गाजियाबाद: अगर आप गाजियाबाद में रहते हैं और घर में शादी, पार्टी या कोई बड़ा आयोजन करने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! अब सिर्फ रिश्तेदारों को कार्ड भेजने से काम नहीं चलेगा, आपको नगर निगम को भी इसकी सूचना देनी होगी. अगर आपने ऐसा नहीं किया, तो आपकी खुशियों में जुर्माने का ग्रहण लग सकता है. नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिसके तहत लापरवाही बरतने पर ₹50,000 तक का भारी जुर्माना देना पड़ सकता है.
100 से ज्यादा मेहमान? तो निगम को बताना है जरूरी
नगर निगम के नए आदेश के मुताबिक, यदि आप किसी भी कार्यक्रम में 100 से अधिक लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं, तो आपको इसकी जानकारी कार्यक्रम की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले नगर निगम को देनी होगी. यह नियम केवल घरेलू आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी, गैर-सरकारी, कमर्शियल और गैर-आवासीय सभी तरह के आयोजनों पर समान रूप से लागू होगा.
सूचना देने के बाद नगर निगम आपसे ‘यूजर चार्ज’ वसूलेगा, जो आयोजन में आने वाले लोगों की संख्या के आधार पर तय किया जाएगा. इस नियम का उल्लंघन करने पर या सूचना न देने पर ₹5000 से लेकर ₹50000 तक का दंड भुगतना पड़ सकता है.
अब 2 नहीं, कचरे के लिए रखने होंगे 4 डस्टबिन
अभी तक हम आमतौर पर नीले और हरे डस्टबिन के बारे में सुनते आए हैं, लेकिन अब कचरा फेंकने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है. नए नियमों के तहत आयोजन स्थल पर कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटना अनिवार्य होगा:
- हरा डस्टबिन (गीला कचरा): इसमें रसोई का कचरा, जैसे सब्जियों और फलों के छिलके और बचा हुआ भोजन डालना होगा.
- नीला डस्टबिन (सूखा कचरा): इसमें कागज, प्लास्टिक और कांच जैसी सूखी चीजें रखी जाएंगी.
- लाल डस्टबिन (सेनेटरी वेस्ट): इसमें डायपर, सेनेटरी पैड्स और मेडिकल वेस्ट जैसा कचरा डालना होगा.
- काला डस्टबिन (विशेष श्रेणी/खतरनाक कचरा): इसमें बैटरी, लाइट बल्ब और इलेक्ट्रॉनिक कचरा रखा जाएगा.
नगर निगम की गाड़ियां तभी कचरा उठाएंगी जब वह इन चार श्रेणियों में अलग-अलग होगा. अगर आपने मिक्स कचरा दिया, तो निगम की टीम उसे उठाने से मना कर सकती है और आप पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
बैंकॉक हॉल और होटलों के लिए ‘बल्क वेस्ट’ नियम
यह सख्ती सिर्फ आम जनता पर ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी है. बैंक्वेट हॉल, होटल, रिजॉर्ट और बार को ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ (भारी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले) की श्रेणी में रखा गया है. इन्हें भी अपने यहां चार डस्टबिन की व्यवस्था करनी होगी. बड़े बैंक्वेट हॉल को अपने गीले कचरे के निस्तारण की व्यवस्था खुद ही करनी होगी, निगम उनकी साइट से गीला कचरा नहीं उठाएगा.
सैनिटरी इंस्पेक्टर रखेंगे सीधी नजर
प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए निगम ने तय किया है कि जो भी आयोजक सूचना देगा, उसे संबंधित सैनिटरी इंस्पेक्टर का मोबाइल नंबर दिया जाएगा. इंस्पेक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि निगम की टीम कचरा उठाने कब और कैसे आएगी. सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, उसे जलाने या नालियों में बहाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश के अनुसार, ‘यह पूरी व्यवस्था सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट 2026 के तहत लागू की जा रही है. शहर को साफ रखने के लिए आम लोगों और संस्थाओं का सहयोग बहुत जरूरी है.’
