अक्‍टूबर-नवंबर में जहरीली न हो द‍िल्‍ली की हवा, मई-जून में ही दिल्ली सरकार करने जा रही इंतजाम

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अक्‍टूबर में जहरीली न हो द‍िल्‍ली की हवा, मई-जून में ही सरकार कर रही इंतजाम

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दिल्ली सरकार आगामी सर्द‍ियों में द‍िल्‍ली को प्रदूषण से बचाने और हवा की गुणवत्‍ता को सुधारने के ल‍िए अभी से जुट गई है. सरकार मई से जुलाई तक आईआईटी दिल्ली, एनपीएल, आईकैट की निगरानी में 22 प्रदूषण रोधी टेक्नोलॉजी का ट्रायल करेगी, सफल होने पर सर्दियों से पहले लागू हो सकती है योजना.

द‍िल्‍ली में प्रदूषण से लड़ने के ल‍िए द‍िल्‍ली सरकार बड़ा करने जा रही है.

Delhi Air Pollution: सर्दी का मौसम आते ही दिल्ली में प्रदूषण स्तर बढ़ने लगता है और हवा जहरीली हो जाती है. पिछले कई सालों से हालत इतने भीषण हो जाते हैं कि हेल्थ एक्सपर्ट बहुत खराब एयर क्वालिटी की वजह से लोगों को कुछ दिनों के लिए दिल्ली छोड़ने तक की सलाह देते हैं. हालांकि अब अक्टूबर-नवंबर की आफत को रोकने के लिए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार मई-जून में ही कुछ ऐसा करने जा रही है, जिससे सर्दी आने पर दिल्ली की हवा में जहर को बहने से रोका जा सके और लोगों को सांस लेने के लिए साफ हवा मिल सके.

रेखा गुप्ता सरकार के प्लान को लेकर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि दिल्ली सरकार IIT दिल्ली, एनपीएल (NPL) और ICAT की निगरानी में कुछ बड़ा करने जा रही है. सरकार प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई के लिए 284 आईडिया में से चुनी गई 22 टेक्नोलॉजी का ट्रायल करेगी.

इस ट्रायल के तहत कश्मीरी गेट, लाल किला आदि जगहों पर जहां प्रदूषण का स्तर हर साल बहुत ज्यादा होता है और तमाम उपायों के बाद भी जिन क्लस्टर्स में हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ पाता है वहां 30 से 90 दिन तक इन तकनीकों से प्रदूषण को घटाने के तरीकों पर काम किया जाएगा.

जुलाई के महीने तक इस ट्रायल के बाद मिले नतीजों के आधार पर अगस्त से उन तकनीकों को दिल्ली में लगाने की संभावना होगी.

मई जून में किन उपायों पर होना है काम

  1. दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी इनोवेशन चैलेंज के तहत आईआईटी दिल्ली, इंटर्नल टेक्निकल इवेल्युएशन कमेटी के विशेषज्ञ मिलकर तकनीकी का ट्रायल करने वाले हैं.
  2. दिल्ली सरकार ने प्रदूषण घटाने के लिए इनोवेटिव 284 आईडियाज में से 22 आइडियाज को चुना है और इनकी मदद से दिल्ली के कुछ इलाकों में मई से जुलाई तक तकनीकी ट्रायल किया जाएगा और देखा जाएगा कि क्या इनसे प्रदूषण स्तर में कमी आ सकती है और एयर क्वालिटी सुधर सकती है.
  3. अगर इनमें से कोई आईडिया सफल रहता है तो दिल्ली सरकार उसे सर्दियों से पहले दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए इस्तेमाल कर सकती है.

मनजिंदर सिरसा ने कहा, ‘दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी इनोवेशन चैलेंज को आगे ले जाने के लिए आज मैंने दिल्ली सचिवालय में IIT दिल्ली, इंटर्नल टेक्निकल इवेल्युएशन कमेटी के विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग की. इनोवेशन चैलेंज का उद्देश्य वाहनों से होने वाले एम्बिएंट एयर पॉल्यूशन को कम करने के लिए इनोवेटिव टेक्नोलॉजीज को जमीन पर उतारना है.’

उन्होंने आगे बताया कि 284 टोटल आइडियाज में से जो में से जो 22 इनोवेटिव टेक्नोलॉजीज सेलेक्ट हुई हैं, उन्हें ISBT कश्मीरी गेट, लाल किला जैसे स्थानों पर लगाया जाएगा. 30 से 90 दिनों के ट्रायल IIT दिल्ली, NPL और ICAT की निगरानी में होंगे और मई के अंत तक डेटा और जुलाई तक अंतिम सिफारिशें दी जाएंगी ताकि दिल्ली को स्वच्छ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें.

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा मानना है कि दिल्ली के प्रदूषण से निपटने के लिए ‘इनोवेशन’ ही सबसे बड़ा समाधान है और इसी संकल्प के साथ दिल्लीवासियों को प्रदूषण से मुक्त किए जाने की कोशिशें हो रही हैं.’

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें

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