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Ghaziabad Spy News Update: गाजियाबाद के कौशांबी इलाके से फिर पाकिस्तान के लिए काम करने वाले लोगों को पकड़ा है. पुलिस लगातार जासूसी नेटवर्क का भांडाफोड़ कर दिया है. नेटवर्क का टारगेट सैन्य ठिकानों, सैनिक गतिविधियों और धार्मिक स्थलों की जानकारी जुटाना था. अब सवाल उठता है कि और कितने देश के गद्दार छिपे हुए हैं.
गाजियाबाद में जासूसी करने वाले पकड़े गए. (सांकेतिक तस्वीर)
गाजियाबादः उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद आजकल काफी सुर्खियों में है. वजह है खुफिया और जांच एजेंसियों का एक के बाद एक टेटर कनेक्शन का भांडाफोड़ करना. देश की जासूसी करने वालों की लगातार गिरफ्तारी की जा रही है. अब एक बार फिर पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक महिला और एक नाबालिग भी शामिल है. पुलिस ने इनके पास से 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
यह हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार मुख्य आरोपी नौशाद अली उर्फ लालू (20 वर्ष) सिर्फ कक्षा 8 तक पढ़ा हुआ है. वह हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला है. उसके साथ मीरा (28 वर्ष) निवासी मथुरा और एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है. दोनों की शिक्षा सीमित है और ये लंबे समय से इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे. पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह का संचालन सीमा पार से किया जा रहा था. इसके मुख्य सदस्य सुहैल मलिक, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर बताए गए हैं. नौशाद सोशल मीडिया के जरिए इस नेटवर्क से जुड़ा था और उसे ट्रेनिंग भी दी गई थी.
आरोपियों का क्या था काम?
- नौशाद अली
युवाओं को पैसे का लालच देकर गिरोह में जोड़ता था
रेलवे स्टेशन और सुरक्षा ठिकानों की रेकी कराता था
फोटो, वीडियो और GPS लोकेशन विदेश भेजता था - मीरा
असलाह (हथियार) की तस्करी में शामिल थी
पहले भी दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार की जा चुकी है
युवाओं को ऐसे फंसाया जाता था
गिरोह खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और तकनीकी जानकारी रखने वाले युवाओं को निशाना बनाता था. सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए ऐसे लड़कों और महिलाओं को जोड़ा जाता था ताकि शक कम हो. ये सभी नाबालिग और बालिग आरोपी रील बनाने का ड्रामा करते थे और उसी आड़ में संवेदनशील लोकेशनों की वीडियो फोटो खींच लेते थे. एरिया की लोकेशन देते थे ताकि कोई इन पर शक न करे. सूत्रों के मुताबिक गाजियाबाद जासूसी नेटवर्क में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वो कई महीनों से ग्रुप बनाकर जानकारियां इकट्ठा कर रहे थे, जहां भी जाते ग्रुप बनाकर निकलते थे. दिल्ली के कनॉट प्लेस और पहाड़गंज समेत इजरायली लोगों के होटल और वीवीआईपी की जानकारी इकट्ठा करके भेजी गई थी.
मामला कैसे सामने आया?
14 मार्च 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि कौशांबी क्षेत्र में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं. वे महत्वपूर्ण जगहों के वीडियो बनाकर बाहर भेज रहे थे. इस सूचना पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया गया. अब तक इस मामले में कई आरोपियों और कुछ नाबालिगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
