किसान ले सकते हैं 75 लाख से 2 करोड़ तक लोन, जानिए सरकार की ये खास योजना

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किसान ले सकते हैं 75 लाख से 2 करोड़ तक लोन, जानिए सरकार की ये खास योजना

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वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी ने देशभर में 10,300 गोदाम पंजीकृत किए हैं. किसान इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद (e-NWR) के माध्यम से आसानी से सस्ता लोन प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए किसानों को अलग से कहीं पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होती.

नई दिल्ली: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है. अब देश के किसान यदि लोन लेना चाहते हैं, तो भारत सरकार की एक विशेष योजना के तहत वे 75 लाख रुपये से लेकर 2 करोड़ रुपये तक का लोन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. यह जानकारी वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी (डब्ल्यूडीआरए) के डिप्टी डायरेक्टर जतिन ने दी. उन्होंने बताया कि यह संस्था किसानों को उनकी फसल सुरक्षित रखने के साथ-साथ उस पर कम ब्याज दर पर बैंक से लोन दिलाने में मदद करती है.

देश भर में 10,300 गोदाम पंजीकृत
वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी ने देशभर में 10,300 गोदाम पंजीकृत किए हैं. किसान इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद (e-NWR) के माध्यम से आसानी से सस्ता लोन प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए किसानों को अलग से कहीं पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होती. गोदाम में मौजूद अधिकारी ही पूरी प्रक्रिया पूरी करते हैं और किसानों को जो रसीद दी जाती है, उसी के आधार पर उन्हें लोन मिल जाता है.

बैंकों से कम ब्याज दर पर ऋण
इस रसीद के जरिए किसान बैंकों से कम ब्याज दर पर पोस्ट-हार्वेस्ट ऋण (फसल कटाई के बाद का ऋण) प्राप्त कर सकते हैं. इससे उन्हें अपनी फसल तुरंत बेचने की मजबूरी नहीं रहती. वे बेहतर कीमत मिलने तक इंतजार कर सकते हैं.

75 लाख से 2 करोड़ रुपये तक का लोन
डिप्टी डायरेक्टर जतिन ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को 75 लाख रुपये तक और गैर-कृषि व्यापारियों को 2 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाता है. इन लोन पर ब्याज दर बैंकों की न्यूनतम दर के अतिरिक्त अधिकतम 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष तक सीमित रहती है. यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों, महिलाओं, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और दिव्यांग किसानों पर केंद्रित है. इस येजना में न्यूनतम गारंटी शुल्क रखा गया है.

क्या है वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी (डब्ल्यूडीआरए)
डिप्टी डायरेक्टर जतिन ने बताया कि वेयरहाउसिंग अधिनियम, 2007 के प्रावधानों को लागू करने के लिए भारत सरकार ने 26 अक्टूबर 2010 को डब्ल्यूडीआरए की स्थापना की थी. इसका मुख्य उद्देश्य देश में नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करना है.

इस योजना से संबंधित जानकारी
यदि कोई किसान इस योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है, तो वह डब्ल्यूडीआरए की आधिकारिक वेबसाइट wdra.gov.in पर जाकर जानकारी ले सकता है. साथ ही, हेल्पलाइन नंबर 011-4909 2987 पर कॉल करके भी जानकारी प्राप्त कर सकता है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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