दिल्ली-NCR की तपती गर्मी का तोड़ है गाजियाबाद की यह गली, 50 रुपये में मिलता है सुकून और बचपन की यादें

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Chuski Wali Gali Ghaziabad: गाजियाबाद के शास्त्री नगर में सीबीआई अकादमी रोड पर स्थित ‘चुस्की वाली गली’ भीषण गर्मी में राहत का प्रमुख केंद्र बन गई है. घने पेड़ों की ठंडी छांव तले सजी 15 से अधिक दुकानें रंग-बिरंगी चुस्की, बर्फ के गोले और शिकंजी के साथ बचपन की यादें ताजा कर रही हैं. मात्र 50 रुपये में मिलने वाला यह बर्फीला स्वाद दिल्ली-NCR तक के लोगों को अपनी ओर खींच रहा है, जिससे यह जगह हर वर्ग के लिए पसंदीदा और किफायती ठिकाना बन चुकी है.

Chuski Wali Gali Ghaziabad: गर्मियों की तपती धूप और उमस जब शहर की रफ्तार को धीमा कर देती है, तब हर मन एक ऐसे ठंडे ठिकाने की तलाश करता है जहां चंद लम्हे सुकून के मिल सकें. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इन दिनों एक ऐसी ही जगह चर्चा का विषय बनी हुई है शास्त्री नगर के सामने स्थित सीबीआई (CBI) अकादमी रोड की ‘चुस्की वाली गली’. यह महज एक सड़क नहीं, बल्कि भीषण गर्मी से जूझते लोगों के लिए एक छोटा सा बर्फीला स्वर्ग बन चुकी है. घने पेड़ों की ठंडी छांव और बर्फ के गोलों की मिठास के बीच यहां पहुंचते ही लोगों के चेहरों पर एक ताजी मुस्कान तैर जाती है.

पेड़ों की छांव और बर्फीले स्वाद का संगम
सीबीआई अकादमी रोड पर बसी इस गली का नजारा किसी उत्सव जैसा नजर आता है. सड़क के दोनों ओर पेड़ों की घनी कतारें कुदरती एयर कंडीशनर का काम करती हैं. इस ठंडी छांव के नीचे करीब 15 से ज्यादा छोटी-छोटी दुकानें सजी हैं, जहां रंग-बिरंगी चुस्की, बर्फ के गोले, ठंडी शिकंजी और लजीज फालूदा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. दोपहर की चिलचिलाती धूप से परेशान राहगीर जैसे ही यहां कदम रखते हैं, उन्हें ठंडी हवा और बर्फीले जायके का एक अनोखा मेल मिलता है. बच्चों के लिए जहां यह जगह किसी मेले जैसी है, वहीं बड़े-बूढ़े भी यहां बर्फ का गोला खाते हुए अपने बचपन की गलियों में खो जाते हैं.

NCR के लोगों का पसंदीदा अड्डा
इस गली की लोकप्रियता अब केवल स्थानीय इलाकों तक सीमित नहीं रह गई है. चुस्की वाली गली का माहौल ही कुछ ऐसा है कि यहां आने वाले लोग न सिर्फ ठंडे पेय का लुत्फ उठाते हैं, बल्कि परिवार और दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम भी बिताते हैं. शाम होते ही यहां की रौनक दोगुनी हो जाती है. आलम यह है कि गाजियाबाद के साथ-साथ दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम से भी लोग खास तौर पर इस बर्फीले स्वाद का अनुभव लेने यहां पहुंचते हैं.

15 सालों का भरोसा और बढ़ती लोकप्रियता
यहां पिछले 15 सालों से अपनी दुकान चला रहे अशरफ इस जगह के बदलाव के साक्षी रहे हैं. वह बताते हैं कि उनकी दुकान पर चुस्की, गोला, शिकंजी, सोडा शिकंजी और रबड़ी फालूदा जैसी कई वैरायटी उपलब्ध हैं. अशरफ के अनुसार, “गर्मियों में जब लोग दूर-दूर से यहां आकर राहत महसूस करते हैं, तो वही हमारी सबसे बड़ी कमाई और खुशी होती है.” साल दर साल यहां आने वाले पर्यटकों और ग्राहकों की बढ़ती संख्या इस बात का सबूत है कि यह जगह अब गाजियाबाद की पहचान बन चुकी है.

किफायती दाम और सादगी की पहचान
‘चुस्की वाली गली’ की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी और बजट के अनुकूल होना है. आज के दौर में जहां कैफे और रेस्टोरेंट के बिल जेब पर भारी पड़ते हैं, वहीं यहां मात्र 50 रुपये में चुस्की और 50 रुपये में ही ठंडी शिकंजी का आनंद लिया जा सकता है. यही वजह है कि यह जगह हर वर्ग के लोगों, चाहे वो छात्र हों या कामकाजी पेशेवर, सबकी पहली पसंद बनी हुई है.

कुल मिलाकर, गाजियाबाद की यह चुस्की वाली गली गर्मियों में राहत का एक बेहतरीन और जीवंत ठिकाना बनकर उभरी है. यहां की ठंडी छांव, मीठा स्वाद और सुकून भरा माहौल तीनों मिलकर एक ऐसा अनुभव पैदा करते हैं, जो इस भीषण गर्मी में किसी वरदान से कम महसूस नहीं होता.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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