तर्रार आईपीएस शिवदीप लांडे आजकल खूब सुर्खियों में हैं. बता दें बीते कुछ महीनों पहले और उन्होंने पूर्णिया में आकर आईजी रेंज का पदभार संभाला और कुछ दिनों तक अपनी सेवा देकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया. फिर क्या लोग अलग-अलग कयास लगाने लगे. वहीं, बिहार के तेज तर्रार आईपीएस शिवदीप वामन राव लांडे की चर्चा चारों तरफ होने लगी. हालांकि, कई लोगों ने तो पहले ही बता दिया था उनका इस्तीफा राजनीतिक पार्टी का संकेत दे रहा था.
मंगलवार को पटना में पूर्व आईपीएस और पूर्णिया के आईजी प्रभार में रह चुके शिवदीप वामन राव लांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी नई पार्टी हिंद सेना का गठन किया और राजनीति गलियारे में अपना कदम बढ़ाया. उनकी राजनीति का बिहार की सियासत पर कितना असर डालती है इसी बात को जानने न्यूज 18 लोकल की टीम पूर्णिया के कई लोगों से मिली और उनसे शिवदीप लांडे की नई पार्टी के गठन से संबंधित बातचीत की, तो लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिली. हालांकि, कई लोगों ने उन्हें राजनीति में प्रवेश करने पर शुभकामनाएं दी, तो कई लोगों ने चुनौतीपूर्ण बातों को स्वीकार करने के साथ कई चीजों की सलाह दी.
पूर्णिया के लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया
वहीं, जब लोकल 18 की टीम पूर्णिया के स्थानीय लोग गौतम कुमार, अभिषेक कुमार झा उर्फ बाबा, दिलीप कुमार दीपक, अखिलेश कुमार और सकलदेव कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि आजकल ऐसा ट्रेंड चल रहा है कि जब कोई बड़े आईपीएस अधिकारी कई वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में रहते हैं तो फिर वह राजनीति में एंट्री कर लेते हैं. हालांकि, ऐसे अधिकारियों का सोचना यह होता है कि जिस तरह प्रशासनिक कामकाज के दौरान पब्लिक का उन्हें जो प्यार मिलता है शायद वैसा ही प्यार नेता बनने के बाद भी मिले, ऐसा लोगों का मानना है.
पहले करते जनता की सेवा फिर बनाते पार्टी
लोगों ने बताया कि अभी शिवदीप लांडे को अपनी पार्टी का गठन नहीं करना चाहिए था, उन्हें अच्छे और नेक दिल अधिकारी के तौर पर अभी लोगों की और देश की सेवा करनी चाहिए थी. हालांकि, समय आने पर इन चीजों में आते तो वह एक अलग शोभनीय बात होती. लेकिन अचानक महज कुछ ही दिनों में अपना इस्तीफा देकर ‘हिंद सेना पार्टी’ का गठन कर लेना यह लोगों के लिए एक चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोग बताते हैं कि उन्हें लोग सिंघम के नाम से जानते थे और शिवदीप लांडे का नाम सुनकर गुंडा मवाली शहर को छोड़ गई कोसो दूर भाग जाया करते थे. उन्हें प्रशासनिक चीजों पर विशेष ज्ञान होगा, लेकिन उन्हें राजनीति से संबंधित अभी कम ज्ञान है जिस कारण उन्हें अभी राजनीति में बहुत कुछ सीखने की जरूरत पड़ेगी. फिर जाकर वह अपनी एक मजबूत और अच्छी पार्टी बनाकर सफलता प्राप्त कर सकते हैं.
बिहार के लोगों को सब पता है
लोगों ने बताया कि महाराष्ट्र नहीं बिहार में उन्होंने अपनी पार्टी का गठन किया है. उन्हें ऐसा लगा कि बिहार के लोग उन्हें ज्यादा चाहते हैं लेकिन जब वह आईपीएस के पद पर थे तब लोग उन्हें खूब चाहते थे लेकिन जब लोग राजनीति में आ जाते हैं तब बहुत कुछ सीखने की जरूरत होती है. ऐसे में यह समय उनके लिए काफी संघर्ष पूर्ण और चुनौतीपूर्ण रहेगा.
अभी राजनीति सीखने की होगी जरूरत
अखिलेश कुमार, गौतम कुमार, दिलीप कुमार सहित अन्य लोगों ने कहा कि वह अगर अपनी अच्छी पार्टी बनाते हैं तो सबसे पहले उन्हें अपने पार्टी में ग्रेजुएट पढ़े-लिखे लोगों को प्राथमिकता देना होगी. ऐसे लोगों को अपनी पार्टी में शामिल करें ताकि आने वाले समय में किसी भी तरह का कोई भ्रष्टाचार और ना ही कोई परेशानी हो. हर काम आसान होगा और सभी लोग जब शिक्षित रहेंगे तो निश्चित तौर पर सीखेंगे समझेंगे और उसका सही प्रयोग करेंगे. जबकि मौजूद लोगों ने कहा कि अब तक कई पार्टियां बनी और कई पार्टियां बनकर खत्म हो गई है, अब रोज नई-नई पार्टियां बन रही है. इसमें सबसे खास बात है कि शिवदीप लांडे को इन चीजों का विशेष ध्यान रखकर जनता की सेवा करना होगी, जनता के दिल को जितना होगा. जनता का सेवक बनकर आप जनता के दिल को जीत सकते हैं. तभी आपको सफलता मिलेगी.
