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दिल्ली के सभी 13 राजस्व जिलों में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय खुलने से न केवल सरकारी कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि आम आदमी को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और उसे अपने घर के पास ही जरूरी काम निपटाने की सुविधा मिल जाएगी.
अब नई व्यवस्था के तहत दिल्ली के सभी 13 जिलों में आरटीओ होगा.
नई दिल्ली. कोरोना काल के बाद डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के चलते राष्ट्रीय राजधानी में बंद किए गए कई रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) अब फिर से खोले जाएंगे. दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग ने शहर के हर जिले में एक आरटीओ खोलने का फैसला किया है. कुल 13 आरटीओ ऑफिस दोबारा शुरू किए जाएंगे, जो नए जिला ढांचे के अनुसार काम करेंगे. यह फैसला राजधानी के लाखों वाहन मालिकों और ड्राइवरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. इसी के साथ अब दिल्ली में डीएल-13 वाहन रजिस्ट्रेशन सीरीज भी दोबारा चालू की जाएगी और डीएल-14 को बंद किया जाएगा.
वर्तमान में मॉल रोड, सराय काले खां, मयूर विहार और द्वारका में केवल चार आरटीओ ही चालू हैं. ट्रांसपोर्ट विभाग ने अपनी करीबअ 90% सर्विसेस को ऑनलाइन कर दिया था. इसमें लर्निंग लाइसेंस, DL रिन्यूअल, डुप्लीकेट लाइसेंस और वाहन ट्रांसफर जैसे काम शामिल हैं. लेकिन कई सर्विस ऐसी हैं, जिनके लिए फिजिकल वेरिफिकेशन या डॉक्यूमेंट जमा करना जरूरी होता है. ऐसे में केवल चार ही आरटीओ होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही थी.
इन जगहों पर खुलेंगे नए RTO ऑफिस
- मॉल रोड: ओल्ड दिल्ली जिला
- जाम नगर हाउस: नई दिल्ली जिला
- लाडो सराय: दक्षिण दिल्ली
- हरि नगर: पश्चिम दिल्ली
- लोनी: उत्तर-पूर्व दिल्ली
- सराय काले खां: दक्षिण-पूर्व दिल्ली
- मयूर विहार: पूर्व दिल्ली
- वजीरपुर: सेंट्रल नॉर्थ
- द्वारका: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली
- राजा गार्डन: सेंट्रल दिल्ली
- रोहिणी-1: आउटर नॉर्थ
- बुराड़ी: उत्तर दिल्ली
- रोहिणी-2: नॉर्थ वेस्ट
- क्या होगा फायदा?
क्या होगा फायदा?
दिल्ली के सभी 13 राजस्व जिलों में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय खुलने से न केवल सरकारी कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि आम आदमी को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और उसे अपने घर के पास ही जरूरी काम निपटाने की सुविधा मिल जाएगी. अभी केवल चार आरटीओ होने से लोगों को काफी भटकना पड़ता है. जैसे अगर कोई व्यक्ति रोहिणी या लोनी जैसे दूर-दराज के इलाकों में रहता है और आरटीओ में कोई फिजिकल वेरिफिकेशन करानी है तो उसे काफी लंबा सफर तय करना होगा.
अब नई व्यवस्था के तहत दिल्ली के सभी 13 जिलों में एक-एक समर्पित आरटीओ कार्यालय होगा. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आम नागरिक को अपने वाहन से जुड़े कार्यों के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी. आपके जिले का आरटीओ आपके घर के पास होगा, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी.
इसके अलावा कई बार तकनीकी खराबी या दस्तावेजों के मिलान में दिक्कत भी हो जाती है और लोग अपना काम ऑनलाइन नहीं निपटा पाते. क्योंकि उनके पास में कोई सहायता केंद्र नहीं था. अब ये 13 आरटीओ कार्यालय एक ‘सहायता केंद्र’ के रूप में काम करेंगे. यदि आपका काम ऑनलाइन अटक जाता है या आपको दस्तावेज जमा करने के लिए बुलाया जाता है, तो आपको शहर के दूसरे छोर पर जाने के बजाय अपने स्थानीय जिला आरटीओ में समाधान मिल जाएगा.
भीड़ से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में केवल चार आरटीओ चालू होने के कारण वहां काफी भीड़ लगती है. जब दिल्ली में 13 अलग-अलग केंद्रों पर काम का बंटवारा होगा, तो स्वाभाविक रूप से मौजूदा केंद्रों पर दबाव कम हो जाएगा. भीड़ कम होने से पारदर्शिता भी बढ़ेगी.
